Chapter 13
काश एक दूजे से मिलते ही नहीं । - Chapter 13
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लेकिन अब बस बहुत हुआ । मैं कोई खिलौना नहीं हु जिसे जब मन किया तुम सीने से लगा लो और जब मन करे उसे खुद से दूर कर दो । और वैसे भी मैं तुम्हे भूल के जिंदगी में बहुत आगे बढ़ चुकी हूं।