Chapter 119
सिंदूरी सपने - Chapter 119
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
नूर तेज दोनों ही तैयार खड़े एक दूसरे को देख रहे थे। यहाँ दोनों ही एक से बढ़कर एक लग रहे थे। "चलें फिर", तेज ने कहा तो नूर उसे देखने लगा, "चलो", उसने कहा। दोनों बाहर आए तो दोपहर ढलन