Chapter 14
- Chapter 14
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गोदाम की वीरानी रात के सन्नाटे में गूंजती हर आवाज़ डर का आभास दे रही थी। ट्यूबलाइट की हल्की-हल्की झिलमिलाती रोशनी में समीर का चेहरा और भी डरावना लग रहा था। उसकी आंखों में क्रोध था.