Chapter 95
REBORN FOR LOVE - Chapter 95
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वही उनकी बात सुनकर साधना जी उनकी तरफ देख कर बोलती है - ये ख़ुशी के आँसू है हमने हमेशा से ही त्रिशूल को खुद से दूर पाया है हमने तो कभी सोचा ही नहीं था कि कभी भी कुछ ठीक हो पायेगा ये