Unwanted love:A journey of love ❤️ - Chapter 3
विकास अपने बिज़नेस के सिलसिले में यूएस निकल गया। उसके माँ-बाप ने उसके लिए एक लड़की पसंद की, जो उसे भी बहुत पसंद आयी। उसने उस लड़की से शादी के लिए हाँ कर दिया।
इधर, शयन अपने जीवन में आने वाले भूचाल से अनजान, आराम से अपना कॉलेज और काम अच्छे से मैनेज कर रहा था। लेकिन आज भी एक इंसान लगातार उस पर अपनी नज़र रखे हुए था। ऐसे ही छह महीने बीत गए। शयन ने अपनी एक सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी कर ली थी। वह पूरे क्लास में फर्स्ट आया था। अब उसे ट्रेनिंग के लिए किसी कंपनी को ज्वाइन करना था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह आगे क्या करेगा। उसकी तो कोई पहचान भी नहीं थी।
विकास अब लौट आया था। आते ही उसने अपने माँ-बाप के पसंद की लड़की से इंगेजमेंट कर ली थी। वह अभी भी शयन को भुला नहीं था। वह आज भी शयन को पाना चाहता था।
वह ऑफिस में अपने असिस्टेंट को बुलाकर फिर से शयन के पिछले छह महीने का रिकॉर्ड मँगवाता है। उसे यह जानना था कि इन दिनों शयन किसी रिलेशनशिप में तो नहीं आ गया है।
असिस्टेंट उसकी बात मानकर उसके बारे में पता लगाने लगता है। असिस्टेंट अपने मन में सोचता है, "शयन, मुझे तेरे लिए बहुत बुरा लग रहा है। मैं जानता हूँ कि तू बहुत मासूम है। अपनी लाइफ में बहुत संघर्ष किया है। पर अब तेरा कुछ नहीं हो सकता है। वह सनकी खुद शादी कर रहा है पर तेरी लाइफ को कंट्रोल करके रहेगा।"
थोड़ी देर बाद वह सब डिटेल के साथ वापस आ जाता है। उसने शयन के पिछले छह महीने की सारी डिटेल एक फाइल बनाकर दे दी थी।
विकास ध्यान से फाइल पढ़ने लगता है। सारी डिटेल पढ़ने के बाद वह स्माइल करने लगता है। फिर वह पूरे एटीट्यूड के साथ ऑफिस से निकलकर कॉलेज आ जाता है।
कॉलेज आते ही वह सबसे पहले शयन के क्लासरूम में आकर शयन का हाथ पकड़कर बाहर ले जाता है। शयन उसकी इस हरकत से शॉक रह गया था।
"सर आप यहाँ? आपको मुझसे कोई काम था?" शयन ने पूछा।
"हाँ, अब से तुम कॉलेज नहीं जाओगे। तुम मेरी कंपनी में काम करोगे। तुम्हारी सैलरी तीस हज़ार रुपए होगी।" विकास ने कहा।
शयन जॉब और सैलरी सुनकर खुश हो जाता है। फिर वह बोलता है, "सर अगर मैं जॉब करूँगा तो क्लास कैसे करूँगा?"
