Chapter 97
'Ek ehsaas' do dilon ki - Chapter 97 "आपसे कितना प्यार करती हूं"
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
अब आगे, रात का वक़्त, अन्वी का घर, अन्वी अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ी बाहर आसमान में चमकते चाँद को देख रही थी। उसकी आँखों में कई जज़्बात तैर रहे थे। कल रात की यादें जैसे किसी फि