शादी : एक अनचाहा बंधन Ch. 3

शादी : एक अनचाहा बंधन - Chapter 3

Posted by Desire World • Aug 09, 2025 03:33 PM

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साइना उसी तरह उदास और नाराज़, आंखों में आंसू के साथ कुछ सोचते सोचते ही अपने कमरे में चली गई, उस की बहन राइमा उसे रात के खाने के लिए बुलाने आई, लेकिन साइना का खाना खाने का भी बिल्कुल मन नहीं था इसलिए उस ने मना कर दिया।

उधर दूसरी तरफ, राजवीर के घर में भी उस की शादी तय होने से सभी बहुत ज्यादा खुश थे। अगर कोई खुश नहीं था तो वह था खुद राजवीर!

साइना और राजवीर दोनों ही यह सगाई और शादी नहीं करना चाहते थे, इस के लिए दोनों के अपनी कारण थे जोकि वह अपनी फैमिली को भी नहीं बता सकते थे और शायद बता कर भी कोई फायदा नहीं था क्योंकि कोई नहीं था उन की प्रॉब्लम सुनने और उसे समझने वाला।

साइना और राजवीर दोनों के ही घरों में सगाई की तैयारियां बहुत ही जोर शोर से चल रही थी, सिर्फ लड़का और लड़की को छोड़ कर बाकी सब बहुत खुश थे। यह शादी पूरी तरह से एक अरेंज मैरिज थी, साइना और राजवीर दोनों ही एक दूसरे से पूरी तरह से अनजान थे, इसलिए आपस में बात कर के भी वह एक दूसरे को शादी के लिए मना नहीं कर सकते थे क्योंकि पता नहीं था की शादी ना करने की बात जान कर सामने वाला कैसा रिएक्ट करेगा।

सगाई से 3 दिन पहले, साइना की मां, पापा, बहन और भाई राजवीर के घर जाते हैं, सगाई के लिए शगुन और दूल्हे के कपड़े ले कर और साथ ही सगाई के रीति रिवाज और परंपराओं के बारे में बातचीत करने भी...

साइना उस वक्त घर में अकेली थी इसलिए उस ने अपनी बेस्ट फ्रेंड श्रेया को कॉल लगाया, श्रेया उस के घर से थोड़ी ही दूरी पर रहती थी, इसलिए साइना ने उसे अपने घर बुला लिया।

कुछ देर बाद श्रेया, साइना के घर आ गई और साइना ने उसे अपनी शादी तय होने वाली पूरी बात बता दी और साथ ही यह भी कि वह यह शादी नहीं करना चाहती है लेकिन पेरेंट्स को क्या बोल कर मना करें?

इतने दिनों से तो वह अपनी शादी की बात कोई ना कोई बहाना बनाकर टालती आ रही है, लेकिन इस बार कोई भी बहाना काम नहीं आया और सामने से लड़का और परिवार सब कुछ सही लग रहे हैं मम्मी पापा को इसलिए शादी पक्की हो गई है और तो और सगाई तो इसी महीने की 22 तारीख को है।

साइना परेशान सी बोलती जा रही थी और श्रेया उस की परेशानी समझते हुए उस की सारी बातें सुन रही थी , सारी बातें सुनने के बाद श्रेया बोली - "सब से पहले तो मैं तुझ से बहुत ज्यादा नाराज हूं , सगाई और शादी तक बात पहुंच गई और मुझे अब आज पता चल रहा है?"

"श्रेया यार तू पागल है क्या? यह कोई वक्त है नाराज़ होने का, मैं तुझे अपनी प्रॉब्लम बता रही हूं और तुझे ड्रामा सूझ रहा है।"-साइना श्रेया पर गुस्सा करते हुए बोली

"अरे यार! मैं तो बस मजाक कर रही थी, लेकिन तू इतना क्यों सोच रही है देख पास्ट में जो हो गया वह तो हो गया, और अब कभी ना कभी, किसी ना किसी से तो तुझे शादी करनी ही है, तो फिर जब अंकल आंटी बोल रही है कि सब कुछ अच्छा है, तो एक बार भरोसा करके देख ले।" - श्रेया साइना को समझाती हुई बोली

"यार श्रेया! प्लीज, अब तू भी शुरू मत हो जाना मम्मी पापा और राइमा की तरह, तु तो सब कुछ जानती है ना कि क्यों मैं किसी से भी शादी नहीं करना चाहती हूं।" - साइना बोली

