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Chapter 429

My Mysterious Husband - Chapter 429

सुनैना को ढूंढते हुए अपने कमरे से बाहर निकलकर आदित्य अपने स्टडी रूम की तरफ आया और स्टडी रूम का दरवाजा उसकी उम्मीद के मुताबिक खुला ही हुआ था, तो उसने दरवाजा अंदर की तरफ करके पूरा खोला और कमरे में आया तो उसे वहां पर बैठकर पढ़ती हुई सुनैना नजर आई और पढ़ते-पढ़ते वह मुंह पर हाथ रखकर जम्हाई भी ले रही थी। शायद वह काफी देर से ही वहां पर बैठकर पढ़ रही थी।

"सोना तुम यहां क्या कर रही हो और मैं तुम्हें इतनी देर से कमरे में, पूरे घर में ढूंढ रहा हूं।" - आदित्य ने उसकी तरफ आते हुए पूछा तो उसकी बात सुनकर सुनैना ने तिरछी नजरों से उसकी तरफ देखा और फिर वापस से अपने सामने रखी किताब में ही नजरें कर लीं।

सुनैना का ऐसा रिएक्शन देखकर आदित्य ने जीभ अपने दांत से काटते हुए अपनी एक आंख बंद की और खुद से बोला, "ओ गॉड! लगता है नाराज है, तैयार हो जा आदित्य बेटा!"

इतना बोलते हुए आदित्य बहुत ही धीरे-धीरे चलता हुआ, एकदम दबे पांव उसके करीब आया और चुपचाप जाकर सुनैना के पीछे खड़ा हो गया। वह चेयर पर बैठी हुई थी तो आदित्य ने पीछे से ही अपने हाथ उसकी गर्दन में डाले और अपना सिर उसके कंधे पर रखते हुए बोला, "मेरी याद आ रही थी तो फोन कर लेती, इस तरह से यहां स्टडी रूम में आकर... मेरे यहां होने के एहसास को महसूस कर रही थी क्या?"

धीरे से सुनैना के कान के पीछे किस कर लिया और वह सुनैना का बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव एरिया है तो सुनैना ने तुरंत ही अपनी गर्दन एक साइड में की और बोली, "आह्! क्या कर रहे हो आदि! ऐसा कुछ भी नहीं है, तुम ना कुछ ज्यादा ही चीज़ें फैंटसीज करने लगे हो, हटो और पढ़ने दो मुझे?"

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