Force marriage Ch. 1

Force marriage - Chapter 1

Posted by Sonam Gupta • Jul 16, 2025 09:04 PM

चैप्टर = 1

मेरे पिंजरे में कैद हो जाओगी

एक बहुत बड़े और आलीशान विला के अंदर हॉल में एक आदमी, जिसका नाम करन राठौड़ था, वह अपनी सर्द आवाज में अपने सामने खड़े सबसे वफादार आदमी विनोद और बॉडीगार्ड की तरफ देखते हुए कहता है।

"तुम लोगों के पास सिर्फ 1 घंटा है। अगर 1 घंटे के अंदर वह लड़की मुझे मेरी आंखों के सामने नजर नहीं आई, तो तुम लोग खुद को गोली मार लेना। वरना अगर मैंने तुम लोगों को मारा तो तुम लोग मौत की भीख मांगोगे, मगर तुम लोगों को मौत नसीब नहीं होगी।"

तभी विनोद बोला,

"जी बॉस, आप चिंता मत कीजिए, हम 1 घंटे के अंदर-अंदर मैम को खोज कर यहां पर ले आएंगे।"

इतना बोलकर विनोद अपने साथ बहुत से बॉडीगार्ड को साथ लेकर उस लड़की को खोजने के लिए निकल गया।

इधर दूसरी तरफ,

मुंबई के एक सुनसान सड़क पर एक खूबसूरत सी और बेहद मासूम लड़की, जिसका नाम कुमुद था, वह जितना हो सके उतनी तेज भागे जा रही थी और साथ में बोली भी जा रही थी,

"नहीं, मैं उस जगह पर वापस बिल्कुल भी नहीं जा सकती। वह आदमी बहुत खतरनाक है। मुझे जल्द से जल्द यहां से कहीं दूर भागना होगा, जहां पर वह आदमी मुझे कभी ना पकड़ सके।"

इतना बोलकर वह अपनी आंखों से आंसू पोंछ लगातार भागे जा रही थी। वह करीब 1 घंटे से भाग रही थी। उसने जो सिंपल सी जींस और कुर्ती पहनी हुई थी, वह भी पूरी तरह से गंदी हो गई थी। उसके पैरों में भी बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन वह इन सभी बातों को इग्नोर किए बस भागे जा रही थी।

तभी उसके सामने काली रंग की बहुत सी कार आकर खड़ी हो गईं। उस कार को देखकर उस लड़की की तो मानो सांसे ही थम सी गईं। वह दूसरी तरफ से भागने लगी, मगर उस कार ने उसे चारों तरफ से घेर लिया था। कार में से विनोद और बहुत से बॉडीगार्ड निकल कर कुमुद को चारों तरफ से घेर लेते हैं। विनोद थोड़ा आगे जाकर रिस्पेक्ट के साथ कहता है,

"मैम, प्लीज हमारे साथ चलिए।"

कुमुद अपनी घबराई हुई आवाज में कहती है,

"नहीं, मैं नहीं जाऊंगी। तुम लोग प्लीज मेरे रास्ते से हटो और मुझे जाने दो।"

"प्लीज मैम चलिए, वरना सर गुस्से में हमें तो मारेंगे ही, बल्कि वे आपको भी नहीं छोड़ने वाले। इसलिए मेरी बात मान कर चुपचाप चलिए।"

"नहीं, मैं नहीं जाऊंगी, तुम कुछ भी कर लो, मुझे कहीं नहीं जाना।"

इतना बोल वह एक बॉडीगार्ड को धक्का देकर वहां से भागने लगती है, जिससे विनोद बॉडीगार्ड को कुछ इशारा करता है, जिससे बॉडीगार्ड्स समझ कर जल्दी से अपने हाथों में ग्लव्स पहन लेते हैं और बिना देरी किए कुमुद को पकड़ कर कार के अंदर डाल कार स्टार्ट कर वहां से निकल जाते हैं। (ग्लव्स बॉडीगार्ड्स ने इसलिए पहना था क्योंकि करन को बिल्कुल भी पसंद नहीं था कि कोई भी उसकी चीज को बिना उसके पूछे हाथ भी लगाए और वह सारे बॉडीगार्ड्स ये बात बहुत अच्छे से जानते थे। उन्हें कुमुद को हाथ लगा अपनी जान थोड़ी गवानी थी, जिस वजह से उन लोगों ने ग्लव्स पहन लिए थे।)

कुछ देर बाद कार करन के विला पर आकर रुकी और बॉडीगार्ड्स कुमुद को पकड़ कर विला के अंदर ला करन के सामने छोड़ देते हैं। वहीं कुमुद करन को देख, जो इस वक्त सोफे पर आराम से एक पैर के ऊपर दूसरा पैर चढ़ाए आराम से बैठा हुआ था, उसे देख कुमुद बहुत डर जाती है। उसके माथे पर पसीने की बूंद चमकने लगती हैं, उसके हाथ पैर बुरी तरह से कांप रहे थे।