"लेकिन यार जो हो गया उस वजह से अपना आने वाला कल बर्बाद कर देना कोई अक्लमंदी तो नहीं है ना, आज नहीं तो कल शादी तो होनी ही है तेरी भी और मेरी भी, फिर भी अगर तू अभी मेंटली रेडी नहीं है तो मैं बात करूं एक बार आंटी से..."- श्रेया उस की बात समझते हुए बोली

"यार लेकिन जैसे इंसान को मैं जानती तक नहीं, ठीक से मिली भी नहीं सिर्फ एक बार ही देखा है उस से सगाई और शादी वह भी सब कुछ इतनी जल्दी में हो रहा है कि मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा।" - साइना परेशान सी बेड पर बैठती हुई बोली

"तू क्यों टेंशन ले रही है मेरी जान, मिलना है क्या तुझे मेरे होने वाले जीजू से, तू बस बोल तो एक बार, मैं इंतजाम करती हूं ना मिलने का।" - श्रेया उसे छेड़ते हुए बोली

"तू कभी नहीं सुधरेगी मैंने तुझे अपनी परेशानी बताने के लिए फोन किया है और तुझे मजाक सूझ रहा है, मुझे नहीं मिलना विलना किसी से, रहने दे तू, वैसे भी आज मम्मी पापा गए हैं सगाई का शगुन ले कर, कुछ नहीं हो सकता अब तो तय है मेरी सगाई और शादी होना।" - साइना बोली

"मै वैसे भी सब तुझे हंसाने के लिए मजाक कर रही थी, और जो भी होगा अच्छा ही होगा, अब मेरी बेस्टी इतनी स्वीट है, उस के साथ कुछ गलत कैसे कर सकते हैं भला गॉड जी।" - श्रेया साइना को साइड हग करते हुए बोली

"हां, अब तक बहुत अच्छा किया है गॉड ने मेरे साथ , जो आगे अच्छा होगा रहने दे यार! मैंने तो उम्मीद ही छोड़ दी हैं अपनी आने वाली जिंदगी से..." - साइना कुछ सोचते हुए फिर से उदास हो गई और उदास होते हुए बोली

"यार तू क्यों बार बार उसी बारे में सोच कर उदास हो जाती है? जरूरी नहीं कि पहले एक बार बुरा हुआ हो तो हर बार ही तेरे साथ वैसा होगा, बी पॉजिटिव यार!"- श्रेया बोली

"हम्म , क्या करूं यार कुछ वही तो यादें हैं मेरे पास सोचने को, बाकी तो और कुछ बचा नहीं..." - बोलते बोलते साइना की आंखों में आंसू आ गए

"अरे यार! चुप हो जा, इतनी देर से तुझे चीयर अप करने की कोशिश कर रही हूं और तू है कि सैड हुए जा रही है बार-बार..." - श्रेया मुंह बनाते हुए बोली

"नहीं, मैं ठीक हूं ! " साइना श्रेया से बोली

दूसरी तरफ शेखावत मेंशन में,

साइना और राजवीर दोनों के घर वाले शेखावत मेंशन के बड़े से शानदार हॉल के बीचोबीच पड़े सोफे पर आमने-सामने बैठकर सगाई की रस्म डिसकस कर रहे थे।

"कल आप साइना को हमारे साथ भेज देंगी।" - राजवीर की मां ने साइना की मां से पूछा

"किस लिए?" साइना की मां ने पूछा

"कुछ नहीं, बस हम सोच रहे थे कि सगाई का लहंगा साइना की पसंद का होगा तो वह ज्यादा खुश होगी, और कल हम लोग शॉपिंग के लिए जा रहे हैं तो सोचा उसे भी साथ लेते चलेंगे।" - राजवीर की मां बोली

"वह मैं भेज तो देती लेकिन अभी वह आप लोगों से इतना घुली मिली नहीं है, इसलिए अकेले आने में शायद उसे अजीब लगे और वह मना कर दे आने के लिए..."‌- साइना की मां बहाना बनाते हुए बोली

