Junoon-e-Ishq - Chapter 2
शाम का समय था। Singhania Mansion की विशाल खिड़कियों में से सुनहरी रोशनी अंदर उतर रही थी। पुराने राजस्थानी स्टाइल से सजी डाइनिंग टेबल पर पूरा परिवार बैठा था। घर का माहौल शांत था—शायद आज कुछ अलग था।
Rajveer Singhania अपने गिलास को हल्के से टेबल पर रखते हैं। उनके सामने बैठे Aarush ने सिर झुकाकर खाना खा रहा था—वो वैसे भी कम बोलता था। उसके चेहरे पर वही ठंडापन, वही mystery, मानो किसी अपने ही संसार में कैद हो।
इसी दौरान Vikram ने पिता की ओर देखा,
“Papa, aap kuchh bolna chahte the?”
Rajveer ने धीमे से मुस्कुराया,
“Hamare dost Vijay ji ke ghar shaadi ka mausam hai। Unke Pote Aryen ki shaadi phir bees din baad Arnisha ki. Hum soch rahe the ki kuchh din wahan up chale jayein. Ek-do mahine ka tour ho jaayega.”
यह सुनकर टेबल पर मौजूद बाकी भाई-बहन चमक उठे। Singhania परिवार वैसे भी रिश्तेदारों के बीच मशहूर था, और shaadi matlab celebration!
Vikram और उनकी पत्नी Nandini मुस्कुराए—
“Ji… waha bhi ghoom-fhir lenge.”
पर Devyani और Rajveer ने एक-दूसरे को देखा—
“Kal subah hi nikalte hain. Sab tayyar ho jaayenge.”
Kiara ने उत्सुकता से पूछा,
“Dadaji… Aarush bhai bhi aa rahe hai ?
Rajveer ने गहरी नज़रों से Aarush को देखा,
“Woh to aayega hi.”
Aarush ने बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सिर झुकाया। उसका चेहरा पढ़ पाना वैसे भी नामुमकिन था।
परिवार खुशी से अपने-अपने कमरों में तैयारियाँ करने निकल गया।
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दूसरी तरफ—Dark Mansion
Singhania Family की दूसरी प्रॉपर्टी जिसे लोग चुपचाप “Dark Mansion” कहते थे। कारण कोई नहीं जानता था—पर Aarush की personality ही उस जगह को नाम दे चुकी थी।
बाहर दरवाज़े पर Rolls-Royce Phantom आकर रुकी।
दरवाज़ा खुला—और पूरी शान से Aarush बाहर निकला। काला फॉर्मल, confident walk, तीखी आंखें। Mansion के guards ने तुरंत सिर झुका लिया।
Aarush के साथ एक और लड़का था—
Abhi Singhania…
लोग समझते थे वह मुंशी का बेटा है, पर सच में वह Aarush का सबसे नज़दीकी इंसान था। Assistant भी, दोस्त भी, और शायद भाई जैसा भी।
दोनों सीधे अंदर आए। Abhi वहीं रहता था क्योंकि वो अनाथ था… और Aarush ने बचपन से उसे अपने साथ रखा था।
Aarush ऊपर अपने कमरे की ओर गया। कपड़े बदले, और फिर सीधे Study Room।
Study की दीवारों पर Family portraits, trophies और antique लकड़ी की अलमारियाँ। Aarush धीरे-धीरे एक locker खोला, और उसमें से एक Photo निकाली।
उस तस्वीर में शादी के जोड़े में एक लड़की और एक लड़का खड़े थे—बहुत साल पुरानी तस्वीर… पर Aarush की आँखों में जिसे देखकर वही पुराना तूफ़ान जाग उठा।
उसकी आँखें गहरी हो गईं…
एक जुनून… एक चाहत… एक खामोश आग।
उसने तस्वीर को छूकर धीरे से कहा—
“Saalo ka intezaar sirf is lamhe ke liye tha… jis din tasveer se aage badhkar, tum khud mere saamne hogi.”
उसकी आवाज़ धीमी थी, पर हर शब्द में पागलपना छिपा हुआ।
तभी दरवाज़ा खुला—
Abhi आया।
“Taiyaari ho gayi?”
Aarush ने बिना पलके झपकाए कहा,
“Sab set rakho… hum kal hi nikal rahe hain.”
Abhi हंसते हुए कुर्सी पर बैठा,
“Sach me lagta hai wo tujhe pehchaan legi?”
यह बात सुनकर Aarush की आँखें पल भर को लाल सी चमकीं—
वो धीरे से बोला,
“Main use bhoolne nahi dunga… chahe wo bhool bhi jaye. Ab main use apni zindagi se jaane nahi dunga.”
Abhi ने माथा पकड़ा,
“Tu sach me pagal ho raha hai… kya pata wo kisi aur se pyaar karti ho...”
Aarush की सांसें भारी हुईं। वो Abhi के करीब आया—
बिना गुस्सा चिल्लाए, सिर्फ आंखों से चेतावनी दी—
“Koi uske kareeb nahi aayega. Samjha? Kuch log sirf ek hi dil ke liye likhe jaate hain.”
और सीधा बाहर चला गया।
Abhi गहरी सांस लेकर बोला—
“Pata nahi… ab wo ladki kaise sambhalegi is pagal ko.”
फिर खुद भी अपने कमरे की ओर चला गया।
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अगले दिन – Singhania Mansion का माहौल
सुबह-सुबह सारा स्टाफ पैकिंग में लगा था।
Kiara,Arjun,Krish,Ira,Veeransh,Ranveer,Viaan उत्साहित होकर कपड़े चुन रहे थे
“Bhai ke favourite colour ke outfits bhi pack karna!”
Kiara बोली।
पर Aarush—जैसे किसी पुराने धुएं में खोया हुआ था।
उसके दिमाग में बस एक ही नाम था…
एक ही चेहरा…
किसी को पता नहीं था— वो लड़की कौन है…
जिसे देखकर Aarush की दुनिया रुक जाती थी।
कारों की लंबी लाइन Mansion के सामने खड़ी थी
Aarush बस शांत खड़ा था…
मगर उसकी नज़रें कहीं और थीं।
उसे मालूम था— जैसे ही वो वहाँ पहुंचेगा— उस लड़की से उसका सामना होना तय है।
और यही ख्याल उसे बेचैन कर रहा था…
या शायद खुश भी।
Aarush कभी खुलकर नहीं हँसता था।
बचपन में उसकी असली माँ का देहांत हुआ।
बाप बिज़नेस में व्यस्त, रिश्ते सिर्फ formalities बन गए।
पर उस लड़की ने कुछ साल पहले उसके अंदर जो रोशनी जगाई थी…
अब वही उसकी अँधेरा बन चुकी थी।
वो तस्वीर—
वो शादी—
और वो अधूरा रिश्ता…
Aarush ने कभी किसी को नहीं बताया,
कि उसने उस दिन एक वादा किया था—
वो उसे एक दिन जरूर वापस पायेगा।
Final Scene
Aarush कार में बैठा।
आँखें बंद कीं
और बस एक नाम फुसफुसाया—
“Main aa raha hoon…”
जैसे उस लड़की को पता हो
कि कोई दूर से उसकी किस्मत बदलने आ रहा है।
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