Obsessed Billionaire Hubby - Chapter 1
बंगलौर शहर के सबसे बड़े होटल, स्टार लाइट में, अरमान सिंघानिया की शादी का फंक्शन आयोजित किया गया था। शहर भर के, दुनिया भर के सभी VIP लोग उस शादी में मौजूद थे!
और अरमान सिंघानिया, शादी के कपड़ों में मंडप में बैठा हुआ, अपनी दुल्हन के इंतज़ार करने के बजाय, अपने ऑफिस का काम कर रहा था; उसके एक हाथ में लैपटॉप, दूसरे हाथ में उसका फोन था! साथ ही, उसके कुछ आदमी उसके आस-पास खड़े हुए थे!
उस शादी में आए सभी लोग अरमान सिंघानिया को देखकर समझ रहे थे कि अपनी शादी के दिन भी इस बंदे को काम से फुर्सत नहीं है।
आखिरकार, सिंघानिया इंडस्ट्रीज का इकलौता वारिस तो यही है। और उसके ऊपर अनेक ज़िम्मेदारियाँ हैं।
वहीं, शादी में आए कुछ लोग इस बात पर गॉसिप कर रहे थे कि समझ में नहीं आ रहा था कि अरमान सिंघानिया ने एक मिडिल-क्लास लड़की को अपनी पत्नी बनाने का फैसला क्यों लिया है?
जबकि वह चाहे तो, शहर भर की अनेक अमीर लड़कियाँ उससे शादी करने को तैयार थीं।
क्योंकि उसके जितना अमीर और dashing, smart, और handsome पूरे शहर में कोई नहीं था।
तभी पंडित जी की आवाज गूँजी!
"जल्द से जल्द दुल्हन को बुलाया जाए।"
यह सुनकर सामने खड़ी एक औरत दो-तीन लड़कियों को लेकर दुल्हन के कमरे की ओर जाने लगी!
ताकि वह वहाँ से दुल्हन को लेकर आ सके! लेकिन जैसे ही वह दुल्हन वाले कमरे की ओर बढ़ी, दुल्हन के पिता तुरंत उनका रास्ता रोक लिया।
और कहा, "अरे आप लोग चलिए, मैं अपनी बेटी को लेकर आता हूँ। बस थोड़ी सी तैयारी अभी बाकी है।" ऐसा कहकर उन्होंने उन्हें टाल दिया! और वापस उन्हें नीचे शादी के मंडप की ओर भेज दिया।
उन सब लोगों से कुछ दूरी पर खड़ा एक इंसान, बड़ी हैरानी से ये सब कुछ देख रहा था। वह शख्स कोई और नहीं, बल्कि अरमान सिंघानिया के दादाजी, आलोक सिंघानिया थे। जिनके कहने पर ही अरमान सिंघानिया यह शादी कर रहा था।
और क्योंकि उनकी आखिरी ख्वाहिश यही थी कि वह अपने पोते की शादी अपनी आँखों से देख सकें, दादाजी आलोक सिंघानिया ने अरमान की शादी तय कर दी थी! और शादी के लिए उन्होंने अपने ही ऑफिस में काम करने वाले, एक क्लर्क, मिस्टर मनोज मल्होत्रा की बेटी को चुना था! मिस्टर मनोज मल्होत्रा की बेटी का नाम प्रियंका था। प्रियंका को अरमान से मिलाया गया था और उसे बताया गया था कि अरमान की शादी प्रियंका से ही होगी!...
प्रियंका कम खूबसूरत लड़की थी, लेकिन वह किसी और से प्यार करती थी! साथ ही, उसके ज़िन्दगी में अपने कुछ सपने थे, वह ज़िन्दगी अपनी शर्तों पर जीना चाहती थी, लेकिन जितना उसने अरमान के कारनामों के बारे में सुना था...
उसके बाद...
उसे अरमान से काफी ज़्यादा डर लगने लगा था।
क्योंकि अरमान का अहंकारी अंदाज़ और बर्ताव पूरे शहर से छुपा नहीं था। अरमान जब चाहे, जिसे चाहे बर्बाद करने की हिम्मत और ताकत दोनों ही रखता था...
इतना ही नहीं, अरमान सिंघानिया से पंगा लेने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। एक बार एक मॉडल ने अरमान सिंघानिया को भारी महफ़िल में प्रपोज़ किया था, और अरमान ने बिना किसी की परवाह किए! उसका पूरा करियर, उसकी पूरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी! अरमान को लड़कियों से एक तरह से बहुत ज़्यादा चिढ़ थी। और यह चिढ़ क्यों थी, इसके उसके अपने ख़ास कारण थे!...