"अब तुम्हें सिर्फ अपना एग्ज़ाम देना होगा। चलो अभी मेरे साथ ऑफिस चलो।" यह कहकर वह उसे पकड़कर अपने साथ ले जाता है।
उसके कॉलेज के सारे स्टाफ शयन के लिए बहुत दुखी थे। वे जानते थे कि अब वह विकास की नज़र में आ गया है। वह लोगों के साथ क्या करता है, पर उसके खिलाफ जाने की हिम्मत किसी में नहीं थी।
विकास शयन को अपने ऑफिस में लाकर एक डेस्क पर बिठाकर काम करने को कहता है। फिर वह उससे कहता है कि, "तुम यहाँ मेरे अलावा किसी के करीब नहीं जाओगे।" उसकी बातों में अजीब तरह की सनक थी।
जिसे महसूस कर शयन उसकी बात सुनकर डरते हुए कहता है, "मुझे यहाँ काम नहीं करना है। मैं जा रहा हूँ।" यह कहकर वह जाने लगता है।
विकास उसका हाथ पकड़कर उसे रोकते हुए उसके गाल पर जोरदार थप्पड़ मारता है। वह थप्पड़ इतना जोर से पड़ा था कि वह गिरने लगा था, पर उसका हाथ विकास के हाथ में था, इसलिए सिर्फ़ झूलकर रह गया था।
अब विकास उसका हाथ छोड़कर उसके बालों को पकड़कर कहता है, "तुम यहाँ से कहीं नहीं जा सकते। अगर यहाँ से जाने की कोशिश की तो तुझे पकड़कर कैद कर लूँगा। फिर अपनी पढ़ाई, करियर सब भूल जाना। तुम मेरे हो, इसलिए चुपचाप वही करो जो मैं कहता हूँ। दो महीने बाद हम शादी करेंगे। अभी दो महीने का टाइम तुम्हें मुझे जानने के लिए है। अब तुम यहाँ काम करोगे, भागने की कोशिश भी की तो पाताल से भी ढूँढ निकालूँगा।"
शयन को उसकी हरकत ने डरा दिया था। वह ऑफिस में मौजूद लोगों की तरफ़ बेचारगी से देख रहा था, जैसे कह रहा हो कि मेरी मदद करो, मुझे बचा लो। उसकी नज़र देखकर सारे स्टाफ इधर-उधर देखने लगे और वहाँ से चले गए। कोई भी विकास के खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं कर सकता था।
शयन समझ गया था कि कोई उसकी मदद नहीं करेगा। वह चुपचाप अपने डेस्क पर बैठकर अपना काम करने लगता है और उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे।
उसे ऐसे देखकर विकास बहुत खुश था। वह लगातार शयन को ही देख रहा था। शाम को जब सब लोग चले जाते हैं तो वह शयन को अपने पास बुलाता है।
उधर, ऑफिस से बाहर निकल सभी स्टाफ शयन की ही चिंता कर रहे थे क्योंकि उसे छुट्टी नहीं दी गई थी।
शयन उसके केबिन में आता है। वह अभी भी रो रहा था। विकास उसके पास आकर उसकी आँखों के आँसू को बहुत रूडली पोछ देता है। फिर वह उसे अपने गले लगाकर उसके कानों में कहता है, "चुप हो जाओ। मुझे शांति चाहिए। मुझे रिलैक्स करने दो, अगर तेरे रोने की आवाज़ सुनाई दी मुझे तो सुबह से भी बुरा हाल कर दूँगा।" उसकी बात मानकर वह अपना रोना कंट्रोल करने लगता है। वह अपने हाथों से उसे छूने लगता है। उसके छुअन से शयन को बहुत गंदा लग रहा था, पर वह उसका विरोध नहीं कर पा रहा था क्योंकि वह उससे हर मामले में कमज़ोर था। जब उसका मन भर जाता है तो वह अलग हो जाता है।
विकास फिर उसे पकड़कर किस करता है।
"सुबह ऑफिस जल्दी आ जाना। आज तो सिर्फ हाथों से छुआ है। अगर मेरी बात नहीं मानी तो मैं और भी बहुत कुछ कर सकता हूँ। इसलिए अच्छे बच्चे की तरह मैं जो बोलूँ वह करो, वर्ना दिक्क़त तुझे ही होगी।" विकास ने कहा।
शयन उसकी हरकत से इतना डर चुका था कि वह उसकी बात मानकर अपना सिर हिला देता है। वह तेज़ी से उसकी केबिन से निकलकर अपने घर जाता है। वहाँ पहुँचकर वह जल्दी से अपना दरवाज़ा बंद कर रोने लगता है। उसने अपना मुँह तकिए में छिपा रखा था ताकि उसके रोने की आवाज़ बाहर सुनाई न दे।
वह नहीं चाहता था कि उसकी वजह से मिहिर या उसकी फैमिली परेशान हो। वह ऐसे ही रोते-रोते सो जाता है। अगली सुबह उसकी नींद नौ बजे टूटती है जब उसका फ़ोन बजता है। यह फ़ोन विकास का था, जिसे देखकर उसके पूरे शरीर में डर समा जाता है और वह कपकपा जाता है। वह टाइम देखकर डर के मारे गिरते-गिरते बचता है। वह जल्दी से फ़ोन उठाता है। उधर से आवाज़ आती है, "दस मिनट में बाहर आओ।"
वह जल्दी से फ्रेश होकर बाहर चला जाता है। लता जी उसे आवाज़ देती हैं, पर वह कोई जवाब नहीं देता।
अगले भाग में जारी........