Unwanted love:A journey of love ❤️ - Chapter 2
शयन अपने जीवन में आने वाले खतरे से अनजान, अपने कमरे में सोया हुआ था। तभी उसके पास एक लड़का आकर उसे उठाते हुए कहता है, "शयन, उठ जा यार, शाम के छह बज गए हैं, तुम्हें कैफे भी तो जाना है।"
शयन उसकी बात सुनकर उठ जाता है और स्माइल करते हुए कहता है, "मिहिर, थैंक्स यू यार, तू मेरी लाइफ की सबसे प्रेस्टीजियस चीज है। तूने मुझे अपने घर में रखा है और मेरा इतना ख्याल रखते हो।"
यह मिहिर सक्सेना है। यह एक मिडिल क्लास फैमिली से आता है। इसकी आयु बीस साल है। इसके घर में इसकी माँ लता जी, जो लगभग पैंतालीस साल की होगी, और डैड नवल रहते हैं, जो पचास साल के हैं।
यह दोनों टीचर हैं। इनकी एक बेटी भी है जो बारह साल की है।
लगभग एक साल पहले शयन मिहिर को रास्ते पर मिला था। वह थोड़ा घायल था। वह बेहोश था। उसे लेकर मिहिर अपने घर आ गया था। उसके होश में आने पर उसने पूछा कि वह कौन है और उसकी ऐसी हालत कैसे हुई।
शयन: "मैं शयन हूँ। थैंक्स यू मेरी मदद करने के लिए, अब मैं चलता हूँ।"
मिहिर: "शयन, मैं मिहिर हूँ। तुम अभी घायल हो। तुम मुझे अपने घर का पता बता दो। मैं तुम्हें छोड़ दूँगा। तुम अपने घर वालों का फ़ोन नंबर दे दो, उन्हें भी सब बता दूँगा, वो लोग परेशान होंगे।"
शयन: "मेरा कोई घर नहीं है। मैं अनाथ हूँ। मैं जहाँ रहता था वहाँ से टाइम पर रेंट नहीं देने के कारण उन लोगों ने निकाल दिया। कुछ दिन बाद, जब मेरा कैफे में काम करते हुए एक महीना पूरा हो जाएगा, तो सैलरी से एक नया रेंट ले लूँगा। अब मैं चलता हूँ।"
मिहिर: "हे यार, ऐसी हालत में कहाँ जाएगा? तू यहीं रह जा, जो रेंट तू किसी और को देता, वही मुझे भी दे देना।"
शयन उसकी बात मानकर उस घर में रहने के लिए मान जाता है। तब से वह वहीं रह रहा है। लता और नवल भी उसे अपने बेटे की तरह मानते हैं। शयन भी उन लोगों की बहुत केयर करता है।
शयन जल्दी से तैयार होकर अपने कैफे के लिए निकल जाता है। वह लेट ना हो जाए इसलिए वह आज साइकिल चलाकर जाता है।
वह जैसे ही कैफे पहुँचता है, उसकी नज़र सामने टेबल पर बैठे अमन और उसके दोस्तों पर जाती है।
शयन उन्हें देखकर घबरा जाता है। फिर वह अपने कपड़े चेंज कर बाहर आकर लोगों से उनका ऑर्डर बुक करने लगता है।
फिर वह अपने साथ काम करने वाले एक लड़के, रुप को, अमन के टेबल पर ऑर्डर बुक करने के लिए कहता है।
रुप अमन के पास जाकर उसे ऑर्डर करने के लिए कहता है। अमन उसे देखकर स्माइल करता है और कहता है, "तुम जिसके बोलने पर मेरे पास आए हो उसे कहो कि वह खुद आकर मेरा ऑर्डर ले।"
रुप शयन के पास जाकर बताता है कि टेबल नंबर 12 पर बैठे शख्स ने उसे ही ऑर्डर लेने को कहा है। उसकी बात सुनकर शयन अमन के पास जाने लगता है।
शयन अमन के पास आकर खड़ा हो जाता है और उससे अपना ऑर्डर देने के लिए कहता है।
शयन: "सर, प्लीज प्लेस योर ऑर्डर।" यह कहकर वह चुपचाप वहाँ पर खड़ा रहता है।
अमन: "तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो?"
शयन: "मैं यहाँ जॉब करता हूँ।"
अमन उसे आगे कुछ नहीं कहता और अपना और अपने दोस्तों का ऑर्डर दे देता है। कुछ देर बाद वे लोग वहाँ से चले जाते हैं। वहाँ से बाहर निकलकर अमन अपनी कार में बैठता है। उसके दोस्त भी उसके साथ थे।
अमन के दोस्त: "कुछ भी कहो यार, शयन बहुत मेहनती है और क्यूट भी। पर आगे क्या होगा, यही सोचकर डर लग रहा है।"
अमन: "पता किया कि उसके कोई रिश्तेदार हैं जहाँ उसे यहाँ से भेजा जा सके?"
