Chapter 8
“कैद-ए-इश्क़” - Chapter 8
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दावत खत्म हो चुकी थी। गाँव वाले सहमे-सहमे घर लौट गए थे। लेकिन निशा का दिल अब भी धड़क रहा था। दादा-दादी ने कहा— “बिटिया, तू यहीं बाहर खड़ी रह, हम लोग गाड़ी का इंतज़ाम देखते हैं।” इत