Chapter 125
नज़दीकियाँ बाहो की- Chapter 125
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आगे, अंतरा ,नंदिता को बहुत गुस्से में देख रही थी ! उसका मन कर रहा था कि वो बस नंदिता की जान हि ले ले ! लेकिन अपने गुस्से को शांत करते हुए वो अभिराज को देखी और अभिराज को देखते ही उस