Forbidden love - Chapter 1
Indore, Madhya Pradesh.
Moonlight क्लब।
इंदौर का सबसे बड़ा और सबसे मशहूर क्लब जहां पर अक्सर काफी बिगड़े और अमीरजादे लोग ही आते थे ।क्लब के एक कोने में कुछ लड़के लोग ड्रग्स और दारू के नशे में चूर थे।वही दूसरी तरफ कुछ लड़कियां काफी छोटे और रिविलिंग ड्रेस पहन कर नशे में चूर होकर लड़कों के साथ डांस कर रही थी।
वही एक लड़की जो उस वक्त हाथ में ड्रिंक की ट्रे पकड़े कस्टमर को सर्व कर रही थी।
तभी एक आदमी ने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा, " क्या यहां सबको ड्रिंक सर्व कर रही है एक बार हमे अपनी सर्विस तो दे।हमे खुश तो कर ।यकीन कर बहुत पैसा देंगे।जितना तेरा ये बार मालिक देता है न उस से कहीं ज्यादा एक रात का दूंगा।
तभी वो लड़की अपना हाथ छुड़ा कर वहां से चुपचाप जाने लगती है।वहां से जाने के बाद वो लड़की काउंटर पर जकड़ खड़ी होकर बोली, " पता नहीं ये लोग को समझते क्या है ?
अगर इतने ही अमीर है तो कही दान क्यों नहीं कर देते? लेकिन पैसे तो फालतू उड़ाने का सोचते है।अगर मेरी मजबूरी न होती न तो यहां काम ही न करती।
तभी उसके बगल में खड़ी उसकी एक दोस्त बोली, " अब क्या होगा राशि कपूर? तू इतना गुस्सा क्यों हो रही है?
वैसे भी अगर ये लोग पैसे न उड़ाए न यहां आकर ।तो हमे भी पेमेंट नहीं मिलेगी।इन लोगों के पैसे उड़ाने कि वजह से हमें पैसे मिलते है।
तभी राशि ने गुस्से से कहा, " इसका मतलब ये नहीं कि पैसे के दम पर किसी को भी बिस्तर पर लाने की बात करेंगे ये लोग रिया।
रिया ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा,चल अब इतना भी गुस्सा मत कर।अपना जल्दी से काम खत्म करते है और यहां से निकलते है।वरना तुझे पता है वो तेरा सनकी और पगला दीवाना आशिक यहां आ जाएगा।फिर तो कुछ भी नहीं कर पाएगी।
वो यहां आए उस से पहले ही यहां से अपना काम खत्म कर के निकल जाते है।
राशि ने रिया को घूरते हुए कहा,उसका नाम भी मत लेना ।उसे देख कर जो तो चाहता है कि खून कर दूं।मगर उसकी पावर और पैसे की ताकत के आगे मैं कुछ भी नहीं कर सकती।खैर ! अब चल जल्दी से अपना काम खत्म करते है। ये कह कर राशि एक बार फिर से अपना काम पर लग गई।
मुंबई।
एक बड़े से होटल के काफी लक्जरियस रूम के अंदर काफी ज्यादा अंधेरा था। हल्की से भी रोशनी का कोई पता नहीं था। उस रूम के आलीशान बेड पर एक लड़का आराम से बैठ कर अपना काम कर रहा था। उतने सन्नाटे में सिर्फ एक लैपटॉप की रोशनी और उसकी आवाज ही आ रही थी।
तभी अचानक से उसका फोन बजा।उसने बिना नजरे हटाए अपना फोन उठाया।तभी उधर से उसके असिस्टेंट अक्षत देवन ने कहा, " बॉस लड़की आपके रूम में आ रही है।
उस लड़के ने ठीक है जवाब देकर फोन काट दिया।
तभी अचानक से कमरे का दरवाजा खुला।एक लड़की अन्दर आई जिसने काफी टाइट और सेक ड्रेस पहन रखी थी।उसे देख कर लग रहा था कि अगर उसने जरा सा भी झुकने की कोशिश की तो उसकी ड्रेस फट जाएगी।
उस लड़की ने कमरे में अंधेरा देख कर कहा, " कोई है क्या? इतना अंधेरा क्यों कर रखा है।मिस्टर राठौड़?
