Chapter 90
Ishq ki Aatishey - Chapter 91
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
कुछ देर बाद । शमशान घाट में जिया लकड़ियों के ऊपर लेटी हुई थी उसकी नाक में रूई लगी हुई थी अवनी जी ने रो रो कर बुरा हाल कर लिया था अर्जुन जी उन्हें संभल रहे थे वही अरव बे शुद्ध सा अप