हम तुम्हें चाहतें हैं ऐसे - Chapter 3
नीली आंखों वाली लड़की जिसके फेस पर हमेशा एक स्माइल रहती है ।शायद ही किसी ने उसे उदास देखा हो ।हस्ती खेलती, मुस्कुराती वो लड़की जो एक हवा का झोंका है। जिसके पास से गुजर जाए उसे गुदगुदा दे।
हमेशा खुश रहती है ।किसी ने उसे कोई बात सुना दी । उसने कभी मोड कर जवाब नहीं दिया ।मगर उसकी जिंदगी में बहुत बड़ा दर्द था।
उसके बचपन में ही उसके डैड ने सुसाइड किया था ।कोई बिजनेस में बहुत ज्यादा बड़ा लॉस हुआ। उसके डैड राजेश गुप्ता दिवालिया हो गए थे।उसने शराब के नशे में अपनी वाइफ और खुद को गोली मार ली ।उस टाइम जानवी घर पर नहीं थी ।नहीं तो शायद वो जानवी को भी गोली मार देते ।उनकी मौत के बाद उसके दादा और दादी उसे अपने साथ ले आए।
उसके दादा-दादी उसके पिता के बड़े भाई की फैमिली के साथ रहते हैं। जानवी अपने अंकल और आंटी के साथ रहती है जिनके खुद की दो बेटियां और एक बेटा है ।उसकी दादी इस दुनिया से जा चुकी है और उसके दादाजी भी बीमार रहते हैं ।वह चाहते हैं कि किसी अच्छी फैमिली में जानवी की शादी करदे। क्योंकि जानवी उनकी जिम्मेवारी है और उसे छोड़कर तो उनके लिए मरना भी आसान नहीं है।
उसके दादाजी को उसकी टेंशन बहुत ज्यादा है । जानवी के लिए रिश्ते आए भी हैं। मगर वह उसके दादाजी को पसंद नहीं आए ।उसके दादाजी जानवी को किसी सेफ हाथों में छोड़ना चाहते हैं ।जानवी 19 साल की हो चुकी है। मगर उसमें बचपना बहुत है। ऐसा भी कह सकते हैं कि इसी बचपन के पीछे उसने अपने सारे दुख दर्द छुपाए हुए हैं ।
जानवी के दादाजी लोन में बैठे हुए हैं। उनके पास ही राजन सिंघानिया और उनकी वाइफ जय आई हुई है ।वह लोग बातें कर रहे हैं ।तभी जानवी की आंटी तनु गुप्ता एक मेड के साथ अंदर से लोन में आ रही है। मेड के हाथ में चाय की ट्रे पकड़ी हुई है।
कैसी हैं जय जी आप।
बहुत दिनों बाद मिलना हुआ। तनु ने जय से कहा ।
हम आपसे कुछ मांगने आए हैं ।जवाब में राजन सिंघानिया कहने लगा ।
क्या हुआ आप ऐसा क्यों कह रहे हैं ।
आप हुक्म कीजिए ।
हमें जय के लिए आपके घर की बेटी चाहिए। राजन जी ने कहा।
उनकी बात सुनकर तनु हैरान हो जाती है ।
सचमुच !हमें भला क्या एतराज हो सकता है ।
सोनिया अभी एमबीए कर रही है ।पढ़कर भी उसे क्या करना है ।
आप कहो तो हम कल शादी कर देंगे। तनु ने कहा क्योंकि उसे लगा उसकी बड़ी बेटी सोनिया उसके लिए रिश्ता आया है।
हमें सोनिया नहीं जानवी भी चाहिए। जया ने मुस्कुरा कर।
मेरी उनसे बात हो चुकी है। इन्हें हमारी जानवी पसंद है ।
दादाजी कहने लगे।
तनु गुप्ता के चेहरे का रंग ही उड़ गया ।
देखिए एक तो वह छोटी है।
फिर इसके अंकल से भी बात करनी होगी।
मुझे मैंने उन्हें फोन कर दिया है ।वह आते ही होंगे। राजन सिंघानिया ने कहा।
तनु जो अब तक खुश थी अब उसका मूड खराब हो चुका था।