वहीं करन कुमुद को ऐसे देख एक डेविल स्माइल करता है और सोफे से उठ कुमुद के पास जा उसके बालों को कस कर पकड़ दांत पीसते हुए कहता है,

"लिटिल खरगोश, बहुत शौक है ना तुम्हें भागने का, आज मैं तुम्हें ऐसा सबक सिखाऊंगा कि आज के बाद तुम भागना भूल जाओगी।"

इतना बोलकर वह कुमुद के बालों को वैसे ही पकड़ कर खींचते हुए सीढ़ियों से ऊपर की ओर ले जाने लगता है, वहीं कुमुद रोते हुए कहती है,

"प्लीज, प्लीज मेरे बालों को छोड़ दीजिए, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज छोड़ दीजिए।"

पर करन पर कुमुद के बातों का कोई असर नहीं हुआ, वह वैसे ही उसे खींचते हुए एक बड़े और आलीशान कमरे में ला कर उसे जमीन पर धक्का दे देता है, जिससे कुमुद मुंह के बल फर्श पर गिर जाती है और उसके घुटनों में चोट लग जाता है।

पर करन को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता और वह फिर घुटनों के बल कुमुद के पास बैठ दोबारा उसके बालों को पकड़ खींच देता है, जिससे कुमुद की चीख निकल जाती है, लेकिन फिर भी करन नहीं रुकता और कुमुद के बालों पे अपनी पकड़ और मजबूत करते हुए कहता है,

"लिटिल खरगोश, तुम नहीं जानती पर तुम मेरा प्यार, नफरत, जिद, जुनून, सनक सब हो और इतना सब कुछ होने के बाद भी तुमने यहां से भागने की कोशिश की। वेरी बेड लिटिल खरगोश, वेरी बेड। अब गलती की है तो सजा तो मिलेगी ना।"

कुमुद उसकी बात सुनकर रोने लगती है और रोते हुए कहती है,

"ये आप कैसी बातें कर रहे हैं, मैंने आपका क्या बिगाड़ा है, जो आप मेरे साथ ऐसा कर रहे हैं, मैं तो आपको जानती तक नहीं, प्लीज मुझे जाने दीजिए, प्लीज मैं आपके सामने हाथ जोड़ती हूं, प्लीज मुझे जाने दीजिए, अगर मैंने गलती से भी आपके साथ कुछ भी गलत किया है तो मैं उसके लिए आपसे माफी मांग लूंगी, लेकिन प्लीज मुझे जाने दीजिए।"

कुमुद के बातों का करन कोई जवाब नहीं देता और उठकर ड्रॉल के पास जा, ड्रॉल ओपन कर उसमें से कुछ पेपर निकलता है और पेपर लेकर कुमुद के पास जा दोबारा घुटने के बल बैठ उसे वह पेपर देते हुए कहता है,

"जल्दी साइन करो इस पेपर पर।"

"मैं क्यों करू इस पेपर पर साइन? ये किस चीज के पेपर है?"

करन डेविल स्माइल करते हुए कहता है,

"ये तुम्हारी कैद के पेपर हैं। इस पेपर पर साइन करके तुम हमेशा हमेशा के लिए मेरे पिंजरे में कैद हो जाओगी। अब जल्दी साइन करो और हां, साइन करने के पहले एक बार पढ़ जरूर लेना, आखिरकार तुम्हें भी तो मालूम करना चाहिए कि इसे साइन करने के बाद तुम्हारी औकात क्या है?"

इतना कहकर करन जबरदस्ती कुमुद के हाथ में वह पेपर दे देता है, जिससे कुमुद ना चाहते हुए भी वह पेपर पढ़ने लगती है और जैसे-जैसे वह ये पेपर पढ़ती है, वैसे-वैसे उसके फेस के एक्सप्रेशन बदलते जाते हैं और पूरा पेपर पढ़ने के बाद वह पूरी तरीके से शॉक रह जाती है और उसकी आंखों से लगातार आंसू बहे जा रहे थे। वह हैरानी से करन की तरफ देखने लगती है, उसे तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि कोई इंसान ऐसा कैसे कर सकता है एक लड़की के साथ?

करन डेविल स्माइल करते हुए कहता है,

"क्या हुआ लिटिल खरगोश, तुम इतनी हैरान क्यों हो? क्या तुम्हें समझ में नहीं आया कि इसमें क्या लिखा है? कोई बात नहीं लिटिल खरगोश, मैं हूं ना, मैं तुम्हें पढ़ कर बताता हूं कि इसमें क्या लिखा हुआ है? तो लिटिल खरगोश, ये हमारी शादी के पेपर हैं और इसमें कुछ नियम और शर्तों के बारे में लिखा हुआ है, जो तुम्हें मानना पड़ेगा, बिल्कुल किसी कठपुतली की तरह।"

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आज के लिए बस इतना ही दोस्तों, मिलते हैं नेक्स्ट एपिसोड में।

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