अजब सा बंधन है - Chapter 1
इंदौर की सबसे बड़ी हवेली के दरवाज़े पर कई SUV रुकती हैं।
जिसमें से काले सूट में बॉडीगार्ड्स बाहर उतरते हैं। हर कदम पर उनकी मौजूदगी भारी लग रही थी, जैसे हवा में ही दबदबा फैल गया हो।
उन्हीं में से एक कार का दरवाजा खुलता हे और बाहर आता है।
सक्षम अग्निहोत्री।
बिजनेस का बादशाह, अंडर वर्ल्ड का माफिया, एकदम गुसेल किस्म का इंसान, उम्र 30 साल, कद करीब 6 फुट, और जिस्म ऐसा जैसे जो महीनों की मेहनत और जिम की पसीने की कहानी कह रहा हो। उसकी ब्लैक शर्ट की स्लीव्स हल्की ऊपर मुड़ी हुईं थीं, जिससे उसके मजबूत हाथ झलक रहे थे। चेहरे पर sharp jawline, हल्के गुलाबी होंठ, और गहरी भूरी आँखें — जिनमें इतनी ठंडक थी कि सामने वाला झिझक जाए ।
कदम भारी, चाल धीमी, सक्षम जैसे ही अग्निहोत्री हवेली के विशाल गेट से अंदर दाख़िल हुई, तो सारा स्टाफ सीधी कतार में खड़ा हो गया। काले संगमरमर की सीढ़ियाँ, ऊँची छतों वाली आलीशान हवेली और दीवारों पर लगी भारी पेंटिंग्स, जिनसे उसकी शानो-शौकत साफ झलकती थी ।
मुख्य हॉल - जहाँ बीचों बीच टांगे सुनहरे झूमर की रोशनी हर कोने में बिखरी थी। वहीं सोफे पर सक्षम के दादा ( हेमन्त अग्निहोत्री ) - दादी ( हिमा अग्निहोत्री ) , उसकी मोम ( देविका अग्निहोत्र ) , डैड ( अजय अग्निहोत्री ) छोटा भाई ( विवेक अग्निहोत्री, जो सक्षम से 6 साल छोटा था ) पूरा परिवार एक साथ बैठा हुआ था ।
जैसे ही सक्षम की दादी ने उसे अंदर आते हुए देखा वो बोली - “ क्या बात है सक्षम ? आपने ऐसे अचानक सबको एक साथ यहाँ क्यों बुलाया ? आखिर ऐसी कौन सी बात है ? "
सक्षम अपनी हाथ जेब मे डाले हुए, सभी को देख अपनी ठंडी आवाज में बोला - " बात सीधी है, दादी, आप सभी चहते थे न कि मैं शादी कर लूँ ?
वो आगे बोला - " मैं तैयार हु लेकिन शादी में अपनी पसंद की लड़की से करूंगा न कि आपकी पसंद की लड़की से। " उसकी गहरी, ठंडी आवाज़ पूरे हॉल में गूंज उठी ।
एक पल के लिए सब एक - दूसरे को देखने लगे। किसी ने नहीं सोचा था कि सक्षम जिसे अब तक किसी लड़की का नाम लेते नहीं सुना, वो आज अचानक ऐसे उन सबके सामने ये एलान करेगा कि वो एक लड़की वो पसंद करता है ।
उसकी मोम और छोटा भाई दोनों हैरान थे। बाकी सब का भी लगभग यही हाल था। मगर सक्षम वहीं खड़ा रहा, ठंडी निगाहों से सबको देखता हुआ। उसकी आँखों में साफ साफ लिखा था -
" ये फैसला मैंने किया है, और मेरी मरज़ी के आगे किसी की नहीं चलेगी । "
उसके डैड ने उससे तुरंत पूछा— “ सक्षम, वो लड़की है कौन ? जिससे तुम शादी करना चाहते हो ? ”
“ आध्या वर्मा। ” सक्षम अपनी ठंडी आवाज में बोला ।
ये नाम सुनते ही सबके चेहरों पर सवालों की लकीर खींच गई।
उसकी मोम में धीरे से पूछा — “ सक्षम … क्या वह लड़की आपको पसंद भी करती है ? ”
सक्षम ने बिना एक पल सोचे, freely जवाब दिया — “ उससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह मुझे पसंद करती है या नहीं।
आप लोग बस उसके परिवार वालों से बात कर लीजिए, मेरी शादी होगी तो सिर्फ उसी से होगी। मान गए तो ठीक, नहीं माने तो मैं अपने तरीके से बात करूँगा। ”
उसकी बात सुन उसके डैड तुरंत कड़ा स्वर में बोले — “ ‘अपने तरीके से का’ तुम्हारा क्या मतलब है ? ”
सक्षम ने बस एक टेडी सी मुस्कान के साथ कहा— “ वो सब बताना मैं जरूरी नहीं समझता, डैड। ”