क्योंकि पास्ट में उसके साथ कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद से उसका भरोसा हर चीज़ पर से उठ चुका था, इसलिए प्यार से, विश्वास से, हर चीज़ से उसका भरोसा उठ चुका था। जिसके कारण अब उसकी ज़िन्दगी में सिर्फ़ और सिर्फ़ पैसा कमाना सबसे ज़रूरी बन चुका था...
और उसी के कारण आज सिंघानिया इंडस्ट्रीज ना केवल शहर भर की, बल्कि पूरे देश की नंबर वन इंडस्ट्रीज़ थी।
वेल, अब जैसे ही बिना दुल्हन के वह औरतें वापस आईं,
आलोक जी को इस बात का एहसास हुआ! कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है! तो वह बिना किसी को भनक लगे उस कमरे की ओर जाने लगे, जहाँ प्रियंका, यानी कि दुल्हन मौजूद थीं! और जैसे ही वह वहाँ गए, उन्होंने सुना कि उस कमरे में किसी के रोने की आवाज़ आ रही थी,
अब आलोक जी काफी हद तक हैरान-परेशान हो उठे, और बिना किसी दरवाज़े पर दस्तक दिए वह तुरंत अंदर चले गए, और जैसे ही वह अंदर गए! उन्होंने देखा कि एक बहुत ही खूबसूरत और प्यारी सी लड़की का हाथ मनोज जी ने, यानी कि प्रियंका के पिता ने, पकड़ रखा था......
और साथ ही साथ प्रियंका की माँ उसे मार रही थी। अब जैसे ही आलोक जी ने यह देखा तो उनकी हैरानी का कोई ठिकाना नहीं था, और वह बोले, "ये सब क्या हो रहा है यहाँ पर?"
अब जैसे ही आलोक जी की रोबदार आवाज़ वहाँ गूँजी, सभी हैरानी से आलोक जी को देखने लगे, और वह लड़की, जिसके हाथ मनोज जी ने पकड़ रखा था,
वह बुरी तरह से रो रही थी। तभी आलोक जी ने कहा, "यह लड़की कौन है? और इसको आप इस तरह से क्यों मार रहे हैं? और प्रियंका कहाँ है?
और क्या आप लोगों को सुनाई नहीं दिया, पंडित जी दुल्हन को मंडप में बुला रहे हैं?...
बोलिए, जवाब दीजिए? प्रियंका कहाँ है?" अब मनोज जी और साथ ही साथ मनोज जी की पत्नी, सीमा जी, दोनों सर झुका कर खड़े हो गए! और बोले, "हमें माफ़ कीजिएगा सर, प्रियंका यहाँ मौजूद नहीं है।" अब मनोज जी ने जैसे ही हाथ जोड़कर आलोक जी से माफ़ी माँगी,....
उनका गुस्सा काफी बढ़ चुका था। और वह बोले, "ये क्या बकवास कर रहे हो मनोज तुम? शायद भूल रहे हो तुम, हमारे ऑफिस में काम करने वाले एक मामूली से आदमी हो, तो तुम इस तरह से हमारी इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ कैसे कर सकते हो! क्या तुम भूल गए हो, इस वक़्त इस शादी में शहर भर के सभी बड़े लोग, सभी हमारे बिज़नेसमैन मौजूद हैं। और तुम हमें कह रहे हो कि तुम्हारी बेटी यहाँ नहीं है। सच-सच बताओ क्या बात है?"
अब जैसे ही आलोक जी ने यह कहा, मनोज की पत्नी, सीमा आगे आई और बोली! "मैं बताती हूँ सर क्या बात है, हम तो आपके इतने बड़े घर में हमारी बेटी की शादी हो रही है, इस बात को लेकर काफी ज़्यादा खुश थे।"
"और इसीलिए हमने गाँव से हमारी यह नन्द की बेटी को भी बुला लिया था। बहुत समय पहले एक एक्सीडेंट में इसके माता-पिता मारे गए थे, क्योंकि यह गाँव में अपनी नानी, यानी कि मेरी सास के साथ रहती है, तो हमने सोचा कि यह शादी में आएगी तो शादी के कुछ फंक्शन में हाथ बटाएगी तो सही रहेगा,
और इसने काम भी किए! हल्दी, मेहँदी, हर एक फंक्शन में इसने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, और घर के सारे काम किए, लेकिन आज, जब हमने प्रियंका को लेने के लिए भेजा तो इसने हमें आकर बताया कि प्रियंका तो यहाँ है ही नहीं,
वह तो भाग गई है! हमें पूरा यकीन है कि इसी लड़की ने प्रियंका को भगाया है," ऐसा कहकर मनोज और साथ ही साथ उसकी
पत्नी सीमा, आस्था पर इल्ज़ाम लगाने लगीं,
आस्था रो रही थी, चीख रही थी, और कह रही थी, "इसमें मेरा कोई कसूर नहीं है मामी! आपको गलतफ़हमी हुई है! मैं कब से आपको यही बात समझाने की कोशिश कर रही हूँ!"
