Chapter 157
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"ये मैंने क्या कर दिया निशांत जी..... एक ऐसी बच्ची जिसे जानवर के लगने पर भी दर्द होता था, उसे मजबूत बनाने के चक्कर में निर्दय बना दिया.....!" कोमल की आवाज़ में बेहिसाब दर्द झलक रहा