सगाई- Chapter 1
राजस्थान जयपुर
शास्त्री भवन
सुबह 8 बजे
" जल्दी कर सपना लड़के वाले आते ही होंगे "
एक औरत ने किचन से ही अंदर आवाज लगाते हुए अपनी बहु की छोटी बहन सपना से कहा
ये थी शकुंतला शास्त्री आज उनकी बेटी वृंदा को देखने लड़के वाले आने वाले थे
किचन मै शंकुतला की बहु " मिहीका " भी उनकी मदद कर रही थी ताकि अगर रिश्ता पक्का हो जाए तो मेहमान बिना मिठाई के उनके घर से ना चले जाए
सगाई के वक्त काम आने वाले हर सामान का बंदोबस्त लगभग हो चुका था और जो नहीं हुआ था वो वृंदा के पिता दामोदर और उसका बड़ा भाई मिथिलेश करने मैं लगे थे
आज दोनों ने अपने काम से छुटी ले ली थी
वृंदा की फैमिली अच्छी खासी पैसों वाली फैमिली है पर उतनी ही संस्कारी भी तभी तो आज तक इनके घर काम करने नौकरानी नहीं आई इनका मानना है जब तक भगवान हाथ सही सलामत रखे अपने हाथो से ही बना कर खाओ किसी बाहर वाले को अंदर लाने की कोई जरूरत नहीं है
रूम मै
सपना वृंदा को तैयार कर रही थी और वृंदा खामोशी से सर झुकाए बैठी थी
" दी उनको अपने अतीत के बारे मै भनक भी मत लगने देना वरना वो शादी से मना कर देंगे "
, फिर खुद को शीशे मै देखते हुए बोली
" वैसे भी में आपसे इतनी ज्यादा गौरी और सुंदर हु क्या पता आपकी जगह मुझे शादी के लिए बोल दे "
( ये बोलते वक्त सपना अपनी खूबसूरती पर इतरा रही थी और हल्की शर्मा भी रही थी )
ये सुन कर भी वृंदा ने कुछ नहीं कहा वो बस अपने हाथो को देख रही थी जिन पर कई अरसों बाद मेहंदी का रंग चढ़ा था वो भी इतना गहरा जो आज से पहले कभी नहीं आया
उसने दो ढाई साल से मेंहदी को हाथ भी नहीं लगाया था पर आज उसे ये मेंहदी जबरदस्ती लगवानी पड़ी थी...
उसकी भूरी आंखे रोने के कारण हल्की सूजी हुई थी उन पर बड़ी बड़ी पलके थी जो उन आंखों को और खूबसूरत बना रही थी
Light brown skin tone... Heart shape lips... और dark brown कमर तक आते बाल वो इस वक्त डार्क ग्रीन साड़ी पहने हुए थी और उसके मैचिंग ज्वेलरी
दिखने मै सादगी की मूर्त लगती है.... पर घरवालों को एक आंख नहीं भाती है 2 साल पहले उसने कुछ ऐसा किया था जिसकी कल्पना उसके घर वालों ने कभी नहीं की थी जिस वजह से वो उसे बिगड़ैल बेटी समझते हैं
वो तब महज 19 साल की थी उस उम्र में गलतियां होना लाज़मी था पर सबको वो एक गलती नहीं बल्कि अपराध लगा था....
सपना ने उसके बालों मै कल्चर डालते हुए कहा
" दी इतने हेवी बाल है आपके आपको लेयर कट करवाना चाहिए था"
फिर खुद ही हंसते हुए बोली
" पर खैर कोई बात नहीं आपको फैशन सेंस नहीं है ये मुझे पता है इसलिए अब तो इन्हीं बालों के साथ आपकी बढ़िया हेयर स्टाइल कर दी है मैने "
वृंदा ने हल्की सी मुस्कुराहट के साथ कहा
" थैंक यू छोटी "
कुछ देर बाद
एक ब्लैक मर्सिडीज शास्त्री भवन के सामने आकर रुकी..
दामोदर और शकुंतला दोनों ही दरवाजे पर खड़े बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे
सबसे पहले एक औरत का हाथ बाहर आया जिस पर महंगे कंगन सजे थे
वो औरत बाहर निकली उसने रेड साड़ी पहनी थी और खूब सारे गहने जो राजवंश खानदान की पहचान थी....
