Chapter 24
besharm mona
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मोना उसके सामने घुटनों पर बैठी थी… उसकी सांसें धीमी और भारी थीं, आँखों में वही प्यास — जो सिर्फ समर ही बुझा सकता था। उसके होंठों पर नमी थी, और आँखें समर की आंखों से बिल्कुल नहीं हट