Chapter 15
किराये का पति - Chapter 15
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सुबह की हल्की धूप परदों से झांक रही थी। रात की बारिश के बाद शहर धुला-धुला सा लग रहा था। सान्वी की आँख खुली तो उसने देखा — विवान पहले से जागा हुआ था। वो बालकनी में खड़ा था, कॉफी मग