My Boss is my Secret Lover! Ch. 1

My Boss is my Secret Lover! - Chapter 1

Posted by Desire World • Jan 25, 2025 11:05 AM

शहर के एक बड़े फाइव स्टार होटल, रॉयल ब्लूस्टार के ग्राउंड फ्लोर पर बने बैंक्वेट हॉल में एक पार्टी चल रही थी। उस पार्टी में शहर के जाने-माने बिज़नेसमैन से लेकर कुछ राजनीतिज्ञ और सेलिब्रिटीज़ भी शामिल थे।

हॉल की सजावट एक उच्च-वर्गीय पार्टी के अनुरूप थी। फूल और रोशनी नीले और सफ़ेद रंग की थीम में सजे थे। इसी रंग के पर्दे काँच की खिड़कियों पर सजावटी अंदाज़ में बंधे हुए थे।

यह पार्टी एस के ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्रीज की मालकिन, शिविका खन्ना को एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय डील मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। उसने अपने परिचित लगभग सभी लोगों को आमंत्रित किया था।

उस पार्टी में, शिविका के मित्रों और परिचितों से ज़्यादा उसके शत्रु उपस्थित थे। हालाँकि वे मन ही मन शिविका से जलते थे, पर इतनी बड़ी पार्टी में आने का अवसर कोई नहीं छोड़ना चाहता था क्योंकि इससे उनकी भी पब्लिसिटी होती थी।

शिविका को इन बातों से कोई मतलब नहीं था। वह अपने मैनेजर और सुरक्षाकर्मियों के साथ अपनी लाल रंग की फेरारी कार से निकलकर हॉल के द्वार की ओर बढ़ रही थी। उसने लाल रंग का लॉन्ग गाउन पहना था, जिस पर सिल्वर वर्क था। वह उस ऑफ-शोल्डर गाउन में चोकर और खुले बालों के साथ बहुत ही सुंदर लग रही थी।

शिविका की उम्र लगभग 25-26 वर्ष होगी, पर इतने कम समय में उसने व्यापार जगत में अपना और अपनी कंपनी का नाम बहुत अच्छा बनाया था। खासकर अपने पिता की तबीयत खराब होने के बाद उसने सब कुछ अकेले संभाला था।

शिविका दिखने में सुंदर थी और उसकी लंबाई भी अच्छी थी, इसलिए उसने ज़्यादा ऊँची एड़ी के जूते नहीं पहने थे। फिर भी उसने गाउन से मेल खाते दो-तीन इंच की एड़ी के जूते पहने हुए थे। अपने पुराने मैनेजर, दिनेश अंकल के साथ वह पार्टी में प्रवेश की।

शिविका के आते ही भीड़ में चर्चाएँ शुरू हो गईं। वहाँ मौजूद सभी मीडिया रिपोर्टर अपने कैमरे लेकर द्वार की ओर दौड़े। इतने लोग शिविका के स्वागत के लिए इकट्ठे हो गए कि द्वार से अंदर आने का रास्ता लगभग बंद हो गया।

सारे मीडिया रिपोर्टर शिविका की तस्वीरें क्लिक करना और उसका इंटरव्यू लेना चाहते थे, पर शिविका इसमें जरा भी रुचि नहीं ले रही थी। उसके लिए यह कोई पहली बार नहीं था; उसे इन सबकी आदत हो चुकी थी और इनसे निपटना भी वह अच्छी तरह जानती थी।

"हेलो हेलो मैडम! मिस खन्ना... इस तरफ!"

"मैम प्लीज इस तरफ देखिए, हैव अ लुक!"

"मैम बस एक क्वेश्चन..."

"वन पिक्चर वन पिक्चर प्लीज!"