ये थी अवंतिका राजवंश हमारे हीरो की माता श्री....
उसके बाद एक लड़का बाहर निकला जिसके सिल्की काले बाल उसके आधे फॉर हेड को कवर कर रहे थे उसे देख कर कही से भी नहीं लग रहा था वो यहां लड़की देखने आया होगा
उसने निर्मल ग्रे लूज फिटिंग टाउजर और ब्लैक v शेप नेक वाली प्लेन टीशर्ट पहन रुखी थी
ये है " तेजस राजवंश "
उम्र 28 साल शार्प फीचर एंड साथ ही शार्प माइंड
उसके उखड़े अंदाज को देख कर शकुंतला और दामोदर थोड़े असहज हो गए थे क्या वो सही जगह अपनी बेटी का रिश्ता कर रहे थे.....
उसके बाद एक ओर औरत बाहर निकली जिसने सफेद साड़ी पहन रखी थी....
उसके चेहरे पर खुशी साफ साफ झलक रही थी ये थी हमारे हीरो की दादी मां " रजवंती राजवंश "
उसके बाद ड्राइविंग सीट पर बैठे तेजस के चाची जी " रितेश राजवंश बाहर निकले
दामोदर और शकुंतला ने मुस्कुरा कर उनका स्वागत किया और सब एक साथ अंदर आने लगे
तेजस और उसकी दादी मां साथ साथ अंदर आ रहे थे साथ मै खुसर फुसर कर रहे थे
" देखो मातेश्वरी पहले बता रहा हूं शादी मै इंटरेस्टेड नहीं हूं अगर लड़की को बुरा लग जाए तो संभाल लेना क्योंकि रिजेक्शन आजकल की निब्बियों से बर्दास्त नहीं होते हैं "
रजवंती ने उसके कंधे पर मारते हुए कहा
" शुभ शुभ बोल नालायक "
तेजस ने मुंह को कई तरीकों से टेढ़ा मेढ़ा करते हुए कहा
" सच बोलो तो नालायक झूठ बोलो तो नालायक एक बार इस लायक सुपुत्र की परिभाषा जरूर बता देना मरने से पहले "
रजवंती ने तेजस से भी ज्यादा तेज कदम भरते हुए कहा
" अभी तो जवान हु तेरे बेटे के भी बेटे देख कर जाऊंगी रोज बाबा रामदेव के बताए आसन करती हु "
इतनी बाते करते हुए वो अंदर पहुंच चुके थे....
मिहीका ने उन्हें बैठने को कहा और फिर सपना को अंदर से चाय नाश्ता लेकर बुलाया....
सपना भी पूरी तैयार हुई थी उसने पिंक कलर का नेट का अनारकली सूट पहना था और उसका जाली का दुप्पटा सर पर ले रखा था
मुंह पर बहुत सारा मेकअप और एक प्यारी सी मुस्कान सजाए वो आगे आई तो सबको लगा लड़की यही है
उसकी खूबसूरती देख कर अवंतिका खुश हो गई थी उन्हें बिल्कुल ऐसी ही बहु चाहिए थी अपने चार्मिंग प्रिंस के लिए...
पर रजवंती को सपना से अच्छी वाइब नहीं आई उन्होंने धीरे से तेजस के कान मै कहा
" ये तो मुझे भी नहीं पसंद आई तुझे क्या आयेगी "
तेजस ने भी उसी तरह धीरे से कहा
" बुढ़ऊ इस उम्र मै लेस्बियन थोड़ी बनना है जो आपको पसन्द आएगी स्वर्ग जाकर दादा जी को क्या मुंह दिखाओगी वरना "
रजवंती ने एक पैर से उसके पैर पर मारते हुए कहा
" हट नालायक "
पर उनकी इस बात पर तेजस ने भी सर उठा कर सपना को देखा
और फिर रजवंती जी के कान में बोला
" पर ये आपकी बहु के लिए बिल्कुल परफेक्ट मैच जैसी सास वैसी बहु "
ये सुन कर रजवंती को हंसी आ गई...