तभी एक डार्क सी आवाज आई ।उसने कहा, चुपचाप सीधे कदम से दस कदम आ जाओ। वो लड़की अब बाद न बोले आ गई।तभी उस लड़के ने अंधेरे में उस लड़की का हाथ पकड़ कर बेड की तरफ खींचा और उसके कपड़े फाड़ दिए।ऐसा होते ही लड़की एक अल को शॉक्ड हुई मगर अगले पल उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।क्योंकि वो यही तो चाहती थी कि अरमान सिंह राठौड़ के गठीले और सुडौल बदन को महसूस करे और उसकी जवानी का मजा ले।
अब उन दोनों के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था।कुछ देर में उस कमरे से। सिसकियों भरी आवाजें आने लगी।
इंदौर।
राशि अपना काम खत्म करके चेंजिंग रूम मैं आई।उसने अपने वर्किंग कपड़े खोल कर घर के कपड़े पहन लिए।अपने चेहरे से सारा मेकअप उतार कर पूरा क्लीन कर लिया।तभी वहां पर क्लब का मैनेजर आया।उसने राशि के हाथ मैं एक लिफाफा थमाते हुए कहा, "ये रही तुम्हारी इस महीने की पेमेंट ।कल से हो सके थोड़ा जल्दी आना।कुछ काम है।राशि ने हां में सिर ह लाया और वहां से जाने लगी।
तभी उसके पास रिया दौड़ते हुए आई।उसे इस तरह देख कर राशि ने कहा , " क्या हुआ तू इस तरह क्यों हाफ रही है।सब ठीक तो है न।
रिया अपनी सांस को कंट्रोल करते हुए बोली, वो , वो आया है।वो युवराज थापर।वो इस तरफ ही आ रहा है।ये बात सुन कर राशि की आंखों हैरानी से बड़ी हो गई।तभी अचानक से ग्रीन रूम का दरवाजा खुला।सामने खड़े शख्स को देख कर राशि की सांसें तेज हो गई।
उसके ठीक सामने एक हट्टा कट्टा लड़का खड़ा था।जिसका बदन बहुत सुडौल और गठीला था।उसके बायसेप्स और मसल्स कपड़े के ऊपर से भू साफ दिख रहे थे।उसके बड़े ब्राउन बाल काफी सिल्की और सॉफ्ट थे।
उसने एक नजर मैनेजर और रिया को देख तो उसकी नजरों को समझ कर वो दोनो वहां से रवाना हो गए।क्योंकि उन दोनों को पता था। की इसे राशि से ही बात करनी है।
रिया जाने से पहले राशि के पास कानों खड़ी होकर बोली, "" प्लीज डरना मत। डट कर सामना करना। क्योंकि ये तुझे कुछ भी नहीं करेगा।ये कह कर रिया वहां से चली गई।
सबके जाते ही युवराज ने दरवाजा बंद किया।उसके ऐसा करते ही राशि एक पल के लिए डर गई।मगर उसने चेहरे पर खुद को जाहिर नहीं होने दिया। युवराज उसके अब एक दम करीब आया ।उसने उसके बालों को पीछे करते हुए कहा , " क्या हाल है जाने मन? "
राशि उसके टच से कंफर्टेबल हो रही थी।उसने उसका हाथ झटकते हुए नॉर्मली टोन में कहा, "" मुझे छुआ मत करो"।
उसके ऐसा करते ही युवराज ने अपने हाथों को देख और मुस्कुराते हुए कहा, कब तक बचने का इरादा है।कल रेडी रहना।हम कहीं जा रहे है।ऐसा कह कर वो वहां से निकल गया।
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