उन मीडिया रिपोर्टरों से घिरी शिविका को ऐसी आवाज़ें सुनाई दे रही थीं।

लेकिन उनमें से कोई भी शिविका तक नहीं पहुँच पा रहा था क्योंकि शिविका के चारों ओर उसके चार सुरक्षाकर्मी चल रहे थे, जो उसे पूरी तरह से सुरक्षित रख रहे थे और उन्होंने सभी लोगों को शिविका से दूर कर दिया था।

शिविका उन सभी लोगों को अनदेखा करते हुए, पूरे आत्मविश्वास के साथ पार्टी हॉल में आई और अपने वीआईपी सेक्शन की ओर बढ़ने लगी।

शिविका के सारे सुरक्षाकर्मी द्वार पर ही रुक गए। इस समय शिविका के साथ केवल उसका मैनेजर, दिनेश अंकल था। थोड़े तेज कदमों से चलती हुई शिविका एक नज़र पीछे भी देख रही थी। तभी आगे उसका ध्यान भंग हुआ और वह सामने से आ रहे एक आदमी से टकरा गई।

"देखकर नहीं चल सकती क्या, मेरी ड्रिंक गिरा दी कपड़ों पर..." उस आदमी ने अपनी सफ़ेद शर्ट पर गिरी ड्रिंक को हाथ से साफ़ करते हुए कहा।

उस लड़के की नज़र अब तक शिविका के चेहरे पर नहीं पड़ी थी। वह बहुत बेबसी से सिर हिलाते हुए एक बार अपने हाथ में पकड़े गिलास और फिर अपने कपड़ों को देखने में व्यस्त था, जिस पर अभी-अभी शिविका से टकराने के कारण गिलास की आधी से ज़्यादा ड्रिंक गिर गई थी।

"व्हाट द हेल! एक तो गलती तुम्हारी है, तुम ही सामने से आ रहे हो और मुझे बोल रहे हो, तुम खुद देखकर नहीं चल सकते क्या?" शिविका उस आदमी पर चिल्लाते हुए बोली क्योंकि उसे बिलकुल भी आदत नहीं थी कि सामने से कोई उस पर इस तरह चिल्लाए।

"अरे तो आने-जाने के लिए ही रास्ता है मिस..." इतना बोलते हुए उस लड़के ने अपनी नज़र ऊपर उठाई और जैसे ही उसकी नज़र शिविका पर पड़ी, तो वह उसे पहचान गया क्योंकि शिविका काफी प्रसिद्ध बिज़नेस टाइकून थी और ज्वेलरी डिज़ाइनिंग बिज़नेस में उसकी एस के डिज़ाइनिंग कंपनी शहर की सबसे बेहतरीन कंपनी थी।

"ओह! आई एम रियली सॉरी मैम... गलती किसी की भी हो, लेकिन सॉरी बोल देने वाला कोई छोटा तो नहीं हो जाता।" उस लड़के ने तुरंत माफ़ी माँगते हुए कहा।

"हाँ, सामने वाला पैसे, पावर और पद में अगर बड़ा हो, तो उससे बड़े-बड़े भी आसानी से माफ़ी माँग लेते हैं, बिलकुल वैसे ही जैसे अभी एक पल में तुम्हारे तेवर बदल गए।" शिविका ने उस लड़के को ताना मारते हुए कहा और ऊपर से नीचे तक उसे घूरकर देखते हुए वहाँ से आगे बढ़ गई।

शिविका समझ गई कि वह लड़का उसकी शक्ल देखकर पहचानने के बाद ही उसे सॉरी बोल रहा था। उससे पहले तो वह अच्छा-ख़ासा लड़ने के मूड में था और ऐसा उसके साथ अक्सर होता था।

शिविका के इतना बोलकर वीआईपी सेक्शन की ओर चले जाने के बाद वह लड़का पीछे मुड़कर कुछ देर उसे ही देखता रहा।

वह असल में शिविका की कही बात के बारे में सोच रहा था क्योंकि शिविका ने बिलकुल सच कहा था। उसने भी शिविका को पहचानने के बाद ही उससे माफ़ी माँगी थी, नहीं तो पहले वह सामने से आ रही लड़की को उसके कपड़े खराब करने के कारण चिल्लाने वाला था।

लोगों के ऐसे बर्ताव का शिकार वह अक्सर खुद भी होता रहा था, इसलिए वह इस बात को अच्छी तरह समझता था। लेकिन फिलहाल वह और कुछ नहीं कर सका और चुपचाप सिर हिलाते हुए वाशरूम की ओर बढ़ गया।

शिविका के पीछे खड़े दिनेश अंकल, जो उसके मैनेजर भी थे, काफी देर से शिविका से कुछ बोलने और बात करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शिविका वहाँ बाकी लोगों से बात कर रही थी, इसलिए वह दिनेश अंकल से बात नहीं कर पाई।

अभी शिविका अकेली थी और वह अपने सामने रखी ड्रिंक उठाकर पी रही थी।

अपनी ड्रिंक पीते हुए शिविका ने दिनेश अंकल से पूछा, "क्या हुआ अंकल, कोई बात है क्या?"