तपन: "नहीं यार, उसका कोई भी नहीं है। वह बिल्कुल अकेला है। अगर उसे कुछ हो भी जाए तो कोई कंप्लेंट भी नहीं करेगा।"
अमन: "चुप कर अपनी बकवास। उसे हमें ही बचाना होगा। दुबारा मैं वह नहीं होने दे सकता जो पहले हो चुका है।"
तपन: "टेंशन मत ले, हम सब मिलकर उसे बचा लेंगे।"
वे लोग आपस में इस बारे में बात करते हुए चले जाते हैं।
दूसरी ओर, विकास कल की सुबह का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था ताकि वह शयन को दुबारा अपने सामने देख सके। वह ऐसे ही उसे याद करते सो गया।
शयन भी रात के करीब ग्यारह बजे घर पहुँचा। वह बिना आवाज किए अपने कमरे में जाने लगा। तभी घर की लाइट ऑन हो गई। सामने हाल में लता जी खाना लेकर बैठी थीं। वह शयन को देखकर मुस्कुराते हुए कहती हैं, "यह ले और खाकर ही सोना। भूखे पेट नींद नहीं आएगी।"
शयन उसकी बात सुनकर अपना सिर हिला देता है। यह देखकर वह लाइट ऑफ कर अपने कमरे में चली जाती है। शयन की आँखों के कोनों में पानी भर गया था।
वह जब छोटा था तभी उसके माँ-बाप नहीं रहे थे। आज इतने सालों बाद मिहिर और उसकी फैमिली से इतना प्यार पाकर वह खुश था। वह खाना खाकर सो जाता है।
सुबह वह कॉलेज जाता है। आज से कॉलेज का लेक्चर शुरू था। वह तेजी से अपनी क्लास में जाने लगता है। कोई इंसान उसे तब से ही देख रहा था जब से वह कॉलेज आया था। इन सब से बेखबर वह अपनी क्लास का इंतज़ार कर रहा था।
दूसरी तरफ, विकास अपने घर में तेजी से अपना ब्रेकफास्ट फ़िनिश कर रहा था। उसी समय उसके माँ-बाप उसके पास आकर बैठ जाते हैं।
विकास के डैड: "बेटा, अब तुम्हें भी शादी करके सेटल हो जाना चाहिए। अब तुम सक्सेसफुल भी हो चुके हो।"
विकास की माँ: "अगर तुम हाँ कहो तो मैं लड़कियाँ देखना शुरू कर दूँ।"
विकास: "ओके माँ, पर उसे मुझे भी पसंद आना चाहिए।"
विकास के माँ-बाप उसकी बात सुनकर बहुत खुश हो गए। कुछ देर इधर-उधर की बात कर ब्रेकफास्ट फ़िनिश कर वे लोग भी वहाँ से चले गए।
विकास अपने आप से: "सारी बेबी बॉय पर तुम्हें मेरा पेट बनके रहना पड़ेगा। तुम्हें तो छोड़ नहीं सकता। तुम मेरी डिज़ायर को शांत करने के लिए हमेशा मेरे साथ रहोगे।" यह कहकर वह हँसने लगता है।
"माय डियर बेबी, वेट फॉर मी, आई एम कमिंग।" यह कहकर वह अपने ड्राइवर को कार लेकर आने के लिए कहता है।
वह कार में बैठकर ड्राइवर को कार कॉलेज ले जाने के लिए कहता है। वह बीच रास्ते में रहता है जहाँ उसका फ़ोन बजने लगता है।
विकास: "हैलो, क्या बात है जो मुझे कॉल किया है?"
असिस्टेंट: "सर, हमें फ़िलाडेल्फ़िया में बनने वाले होटल प्रोजेक्ट मिल गया है। हमें छह महीने के अंदर ही इसे कंप्लीट करना है। सर आपको वहाँ जाकर यह खुद हैंडिल करना पड़ेगा जिससे हमारी कंपनी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी एक अलग पहचान बना लेगी और कंपनी को बहुत फ़ायदा होगा।"
विकास अपने ड्राइवर को कार एयरपोर्ट ले जाने के लिए कहता है।
विकास अपने आप से: "बेबी बॉय, जस्ट वेट फ़ॉर सिक्स मंथ्स। फिर तू मेरे आँखों के सामने ही रहेगा। ताकि मैं अपनी छह महीने की प्यास बुझाऊँगा।" यह कहकर वह एयरपोर्ट के अंदर चला जाता है।
अगले भाग में जारी.....