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Chapter 33

सुबह की वो अनकही केमिस्ट्री - Chapter 33

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शिव मुड़ा, उस की चॉकलेटी ब्राउन आंखें गौरी पर टिकीं। जैसे कोई चुंबक। वो धीरे-धीरे उस के पास आया, उस की दिल की धड़कनें बढ़ रही थीं। हर कदम के साथ तेज हो रही थी । गौरी की भी हाल वैसा

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