Chapter 105
पिया तौसे नैना लागे ! - Chapter 105
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निष्ठा और प्रत्यक्ष शाम तक बुलंदशहर लौट आए थे। जिंदगी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। सब अपनी-अपनी जिंदगी में खुश थे। रुद्र के जाने के बाद आम्या ने अपने बेटे के साथ अपनी जिंदगी की नई शुर