आपको नहीं लगता जान भी और जय की उम्र में बहुत ज्यादा फर्क है।
तभी घर में एक गाड़ी इंटर करती है ।उस गाड़ी में से जानवी के अंकल सोमनाथ गुप्ता उतरते हैं ।वह जाकर जय और राजन सिंघानिया से मिलते हैं ।
मेरी बात हो चुकी है इन्हें जानवी पसंद है ।सोमनाथ गुप्ता ने कहा।
जरा आप मेरी बात सुनेंगे ।तनु कहने लगी ।
जाइए आप भाभी जी से बात कर लीजिए। राजन सिंघानिया ने कहा ।
तनु और सोमनाथ उठकर दोनों अंदर चले गए ।
अब बाहर दादाजी जया और राजन थे।
अब इस औरत को तो जानवी भी के लिए इतना अच्छा घर बार कभी पसंद नहीं आएगा।
बात तो उसकी बिल्कुल ठीक है। जानवी और जय की उम्र में बहुत फर्क है ।जया ने कहा।
मगर मुझे पता है ।
उस छोटी बच्ची को मैं आप लोगों को सौंप रहा हूं
क्योंकि किसी भी वक्त में आंखें वंद सकता हूं ।
मेरे जाने के बाद उसे देखने वाला कोई नहीं होगा ।
बिल्कुल मेरे बेटे को भी जानवी भी जैसी लड़की की ही जरूरत है ।
सबसे बड़ी बात वह मेरे स्वर्गवासी दोस्त की बेटी है ।
मैं उसे अपनी बेटी की तरह रखूंगा और जया के बारे में तो आप जानते ही हैं ।राजन ने कहा।
बिल्कुल असल में मुझे थोड़ा जय के बारे में सोच कर डर लगता है ।
फिर सोचता हूं आखिर है तो वह इसका ही बेटा ।
जितनी प्यारा और मीठा स्वभाव जया है ।
कोई तो असर उसमें भी होगा।
मैं उम्मीद करता हूं हमारा किया गया फैसला जानवी और जय दोनों के लिए बहुत ठीक रहेगा।
आप शादी के लिए हां कह रहे हैं ।
पागल हो गए हैं क्या।
जहां पर हमारी सोनिया की बात करते हैं ।तनु ने कहा।
नहीं उन्हें सोनिया का रिश्ता नहीं चाहिए ।
उन्हें जानवी ही चाहिए ।
तुम नहीं जानती जयराज सिंघानिया को।
बहुत अजीब सा आदमी है ।
मुझे सोनिया के लिए डर लगता है ।सोनिया उसके साथ नहीं निभा सकती ।
इतना सनकी आदमी है ,उसे तो कभी किसी ने हंसते हुए भी नहीं देखा ।
सोनिया उसके साथ एक दिन भी नहीं रह सकती ।
बिजनेस के सिलसिले में मैं उससे बहुत बार मिला हूं।
हर किसी से तो वह अच्छे से बात भी नहीं करता।
जानवी की शादी हो जाने दो खुद देख लेना तुम।
सोमनाथ ने कहा।
और उसका एक बच्चा है सोनिया कैसे संभालेगी उसे।
जानवी की शादी हो जाने दो हमारे रिश्तेदारी होते ही हमें बहुत बड़ा कांटेक्ट मिल रहा है।
सोनिया के लिए और बहुत से लड़के हैं मेरी नजर में ।
नज़रें नीली, होंठों पे मुस्कान, और दिल में छुपा गहरा दर्द था,
बचपन की उस काली रात का साया, कितना बेदर्द और ज़र्द था।
इक चुलबुली परी चली है अब, उस सख्त और बेरुख़ शहज़ादे के शहर,
देखना है, क्या पिघलेगा वो पत्थर, या यह रिश्ता भी होगा बेअसर!
उम्मीद करती हूं मेरी सीरीज आपको पसंद आ रही होगी।
कैसी रहेगी जानवी और जयराज की पहली मुलाकात?
ऐसे दो लोग जो दूसरे से बिल्कुल जुदा है ,क्या पसंद करेंगे एक दूसरे को?
प्लीज सीरीज पर कमेंट करें , लाइक करें और मुझे सब्सक्राइब करें।