Chapter 117
Rebirth ek kismat 🔥 - Chapter 117
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मन्नत मुस्कुरा कर कहती है, "मुझे राजवीर चाहिए भी नहीं, नया राजवीर को तुम ही रखो अपने पास। लेकिन राजवीर बाहर तड़पेगा, तुम अंदर तड़पोगे, लेकिन तुम दोनों को ही मौत नसीब नहीं होगी क्यो