"मैडम वो लड़का..." दिनेश अंकल ने सिर्फ़ इतना कहा।

यह बात सुनकर शिविका अपने आसपास गर्दन घुमाकर देखते हुए बोली, "कौन सा लड़का, यहाँ पर तो कोई नहीं है।"

"अरे मैडम, वही जिससे अभी आप टकराई थीं, यही वह है जिससे आपके पिता ने आपकी शादी तय की है।" दिनेश अंकल ने शिविका को पूरी बात बताई।

"व्हाट!!" शिविका ने एकदम हैरानी से कहा और उसके मुँह में भरी हुई ड्रिंक भी लगभग उसके मुँह से बाहर आ गई, जिसे उसने जल्दी से टिशू पेपर उठाकर साफ़ करने लगी।

ऐसा करते हुए उसने दिनेश अंकल की ओर देखा, जो इस बात के सच होने की गवाही देते हुए अपना सिर हिला रहे थे। उन्होंने आगे कहा, "अरे मैडम! मुझे लगा आपको इस बारे में पता होगा। साहब ने आपसे बात की होगी और मुझे लगा आप शायद उसे पहचान भी गई हैं, इसीलिए उससे रुककर बात कर रही हैं।"

"पापा ने सिर्फ़ एक बार मेरे सामने इस बात का ज़िक्र किया और मैंने हमेशा की तरह उन्हें मना ही कर दिया था। तो फिर इस बात का क्या मतलब है कि उन्होंने मेरी शादी तय कर दी? मैं ऐसे कैसे किसी से भी शादी कर सकती हूँ?" शिविका ने उसी तरह हैरानी और मना करने वाले भाव के साथ कहा।

दिनेश अंकल शिविका की इस बात पर कुछ भी नहीं बोले क्योंकि वह भले ही अब शिविका के लिए काम करते थे, लेकिन पहले वे उसके पिता के मैनेजर थे और तब से ही उनके साथ काम कर रहे थे। वे भी चाहते थे कि शिविका की शादी हो जाए, लेकिन शिविका ने उन सब से मना कर दिया था और यह कहा था कि उसे किसी से भी शादी नहीं करनी।

शिविका को लगता था कि उसके पैसे, पावर और ओहदे को देखकर तो कोई भी उससे शादी करने के लिए तैयार हो जाएगा, इसलिए वह किसी को भी ऐसा मौका नहीं देना चाहती थी।

इसके बाद से शिविका पूरी पार्टी में उस लड़के को ढूँढ़ती रही, लेकिन वह उसे दोबारा कहीं पर भी नज़र नहीं आया।

बाकी सारे लोग वहाँ आकर शिविका से बात कर रहे थे और शिविका ना चाहते हुए भी उनमें से कुछ लोगों से बात कर रही थी और उनकी बातों का जवाब दे रही थी, लेकिन उसका ध्यान अब उस लड़के में ही लगा हुआ था।

वह लड़का लगभग शिविका का ही हमउम्र होगा, इसके अलावा वह दिखने में भी सुंदर और आकर्षक था। शिविका ने सिर्फ़ दो मिनट ही उससे बात की होगी और वह उसका चेहरा अब तक नहीं भूली थी, जबकि सामान्यतः वह इतने सारे लोगों से मिलती थी और उसे सबके बारे में जल्दी याद नहीं रह जाता था।

अपनी वह पार्टी ख़त्म होने से पहले ही शिविका अपने घर वापस आ गई क्योंकि उसके पिता कुछ देर पहले ही घर वापस आ गए थे।

क्रमशः

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