Chapter 55
“"अधूरा सपना ”” ( E ) - Chapter 55
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“दिल की धुनें” सुबह की हल्की धूप खिड़की से भीतर झाँक रही थी। अर्जुन बालकनी में बैठा था, उसके हाथ में गिटार था — लेकिन आज वो गाना नहीं गा रहा था, बस तारों को छेड़कर कुछ सोच रहा था।