Miracles joules Ch. 3

Miracles joules - Chapter 3

Posted by SF • May 15, 2025 06:11 PM

वह लड़का अपने सपनों के सवालों के जवाब ढूँढने के लिए अपनी सुपर वॉच में हवाई का पता डालकर, अपने सामने एक सफेद रोशनी देने वाला, लगभग उसी के कद जितना पोर्टल खोल लिया। उस पोर्टल के माध्यम से वह हवाई चला गया। इन सब को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह धरती का वासी नहीं, बल्कि किसी और एडवांस ग्रह से आया था। लेकिन ऐसा पोर्टल, जो व्यक्ति को एक जगह से दूसरी जगह ले जा सके, इसमें सिर्फ आधुनिकता की झलक नहीं, बल्कि कुछ जादुई झलक भी नज़र आती थी। सिर्फ़ यह समझदार लड़का अपने सवालों के जवाब ढूँढने के लिए हवाई जाना चाहता था, मगर न्यूयॉर्क शहर में एक लड़की अपने सपनों के गुल खिलाने के लिए हवाई शहर जाना चाहती थी। लेकिन वह धरती की निवासी इतनी खुशकिस्मत नहीं थी कि एडवांस और जादुई सुपर वॉच के माध्यम से कहीं का भी पता डालकर उस जगह पर प्रवेश कर जाए। चाहे वह कितनी भी अमीर क्यों ना हो, वह इस तकनीक को हासिल नहीं कर सकती थी। वह सुंदर-सी, भोली-भाली, प्यारे चेहरे की मालकिन, पाँचवीं बार घर से भागने के नाम से दुनिया भर में तो नहीं, लेकिन अपने खानदान में मशहूर थी। आज वह छठी बार भागते हुए पकड़ी गई (अफ़सोसजनक)! इसीलिए, जब उसके सामने कई सारे लजीज व्यंजन उसके आज्ञाकारी नौकरों द्वारा उसके अति सुंदर और बड़े से कमरे में पेश किए जा रहे थे, तो उसने एक-एक व्यंजन को अपमानित करते हुए, अपने आज्ञाकारी नौकरों पर फेंक-फेंक कर वार किया।

उसकी माँ, जो 50 साल की उम्र को छुपाने के लिए अपने बालों पर काला रंग लगाकर, अपने चेहरे पर कॉस्मेटिक का प्रयोग करके लगभग 30 या 35 साल की दिखती हुई महिला थी, अपनी लाडली में बिगड़ी हुई बेटी के इस व्यवहार से तंग आ गई थी। वह उसके कमरे से यह सोचते हुए चली गई— "यह शैतान किसकी संगत में बड़ी हुई है?" यह न्यूयॉर्क के सबसे अमीर खानदान की इकलौती वारिस, 'जमी मिहार' है। जमी मिहार, जिसके लम्बे और सुनहरे रंग के बाल थे, मासूमियत भरी बड़ी-बड़ी आँखें थीं और प्यारा सा चेहरा, जिस पर गुस्सा गहरा था। जमी, जिसका नाज़ुक सा बदन जैसे फूल का चमन, लेकिन उसका शैतान मन जैसे टॉय गन। उसका रंग-रूप देखकर लगता था कि उसे बनाने वाले ने उसे बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, और उसके परिवार ने उसे घर से ना भागने के लिए मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मगर फिर भी, वह किसी ऐरे-गैरे के प्रेम की आदि होकर, अक्सर आलीशान घर से बड़े ही शान से भाग जाया करती थी। उसे लगता था कि कोई मीठी बातें करने वाला व्यक्ति उसके जीवन भर का साथी बन जाएगा। वह अपनी माँ की लाडली में बिगड़ी हुई लड़की थी; वह शायद हर एक खतरे से लगाव करती थी और बस कॉकरोच या अंधेरे से डरती थी।

उसकी दुश्मन उसकी भूख थी, और वह एक भूलकर का स्वरूप थी। वह अभी भूखी नहीं थी, इसलिए अभी व्यंजनों की कदर ना करते हुए उन्हें अपमानित कर रही थी। मगर इसका यह गुस्सा ठिकाने लगाने के लिए उसके खड़ूस मामा, Azedar आ गए। जैसे ही जमी ने अपने खड़ूस मामा को देखा, तो वह व्यंजनों के साथ-साथ अपने कमरे की अन्य वस्तुओं को भी फेंकने लगी। उसके मामा, जो इसके जिम्मेदार थे, उनका गुस्सा सारी हदों को पार करने के लिए बेताब था, मगर क्योंकि वह जिम्मेदार व्यक्ति थे, तो उन्होंने जमी से बहस करने के बजाय नौकरों को आदेश दिया, "जमी आज रात और कल सारा दिन भूखी रहेगी और उससे कोई भी बात नहीं करेगा, ताकि इसे खाने की अहमियत पता चले।" उसके मामा ने अपनी सख्त आवाज़ में, सख्त अंदाज़ से इतना सख्त आदेश दिया, जो कि उनके सख्त और सीरियस चेहरे पर सौ प्रतिशत सूट करता था। जमी के वफ़ादार होने से पहले, वे नौकर उसके मामा के आज्ञाकारी थे। वे लोग फर्श पर पहले सारे व्यंजनों को समेटकर वहाँ से चले गए, लेकिन जाने से पहले दरवाज़े को बाहर से बंद कर दिया।

अभी रात की पहली पहल थी, जिस पल वह भागने की पहल करते हुए पकड़ी गई थी। वह रात की आखिरी पहल तक अपने कमरे में टहलते हुए किसी का इंतज़ार कर रही थी। कभी वह खिड़की के सामने जाती, कभी दरवाज़े के सामने। इस पल उसे दरवाज़े के पास एक आवाज़ आई, जो कि उसके मामा के एक लोथे बेटे, Williams की आवाज़ थी। विलियम्स ने बड़ी चिंता से पूछा, "क्या तुम्हें भूख लग रही है?"

"ओह, बिल्ली के आँख वाले। अगर तुम कल रात अंधेरे में छुपाने के बावजूद अपनी तेज दृष्टि से मुझे पकड़ कर वापस नहीं लाते, तो आज मुझे यहाँ भूखा नहीं रहना पड़ता। आज मैं अपने सच्चे प्यार के साथ होटल में लजीज व्यंजनों का सेवन करती।"

विलियम्स हैरानी से पूछता है, "पाँचवीं बार किसको सच्चा प्यार होता है?"

उसके इस समझदार सवाल का जवाब देने के बजाय जमी ने पूछा, "क्या एक बार भी तुमने मेरा प्यार पूरा होने दिया, बिल्ली की आँख वाले?"

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