और तेजस सही कह रहा था सपना और अवंतिका दोनों ही सेल्फ ऑब्सेस्ड लेडीज थी जिन्हें सिर्फ खूबसूरत दिखने से मतलब था....
पर शकुंतला ने सबका वहम दूर करते हुए सपना से कहा
" जाओ सपना अपनी दी को लेकर आओ "
ये सुन कर तेजस और रजवंती के चेहरे पर एक्साइटमेंट आ गई और अवंतिका के चेहरे पर निराशा
कुछ वक्त बाद सपना वृंदा को लेकर बाहर आई...
वृंदा के पैरों मै जैसे जान नहीं बची थी इसलिए वो काफी धीमे कदमों से वहा आ रही थी
उसके पायलों की छन छन सुन कर रजवंती ने उसकी तरफ देखा और उसके होठों पर बड़ी सी मुस्कान बिखर गई
" देख तेजू कितनी सादगी मै लिपटी लड़की ढूंढी है तेरे लिए "
ये सुन कर तेजस ने बोरियत से कहा
" क्या बुढऊ आप भी?"
पर उसकी नज़रे जैसे ही वृंदा के चेहरे पर पड़ी एक पल के लिए जैसे उसका दिल धड़कना ही भूल गया....
उसने अपने सीने पर हाथ रखते हुए बुदबुदा कर कहा
" शांत हो जा शांत इतना मत फुदक "
और फिर उसने सोफे से खड़े होते हुए कहा
" तो ये है वो लड़की जिससे मेरी शादी होने वाली है "
अवंतिका को कुछ खास वृंदा पसंद नहीं आई थी इसलिए तेजस के साथ वह भी उठ खड़ी हुई और रजवंती को तेजस पर हद से ज्यादा गुस्सा आया उसने उसका हाथ पकड़ कर कुछ कहना चाहा उससे पहले ही मिथिलेश ने कहा
" हां यह मेरी छोटी बहन वृंदा है यही है जिसका रिश्ता लेकर हम आपके पास आए थे "
तेजस ने एकदम से मुस्कुराते हुए कहा जी मुझे आपकी बहन बहुत पसंद आई है मैं इस शादी के लिए तैयार हूं बस एक शर्त हैमेरी!
शर्त का नाम सुनकर मिथिलेश के चेहरे के भाव बदल गए तो तेजस ने कहा
" अरे होने वाले साला जी डरो मत मेरी शर्त यह है कि मुझे शादी जल्द से जल्द करनी है क्योंकि उसके बाद मेरी इंटरनेशनल बिजनेस मीटिंग है तो मुझे अपनी अर्धांगिनी के साथ ही वहां जाना है "
उसकी इस बात पर वृंदा ने धीरे से अपना रुख तेजस की तरफ किया
सबसे पहले उसकी नजर गई तेजस की स्लीपरस पर उसके मन में एक ही ख्याल आया " कौन ये चप्पल पहन कर लड़की देखने जाता है "
और जैसे जैसे वो तेजस को देखती गई उसकी आंखो की उलझन बढ़ती गई पजामा टीशर्ट मै ही लड़की देखने आ गया
वही उसकी ये नजरे अपने ऊपर देख कर तेजस एकदम से झेंप गया
" ओह फो थोड़े अच्छे कपड़े पहन कर नहीं आ सकता था मैं "
वृंदा की नजरे उसके चेहरे पर गई तो उसका चेहरा सफेद पड़ गया उसके इस रिएक्शन पर तेजस ने आई विंक करते हुए एक डेविल स्माइल की और कहा
" अब हम चलते हैं मुझे काम है इंपॉर्टेंट "
शादी अगले तीन दिन मै हो जानी चाहिए वरना भूल जाना इस रिश्ते को
मिथिलेश ने हाथ जोड़ कर हा मै सर हिलाया और फिर दामोदर के साथ उन सबको वापस कार तक छोड़ने आया
सब उन्हें ड्रॉप करने दरवाजे तक आए पर वृंदा वही हॉल मै बुत बनी खड़ी थी
To be continued 🎀
Kaisi lagi shuruaat 😀🧿......