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Chapter 144

अनचाहा गठबंधन ✨ - Chapter 144

आप अकेली यही इसी घर में रहिएगा सारा को लेके उसे सपने दिखाते रहिएगा ।अपनी बात कह कर अनिल जी वहां से निकल गए विशाखा खड़ी की खड़ी रह गई उनकी कुछ बाते उनके दिमाग में घूमने लगी ।

अब आगे ...

शाम के 6 बज रहे थे ...

ईवा मुंह फूला कर सोफे पर बैठी थी उसके कुछ दूरी पर इवान फर्श पर आलथी  पालथी मार के बैठा था दोनों हांथ पर चेहरा रखा ईवा को प्यार से देख रहा था ।

लेकिन ईवा उसके तरफ नहीं  देख रही थी जब काफी देर गुजर गया तब इवान पीठ सीधे कर के बोला

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