Chapter 248
The Forced Vows - Chapter 248
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"अनु, ये क्या है?..... आपकी माँग भरी हुई कैसे है?... आप जानती हैं न कि अब आप सुहाग की निशानी नहीं पहन सकतीं और आप अंगद के सामने सिंदूर लगाकर बैठी हैं?" उनकी चिंता की वजह