Chapter 128
Dil hai tumhaara - Chapter 128
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चारों ओर रंगों की बौछार थी। ढोलक की थाप पर सब झूम रहे थे। हवाओं में गुलाल घुला हुआ था और हर चेहरा किसी नई उम्मीद में चमक रहा था। सब खुश थे। क्योंकि ज़िंदगी अब पटरी पर लौट रही थी। प