Junoon-e-Ishq - Chapter 3
दिल्ली की ठंडी सुबह थी। आसमान हल्का-सा धुंध से भरा, जैसे शहर अपने ही खयालों में खोया हो। दूसरी तरफ़, मुंबई एयरपोर्ट की रनवे पर चमकती लाइट्स में Singhania परिवार की कार धीरे-धीरे रुक रही थी। सुरक्षा गार्ड दरवाज़ा खोलने आगे बढ़ा और एक के बाद एक Singhania family के लोग बाहर निकले।
Rajveer Singhania, अपने संजीदा, कम बोलने वाले अंदाज़ में, बस इतना बोले—
“चलिए,
उनके पीछे Devyani ji, Aarush, और बाकी परिवार के लोग।
कुछ ही देर में सब एरोप्लेन में बैठ चुके थे और फ्लाइट टेक-ऑफ की तैयारी में थी।
इंजन की आवाज़ तेज़ हुई, जहाज़ रनवे पर दौड़ा और थोड़ी देर में बादलों के ऊपर उड़ चला—जैसे एक नई कहानी की शुरुआत हो गई हो…
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⭐ दूसरी तरफ़ दिल्ली…
Aanya अपने घर के drawing room में खड़ी थी। सूटकेस ज़मीन पर रखा था लेकिन बंद। उसके माँ-पापा घर जाने की तैयारी में थे क्योंकि गाँव में शादी थी।
Aanya: “पापा, मुझे सीधे शादी वाले दिन आना है। मैं अभी नहीं चलूँगी।”
पिता Pawan ji ने उसकी तरफ़ देखा,
“बिटिया, इतने साल बाद पूरा परिवार इकट्ठा हो रहा है। चलना चाहिए न?”
लेकिन Aanya पहले ही तय कर चुकी थी।
“Papa, please… main aa jaungi shaadi ke din. Aap log jao.”
Suman ji ने थोड़ी नाराज़ी में कहा—
“हमेशा अपनी मन की करती हो! ठीक है, जाओ मत, पर ध्यान रखना। और mobile चालू रखना।”
Aanya ने सिर हिलाया और हल्की मुस्कान दी,
“जी।”
कुछ देर बाद पूरा परिवार निकल गया—पापा, मम्मी, भाई… और घर अचानक शांत हो गया।
Aanya ने जैसे ही दरवाज़ा बंद किया, उसका सवाल मन में उठा—
“Aaru online होगा क्या?”
वो मुस्कुराई और mobile उठाकर message भेजा—
Aanya: Kaha ho Aaru?
(यहाँ readers के लिए—Aaru का मतलब Aarush ही है, जिससे Aanya की online दोस्ती हुई थी, पर उसे ye pta nhi tha ki aaru और Aarush ak hi insan hai na kabhi us ne aaru ko dekha)
Message भेजकर Aanya सो गई।
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✈ अगले दिन
Singhania family UP के बनारस पहुँच चुकी थी। एयरपोर्ट पर grand welcome चल रहा था। पुराना शहर, मंदिरों की घंटियों की आवाज़ और बनारसी बोलचाल—हर चीज़ में एक अलग warmth थी।
Vijay ji ने Rajveer ji को गले लगाते हुए स्वागत किया। दोनों परिवार बड़े हॉल में बैठ कर बातें कर रहे थे। लेकिन Aarush का ध्यान कहीं और था।
वो किसी को तलाश रहा था—बिल्कुल साफ़ नज़र आ रहा था। Rajveer और Devyani समझ भी चुके थे कि उसका ध्यान किस पर है।
Rajveer ने सीधे Vijay ji से पूछ ही लिया—
“वो… Aanya नहीं दिख रही?”
Vijay ji ने थोड़ा अनचाहे अंदाज़ में जवाब दिया,
“वो दिल्ली में ही है। कुछ काम था। शायद शादी वाले दिन आ जाए।”
ये बोलते हुए उन्होंने Pawan ji को नाराज़ नज़र से देखा। Pawan ने सिर झुका लिया।
उधर Aarush ने ये बात सुनी तो उसके माथे पर चिंता की लकीरें साफ़ उभर आईं। उसका चेहरा तनाव में बदल गया।
कुछ मिनट बाद, माहौल में हल्की हँसी-मज़ाक चल रहा था, लेकिन Aarush उठकर चुपचाप वहाँ से चला गया।
वो सीधे अपने कमरे में पहुँचा और ज़ोर से पंच मारा शीशे की तरफ़। (इजाफ़ा नहीं किया—बस उसका गुस्सा दिख रहा था।)
उसने फोन उठाया तो देखा…
Aanya का message रात से पड़ा है।
उसने बिना reply किए, सीधा call किया।
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Aanya ने call उठाया
“Hello hero! Kaise ho?”
Aarush के अंदर गुस्सा था, लेकिन उसने control किया।
“Thik hoon."
Aanya बोली—
“Subah message kiya tha, reply hi nahi diya!”
Aarush थोड़ा रुखा बोला—
“Main meeting mein tha।”
Aanya को कुछ कहने का मौका मिलता इससे पहले उसके फोन पर दूसरी call आने लगी।
“Accha, baad mein call karti hoon… bye!”
और उसने call काट दी।
Aarush का गुस्सा भड़क गया। उसने फोन ज़ोर से बिस्तर पर फेंक दिया।
नीचे से उसकी धीमी आवाज़ सुनाई दी—
“Tum mujhse ab nahi bach sakti.”
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उसी समय Delhi में…
Aanya के फोन पर call आया उसकी बड़ी मौसी की बेटी Alyaa का।
“कमिनी लड़की! तू शादी पर क्यों नहीं आई?!”
Aanya हँसी,
“आ जाऊँगी न शादी वाले दिन!”
Alyaa नाराज़ होकर बोली—
"Drama mat kar! Singhania family भी आई है, tujhe pata hai??"
Aanya को कुछ समझ नहीं आया,
“Singhania??? … मतलब?”
Alyaa बोलती गई—
"Tu chup chap aa! Meri kasam!"
“Acha theek hai… aa jaungi,” Aanya ने मान ही लिया।
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✈ अगली सुबह
Aanya फ्लाइट में बैठने से पहले Aaru को message करती है—
“Hero, main UP ja rahi hoon. Mere bhai behan ki shaadi hai.”
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वहीं दूसरी तरफ़…
Aarush का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था। वो कमरे से बाहर तक नहीं निकल रहा था। फ़ोन तो उठाना तो दूर, छू भी नहीं रहा था।
पर उसके अंदर बस एक ही बात चल रही थी—
“Aanya ne bataya kyun nahi?
उसके मन में सवाल भी थे और एक अजीब-सी बेचैनी भी…
लेकिन Aanya को अभी ये नहीं पता था कि उसकी ज़िंदगी में क्या होने वाला है।
क्योंकि उसकी एक छोटी-सी फैसला—
“शादी वाले दिन आऊँगी”—
किसी दूसरे के अंदर तूफ़ान बन चुका था।
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Aanya की flight हवा में थी…
rathore Mention की सोने जैसे दीवारों पर Aarush की बेचैनी जैसे परछाई बन कर टंग चुकी थी।
और बहुत जल्द…
वो दोनों एक ही शहर में होने वाले थे—
बनारस।
जहाँ नदियाँ शांत थीं, पर किसी का दिल तूफ़ान की तरह उबल रहा था…
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