"जब मैं प्रियंका दीदी को लेने के लिए यहाँ इस कमरे में आई, प्रियंका दीदी उस वक़्त कमरे में मौजूद नहीं थीं। आखिरकार आप मेरी बात क्यों नहीं मान रहे हैं?" ऐसा कहकर आस्था रोने लगी। रोने की वजह से उसकी खूबसूरत सी नाक एकदम टमाटर के जैसे लाल हो गई थी, जिसमें वह रोती हुई और भी ज़्यादा खूबसूरत और प्यारी लग रही थी,
आलोक जी, मनोज और सीमा पर गुस्सा होते हुए बोले, "हमें ये सब कुछ नहीं सुनना चाहते हैं। हमें अभी इसी वक़्त किसी और लड़की का इंतज़ाम करके दो! हम आज के आज ही यह शादी ज़रूर करेंगे! अगर आज यह शादी नहीं हुई तो, पूरा का पूरा सिंघानिया एम्पायर बर्बाद हो जाएगा, और तुम अच्छी तरह से जानते हो कि उसके बाद अरमान तुम्हारी क्या हालत करेगा! क्योंकि वह सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन अपनी बिज़नेस पर, अपनी फैमिली पर, वह किसी तरह की कोई भी बेइज़्ज़ती या परेशानी या किसी भी तरह की कोई भी बात या कोई भी दाग वह बर्दाश्त नहीं कर सकता है।"
अब मनोज और सीमा दोनों एक-दूसरे की शक्ल देखने लगे थे, तभी अचानक सीमा आगे आई, आस्था का हाथ पकड़कर उसने तुरंत आलोक जी के सामने उसे पटक दिया, कहने लगी, "हमें पूरा यकीन है सर, इसी ने कुछ ना कुछ गड़बड़ की है, और इसके भरपाई ये ही चुकाएंगी अब, अगर आप कहें तो हम अभी और इसी वक़्त इस लड़की को शादी का जोड़ा पहनाकर मंडप में बिठा देते हैं।"
अब जैसे ही अचानक सीमा जी ने यह कहा, आस्था की हालत ख़राब हो गई, और वह बहुत बुरी तरह से रोने लगी, और कहने लगी, "मामी जी आप यह कैसी बातें कर रही हैं। आप भला मेरी शादी ऐसे कैसे करवा सकती हैं? अभी मेरे सपने हैं, मेरा करियर है, मैं डॉक्टर बनना चाहती हूँ, मुझे अभी ज़िन्दगी में बहुत कुछ करना है। आप ऐसे कैसे इस तरह की बातें करके मेरी शादी करवा सकती हैं। मैंने आपसे कहा ना, मैंने कुछ नहीं किया है, और मैं गाँव से शहर सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रियंका दीदी की शादी अटेंड करने के लिए ही आई हूँ! मैं उनकी शादी में उन्हें शादी से भगाने के लिए थोड़े ही आई हूँ! आपको गलतफ़हमी हुई है।" ऐसा कहकर आस्था बड़ी बुरी तरह से रोने लगी!
और तब आलोक जी बड़े ही ध्यान से आस्था की ओर देख रहे थे। असल में तो आस्था उन्हें पहली नज़र में ही भा गई थी, और अब आस्था की इस तरह की बातें सुनकर वह काफी हद तक थोड़ा सा परेशान भी हो गए! क्योंकि वह अच्छी तरह से जानते थे, अरमान को लड़कियों का जॉब करना, या फिर किसी भी औरत का घर से बाहर जाकर काम करना बिल्कुल भी पसंद नहीं है...
तो वह किसी भी कीमत पर यह बर्दाश्त नहीं करेगा कि उसकी पत्नी डॉक्टर बनना चाहे या ना चाहे।
जबकि आस्था डॉक्टर बनना चाहती थी। क्योंकि उसके गाँव में दूर-दूर तक कोई डॉक्टर नहीं था। इनफैक्ट, जब उसके माता-पिता का एक्सीडेंट हुआ था,
उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। तब से आस्था ने कसम खा ली थी। अपनी ज़िन्दगी का इकलौता मकसद बना लिया था कि वह डॉक्टर बनकर रहेगी और अपने गाँव में ही अपना एक छोटा सा अस्पताल खोलेगी,
या फिर छोटा सा क्लीनिक खोलकर लोगों की सेवा करेगी,
और जिस तरह से उसके माता-पिता की मौत हुई है, वह किसी और की मौत नहीं होने देगी। तो, डॉक्टरी करना उसके नस-नस में बस चुका था। लेकिन अब अचानक से शादी की बात सुनकर उसके आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। वह ