"His doll"..... (Beyond the possession) Ch. 2

\"His doll\"..... (Beyond the possession) - Chapter 2

Posted by Farheen Rajput • Jan 20, 2025 03:37 PM

(इस कहानी में स्थित जगह, स्थान, घटनाएँ, पात्र सब पूरी तरह काल्पनिक हैं। किसी भी जाति, धर्म या इंसान और वास्तविकता से इसका कोई लेना-देना नहीं है। कहानी को सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से ही पढ़ें।)

(नई दिल्ली में स्थित एक घर का दृश्य)

(रात के करीब 11:30 बजे)

दिल्ली एक ऐसा शहर है, जहाँ की चकचौंध और भागती जिंदगी से हर कोई जानकार है। यहाँ जितनी ज्यादा चकाचौंध है, उससे कहीं ज्यादा यहाँ की जिंदगी भीड़-भाड़ और भागम-भाग वाली है। दिल्ली अपनी खचाखच भीड़ और लोगों के लिए मशहूर है, उतना ही दिल्ली अपनी ऐतिहासिक और लाजवाब इमारतों और ऐतिहासिक धरोहर के लिए भी जानी जाती है। दिल्ली में अगर आप आते हैं, तो आपको यहाँ पर नई-नई और खूबसूरत जगहों पर घूमने का अवसर मिलने के साथ ही यहाँ का खाना खाने का अवसर भी जरूर प्राप्त होगा। और यकीनन यहाँ का खाना खाने के बाद आप कभी भी यहाँ का टेस्ट नहीं भूल पाएँगे, क्योंकि यहाँ का खाना सबसे ज्यादा बेस्ट और लजीज होता है। और खाने की इतनी सारी अलग-अलग वैरायटी और मसालों को लेकर ही दिल्ली को चटोरी दिल्ली के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे ही बहुत सारे और दिलचस्प फैक्ट हैं जो आपको यहाँ सुनने को मिलेंगे।

हर साल ना जाने कितने सैकड़ों लोग अपने सपनों को लिए दिल्ली की ओर प्रस्थान करते हैं। कोई जॉब के लिए, तो कोई पढ़ाई के लिए, तो कोई आँखों में कुछ बनने की आशा लिए हुए। ऐसे ही अपने सपनों और आशाओं को लिए हुए लगभग 1 साल पहले अयाना भी दिल्ली आई थी। जिसका सपना सिर्फ इतना था कि वह पढ़-लिखकर ना सिर्फ अपने सपनों को, बल्कि अपनी माँ के सपनों को भी पूरा करते हुए उन ऊँचाइयों पर पहुँचे, जहाँ पर वह खुलकर जी सके, अपने पंख फैलाकर उड़ सके और जहाँ उसकी उड़ान पर कोई पाबंदी, कोई बंदिश ना हो। बस वह खुले आसमान में एक आजाद पंछी की तरह उड़ते हुए अपनी जिंदगी गुजारना चाहती थी। इन्हीं सलोने सपनों के साथ अयाना दिल्ली में अपनी पढ़ाई को पूरा करने के लिए आई थी। दिल्ली आने से पहले अयाना बहुत ज्यादा एक्साइटेड और खुश थी। लेकिन वह नहीं जानती थी कि दिल्ली आने के बाद उसकी किस्मत और जिंदगी एक अलग ही रूप ले लेगी। और इस तरह से उसकी किस्मत करवट लेगी जहाँ उसके लिए एक लम्हा भी अकेले गुजारना घुटन भरा था। और इस तरह से वह उन अनजान परेशानियों का सामना करेगी, और जिसके बारे में वह किसी को क्या ही कहे, जब असल में वह खुद अपनी परेशानी की वजह नहीं जानती थी। उसका हाल यह था कि ना तो वह किसी से कुछ कह ही पाती थी और ना ही उससे अकेले अपनी प्रॉब्लम सॉल्व हो पा रही थी। अयाना इस छोटे से घर में अपनी एक अच्छी दोस्त कशिश के साथ रेंट पर रहती थी, जो 2 दिन पहले अपने घर गई थी। और पिछले ये 2 दिन अयाना ने किस तरह से, कितनी मुश्किल और डर से इस घर में गुजारे थे, यह वही समझ सकती थी।

रात के करीब 11:30 बज रहे थे कि अचानक ही तेज बारिश शुरू हो गई। अयाना को बारिश हमेशा से ही बहुत पसंद थी। उसे बारिश में अपनी बाहें खोल, आँखें मूंदकर भीगना बहुत ही पसंद था। और आज भी जैसे ही बारिश की बूँदें जमीन पर पड़ीं, अयाना अपनी सारी टेंशन और प्रॉब्लम को भूलकर बाहर नीचे गार्डन में भाग आई और अपनी बाँहें खोलकर एक प्यारी सी मुस्कान के साथ अपनी आँखें मूंदकर बारिश में भीगने लगी। कुछ ही देर में अयाना तेज बारिश से पूरी भीग चुकी थी कि तभी अचानक से पूरे घर की लाइट चली गई और चारों ओर सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा हो गया। यह देख अयाना का दिल घबरा गया और वह डर से वापस घर की ओर बढ़ गई। अयाना पूरी भीगी हुई थी और जैसे ही वह लिविंग एरिया में पहुँची, कि उसे अपने घर में किसी के होने की आहट सुनाई दी। और यह महसूस करते ही अयाना का दिल मारे डर के जोर से काँपने लगा, क्योंकि अंधेरा बहुत ज्यादा था, इसीलिए अयाना को कुछ भी नज़र नहीं आ रहा था और ना ही उसकी इतनी हिम्मत हो रही थी कि वह यहाँ से भाग सके, कि अचानक घर में मौजूद शख्स के शब्द सुनकर अयाना का दिल डर से और भी ज्यादा घबरा उठा और भीगे हुए होने के बावजूद भी उसके माथे पर डर से पसीने की बूँदें छलक पड़ीं।

शख्स (धीमे मगर डीप लहजे में): हैप्पी बर्थडे माय डॉल!!

अयाना (घबराते हुए): तु...तुम य...यहाँ कैसे??

शख्स (घमंड भरे लहजे में): कहा था ना तुमसे कि तुम्हारे करीब आने से, तुम्हारे आसपास रहने से तुम तो क्या साक्षात ईश्वर भी मुझे नहीं रोक सकते।

अयाना (गुस्से और डर के मिले-जुले भाव से): कौन हो तुम? सामने क्यों नहीं आते? आखिर क्यों मेरी जिंदगी जहन्नुम बनाई हुई है तुमने? सामने आओ मेरे। आखिर क्या बिगाड़ा है मैंने तुम्हारा? सामने आओ मेरे।

आवाज वाला शख्स (सर्द आवाज़ में): वो डेस्टिनी हूँ तुम्हारी, जिसे दोनों जहाँ की गाथाएँ मिलकर अब मिटा नहीं सकतीं।

अयाना (लगभग चिल्लाते हुए): बकवास बंद करो अपनी। ऐसा कुछ नहीं होगा, कभी नहीं होगा।

आवाज वाला शख्स (एक पल के लिए तंज भरी हँसी हँसकर गंभीर और डोमिनेटिंग लहजे में): यू आर माय डॉल, माय प्रीशियस डॉल, माइन टू टच, माइन टू लव, यू आर ओनली माइन, माय डॉल। और बहुत जल्द तुम्हें मैं यहाँ से इस दुनिया से दूर ले जाऊँगा, जहाँ सिर्फ तुम और मैं होंगे, जहाँ तुम्हें देखने वाली नज़रें सिर्फ मेरी होंगी और जहाँ तुम्हें मेरी इजाजत के बिना हवा का झोंका भी नहीं छू पाएगा। और तुम जितना मुझसे दूर भागोगी, उतना ही मुझे अपने करीब पाओगी, क्योंकि तुम चाहो या ना चाहो, मैं डेस्टिनी हूँ तुम्हारी, जिसे तुम, ये दुनिया या कोई भी कभी नहीं बदल सकता। सो बी रेडी माय डॉल। एक साल, सिर्फ 1 साल है तुम्हारे पास। आज ही के दिन अगले साल मेरी बनाई खुद की दुनिया में तुम्हारा जन्मदिन मैं और तुम साथ में मनाएँगे। और तब तक ना सिर्फ मेरे नाम से तुम्हारा नाम जुड़ जाएगा, बल्कि तुम्हारी किस्मत मेरी किस्मत से आखिरी साँस तक के लिए जुड़ जाएगी। एंड आई प्रॉमिस दैट।

अयाना जब उस शख्स की बात सुनती है, तो और भी ज्यादा घबरा जाती है और घने अंधेरे में ही अपने घर के मेन दरवाज़े की तरफ़ दौड़ पड़ती है। और दरवाज़े से बाहर आकर गार्डन से दौड़ते हुए बाहर की तरफ़ दौड़ने लगती है कि अचानक वह सामने की तरफ़ से किसी से टकरा जाती है और टकराने के साथ ही अयाना की डर और घबराहट से चीख निकल जाती है। और वह अपनी दोनों हथेलियों को अपने चेहरे पर ढँककर लगातार डर से, डर और घबराहट से जी रही थी।

शख्स (अयाना की हथेलियों को अपने हाथ में थामकर अयाना को शांत करने की कोशिश करते हुए): क्या हुआ अयाना? व्हाट्स रॉन्ग विथ यू?

अयाना (अपनी हड़बड़ाहट में खोए हुए ही लगातार अपना सर ना में हिलाते हुए): नहीं, छोड़ दो मुझे, छोड़ दो। क्या बिगाड़ा है मैंने तुम्हारा? जाने दो मुझे, जाने दो।

शख्स (लगभग अयाना को झकझोरते हुए): व्हाट्स रॉन्ग विथ यू अयाना? मैं हूँ, मैं… आरव… और तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो?

अयाना जब उस शख्स के मुँह से अपना नाम सुनती है, तो जैसे अपने शॉक से बाहर आती है और इस वक़्त उसे बिलकुल ऐसे महसूस हो रहा था, जैसे रेगिस्तान में प्यासे को पानी मिल गया हो। और उसका नाम सुनते ही अयाना एक पल की भी देरी किए बिना आरव के गले लग बेतहाशा सुबकने लगती है। और आरव भी उसे शांत करने के लिए उसे वापस गले लगाते हुए प्यार से उसका सर सहलाने लगता है।

आरव (परेशानी भरे लहजे में): व्हाट्स रॉन्ग विथ यू अयाना? क्या हुआ है? जब तक तुम मुझे कुछ बताओगी नहीं, तो मुझे कैसे पता चलेगा कि आखिर तुम क्यों इतनी परेशान हो?

अयाना (सुबकते हुए): व…वो…वो यहाँ आया था, वो यहाँ भी आ गया आरव… (घबराकर रोते हुए) …वो मुझे नहीं छोड़ेगा और उसने कहा है कि वह मुझे जल्द ही अपने साथ अपनी दुनिया में ले जाएगा।

आरव (असमंजस से): आखिर किसकी बात कर रही हो तुम और कौन आया था यहाँ?

अयाना (आरव से अलग होकर उसकी आँखों में देखते हुए): वही कभी ना दिखने वाला शख्स, जिसकी सिर्फ आवाज़ ही मुझे सुनाई आती है।

आरव अयाना की बात सुनकर खामोशी से उसकी तरफ़ देखने लगता है।

अयाना (दुखी भाव से): दूसरे लोगों की तरह तुम्हें भी यही लगता है ना आरव, कि ऐसा कोई शख्स है ही नहीं, बल्कि यह सब सिर्फ मेरे दिमाग की उपज है, मेरी इमेजिनेशन है… (लगभग रोते हुए) …पर मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ आरव, मेरा यकीन करो, ऐसा शख्स सच में है, जो मुझे बार-बार तंग करता है, मुझे मेंटली टॉर्चर करता है। वह सच में है आरव, यह मेरी कोई इमेजिनेशन या सिर्फ धोखा नहीं है। वह सच में है… प्लीज़ बिलीव मी आरव… (बेबसी से रोते हुए) …मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ, नहीं हूँ मैं झूठी… बिलीव मी।

इतना कहकर अयाना की आँखों से बेबसी और लाचारी के आँसू बहकर उसके गालों पर आ गए। अयाना की आँखों में आँसू देख आरव की आँखों में एक बेचैनी सी उमड़ पड़ी और उसने अयाना के चेहरे को अपने हाथों में लेते हुए, प्यार से उसके गालों पर आए आँसू को अपने अंगूठे से साफ़ किया।

आरव (अयाना की आँखों में देखते हुए): मैं नहीं जानता कि लोग क्या कहते हैं और क्या सच या क्या झूठ है। मैं जानता हूँ तो बस इतना कि आई बिलीव यू। मुझे तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा है, फिर चाहे दुनिया कुछ भी कहे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।

(तो आपको क्या लगता है यह सब जो भी अयाना के साथ हो रहा था, यह महज़ उसके दिमाग की उपज और उसकी इमेजिनेशन थी? या वाकई कोई ऐसा था जिसने अयाना की यह हालत की हुई थी?)

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