"हां, मैं समझ सकती हूं अभी वह हम लोगों को जानती नहीं है लेकिन आखिर उसे आना तो हमारे ही घर है ना ! शेखावत परिवार की बहू बन कर, वैसे चाहे तो आप या राइमा भी उस के साथ आ सकती है कल हमारे साथ शॉपिंग पर।" - राजवीर की मां बोली

"अरे नहीं मैं कहां , मुझे तो बहुत काम निपटाने हैं सगाई से पहले , मैं साइना से पूछ कर आप को फोन पर बता दूंगी साइना और राइमा आ जाएंगी।" - साइना की मां बोली

"हां, यह ठीक रहेगा, आप बता दीजिएगा कंफर्म करके तो मैं गाड़ी भिजवा दूंगी आप के घर।" - राजवीर की मां मुस्कुराते हुए बोली

इसी तरह की थोड़ी बहुत और बातचीत करने के बाद, साइना के परिवार वाले शेखावत मेंशन से अपने घर वापस आ गए, श्रेया जब तक अपने घर वापस जा चुकी थी।

साइना ने दरवाजा खोला उस के घर वाले अंदर आकर सोफे पर बैठ गए, साइना सब के लिए पानी लेने किचन में चली गई और फिर सब को पानी पिलाने के बाद वापस अपने कमरे की तरफ जाने लगी उस का मन अभी भी कुछ उदास था।

श्रेया से बात कर के साइना को थोड़ा अच्छा लग रहा था लेकिन वह फिर से अपनी शादी और सगाई की बातें नहीं सुनना चाहती थी अपनी मां के मुंह से, इसलिए वापस अपने कमरे की तरफ जा रही थी।

लेकिन तभी उस की मां ने उसका हाथ पकड़ कर उसे वही रोकते हुए कहा - "रुक तू 1 मिनट यहीं, मुझे तुझ से कुछ बात करनी है।"

"क्या बात करनी है मां, जल्दी बोलिए।" - साइना बेमन से वही रुकते हुए और सोफे पर बैठती हुई बोली

पानी पीने के बाद साइना की मां बोली - "तेरी होने वाली सास ने कहा है कि कल सगाई का लहंगा खरीदने के लिए तुझे उन के साथ जाना है, क्योंकि वह चाहती है सगाई का लहंगा तेरी पसंद का हो।"

"अरे मां! तो आप बोल देते कि मैं तो कुछ भी पहन लूंगी, उन की पसंद का भी, मुझे मन नहीं है बिल्कुल भी शॉपिंग वाॅपिंग पर जाने का, किसी के भी साथ।" - साइना मुंह बनाती हुई बोली

"हां, मुझे पता था तू यही बोलेगी इसलिए पहले मैंने भी उन्हें टालने की कोशिश की थी लेकिन फिर उन्होंने कहा कि वह तुझे अकेले नहीं ले जा रही , राइमा को भी साथ ले जाना, तो फिर मैं उन्हें मना नहीं कर पाई।" - साइना की मां बोली

"अच्छा ठीक है, कब जाना है?" - साइना आखिर हार मानते हुए बोली

"ओ वाओ दी, आई एम सो एक्साइटेड!" - राइमा खुश होते हुए बोली

"इस की ही शादी कर दो मां पहले, कुछ ज्यादा ही खुश और एक्साइटेड है यह..." - साइना , राइमा की तरफ देखते हूए बोली

"अरे दी, मैं तो आप के लिए खुश हूं, आप के ससुराल हो कर आए हैं अभी हम सब, पता है जितना बड़ा अपना घर है, उतना बड़ा तुम सिर्फ उन का हाॅल है!" राइमा साइना को बताने लगी

"तो मैं क्या करूं, वैसे भी घर नहीं दिल बड़े होने चाहिए लोगों के, बाकी चीजें मैटर नहीं करती मेरे लिए; अच्छा मां, आप टाइम पूछ लेना उन लोगों से कि कल कितने बजे जाना है शॉपिंग के लिए, मैं रेडी हो जाऊंगी।" - इतना बोल कर साइना वहां से चली गई और उस की मां राजवीर की मां को फोन करने लगी।

उधर दूसरी तरफ से फोन रिसीव होते ही साइना की मां ने खुश होते हुए बोला - "ठीक है, मैंने साइना से बात कर ली है वह और राइमा कल आ रही है आप लोगों के साथ, समय बता दीजिए, उसे रेडी भी होना होगा।"

"अरे वाह! चलिए अच्छा है अब हमें ज्यादा परेशानी नहीं होगी, साइना की पसंद का लहंगा ढूंढने में क्योंकि वह खुद ही पसंद कर लेगी, मैं कल दोपहर 1:00 बजे तक आप के घर गाड़ी भिजवा दूंगी।" - राजवीर की मां ने बोला

"हां, यह ठीक रहेगा, नमस्ते!" - बोल कर साइना की मां ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया और राजवीर की मां ने भी...