ये बोल वो सीढ़ियों की ओर बढ़ा और सीढ़ियां चढ़ते हुए बिना पीछे देखे बोला — “ मेरा असिस्टेंट कल आपको उनके एड्रेस तक पहुँचा देगा। ”
सक्षम सीढ़ियाँ चढ़ता हुआ second floor पर पहुँचा। उसके
कदमों की आवाज़ उस सन्नाटे में और भारी लग रही थी । सामने आते ही उसने अपने room का दरवाज़ा खोला ।
कमरा एकदम luxury dark theme में डूबा हुआ था । दीवारें matte black और deep charcoal shades में थीं, जिन पर soft golden lights embedded थीं । इतनी हल्की कि आँखों को चुभे बिना कमरे में एक रहस्यमयी warmth घोल रही थीं। फर्श पर dark wooden flooring, जिस पर चलते हुए हल्की सी ठंडी firmness महसूस होती थी।
कमरे में कदम रखते ही उसने अपनी शर्ट उतारी और सोफ़े पर फेंक दी। फिर धीमे क़दमों से बालकनी की ओर बढ़ गया। सामने wide glass balcony door खोल वो balcony में आया। वह खड़े होकर अपनी जेब से सिगरेट निकाल अपने होठों के बीच रख lighter से चलते हुए कस लेने लगा। पहली कश लेते ही धुआँ उसकी साँसों से निकलकर हवा में घुल गया।
उसकी आँखें सामने फैले अंधेरे में और भी गहरी हो चुकी थीं। उनमें एक ठंडी, बेरहम चमक तैर रही थी। जैसे उसके भीतर कोई खतरनाक खेल शुरू हो चुका हो। होंठों के कोने ऊपर उठे और उसके चेहरे पर एक खामोश, खतरनाक मुस्कान फैल गई, ऐसी हँसी जिसमें रहम नाम की कोई जगह नहीं थी।
वो बहुत धीमी आवाज़ में, लगभग फुसफुसाते हुए खुद से बुदबुदाया — " मिस आध्या ... तैयार हो जाओ मेरी कैद में आने के लिए। एक ऐसी क़ैद ... जिससे तुम चाहकर भी नहीं भाग सकोगी। तुम्हारा हर आँसू ... तुम्हारा हर दर्द ... मेरे सुकून की वजह बनेगा। ”
उसने एक और गहरी कश ली, ठंडी हवा उसके चेहरे से टकरा रही थी, मगर उसके भीतर सुलगती आग और भड़क उठी। लबों पर आधी, बेरहम मुस्कान थी और आँखों में नफ़रत की गहरी परत हर कश के साथ उसके इरादे और ज़्यादा पक्के होते जा रहे थे।
“ अब खेल शुरू होगा … ” उसने बेहद ठंडी आवाज़ में बुदबुदाया। सिगरेट का आख़िरी कश लेते ही उसने उसे पैरों तले कुचल दिया।
सिगरेट बुझाते वो अपने कमरे के अंदर वापस आ गया। bed के पास आकर रुक उसने side table पर रखा अपना फोन उठा कर किसी को कॉल किया।
सक्षम ने कॉल connect होते ही उसने सामने वाले इंसान से सीधे सीधे कहा, “ अध्या वर्मा की पूरी life file चाहिए मुझे।
family, friends… हर छोटी detail. एक भी चीज़ miss नहीं होनी चाहिए। ”
दूसरी तरफ़ से सिर्फ़— “ ok sir. ” ये सक्षम का aisstent था। Call कटते ही उसके होंठों पर वही खतरनाक मुस्कान लौट आई।
वो armchair पर बैठा, दोनों हाथ आपस में बाँध लिए। उसकी आँखों में अब इंतज़ार नहीं था। सिर्फ़ planning थी।
ये शादी उसके लिए रिश्ता नहीं एक war move थी। बाहर रात और गहरी हो चुकी थी, और second floor के उस dark luxury room में एक ऐसी कहानी लिखी जा रही थी। जिसका अंजाम अध्या की आने वाली लाइफ़ के लिए आसान नहीं होने वाला था।
- - - - - - - - - - - - - - - - -
प्यारे रीडर्स ❤️
सक्षम और अध्या की कहानी आगे किस मोड़ पर जाएगी, ये सफ़र आसान नहीं होने वाला।
आपको ये चैप्टर कैसा लगा, अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए। आपके हर कमेंट से मुझे लिखने की और भी ताक़त मिलती है ✨