Chapter 12
नदामत - Chapter 12
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ज़िंदगी बड़ी बेरहम होती है, पल में यूँ करवट बदलती है जैसे मौसम हो। जिसने इसे जीने का सलीका सीख लिया, वह हर हाल में मुतमईन होता है, वरना बाकी की ज़िंदगी बेकली में गुज़रती है। आफताब