राजवीर की मां, साइना की मां से फोन पर बात कर के जैसे ही कॉल डिस्कनेक्ट की उन की नज़र घर के अंदर आते हुए राजवीर पर पड़ी, उन्होंने राजवीर से कहा - "राजवीर, कल तुझे कोई जरूरी काम तो नहीं है ना ऑफिस में?"

"क्या हुआ मां, आप ऐसे क्यों पूछ रही हैं?" - बिना अपनी मां की तरफ देखें मोबाइल में ही लगे हुए राजवीर ने अपनी मां से पूछा

"3 दिन बाद तेरी सगाई है बेटा, याद तो है ना तुझे थोड़ा उस पर भी ध्यान दे ले, काम तो हमेशा ही करता रहता है।" - राजवीर की मां उसे ताना मारते हुए बोली

"आप लोग भूलने दो तब ना..." - राजवीर धीमी आवाज में बुदबुदाते हुए बोला

जिसे कि राजवीर की मां सुन नहीं पाईं और उस से पूछने लगी - "कुछ कहा क्या तूने, बेटा?"

"अरे मां, आप ऐसे क्यों बोल रही हो, बिल्कुल याद है बोलिए क्या करना है कल?" - राजवीर ने बात बदलते हुए कहा

"कल तुझे हमारे साथ शॉपिंग पर चलना है, तेरी होने वाली पत्नी और उस की छोटी बहन भी हमारे साथ आ रही है, उस के लिए कपड़े, जेवर और बाकी सगाई का जरूरी सामान खरीदना है।" - राजवीर की मां ने कहा

"हां, तो मां आप लोग चले जाइए ना, यह सब लेडीस शॉपिंग में मेरा भला क्या काम मेरे कपड़े तो आ गए हैं ना?" - राजवीर बहाना बना कर मना करते हुए बोला

"अरे क्या लेडीस शॉपिंग, कुछ तो तेरी भी पसंद का होना चाहिए ना तेरी बीवी के लिए, तू बस इतना बता साथ आ रहा है या नहीं?" राजवीर की मां ने उस से पूछा

"सॉरी मां, कल मेरी एक बहुत ही जरूरी मीटिंग है जिसे मैं मिस नहीं कर सकता, आप लोग ही चले जाओ, कल शॉपिंग पर" - और इतना बोल कर राजवीर मोबाइल से किसी को कॉल मिलाता हुआ बाहर की तरफ चला गया।

"यह लड़का भी ना कभी मेरी बात नहीं मानता, हजार तो बहाने है इस के पास मेरी हर बात टालने के लिए, बड़ी मुश्किल से तो शादी के लिए हां की है इस लड़के ने.." - राजवीर की मां वही पर खड़ी खड़ी खुद ही बोल रही थी कि तभी उन की बेटी संजना पीछे से आ कर उन के दोनों कंधे पर हाथ रखती हुई बोली - "क्या हुआ मां, ऐसे अकेले में किस से बातें कर रही हो?"

"कुछ नहीं बस तेरे भाई राजवीर ने परेशान कर रखा है मुझे" - उस की मां(वीना जी) बोली

"अब क्या कर दिया भैया ने?" - संजना ने अपनी मां से पूछा

"कल शॉपिंग पर साथ चलने के लिए बोल रही थी मैं, तो उस ने मना कर दिया बोलता है कि उस की कोई जरूरी मीटिंग है।" - उस की मां ने जवाब दिया

"अब भैया ने बोला है, तो होगा कोई जरूरी काम उन को" - संजना अपनी मां से बोली

"हां शायद, लेकिन तू तो चल रही है ना कल मेरे साथ शॉपिंग पर" - वीना जी संजना से पूछते हुए बोली

"हां , मां ऑफ कोर्स साथ चलूंगी मैं तो आखिर मेरे भाई की शादी है।" - संजना हंसते हुए बोली

क्रमशः

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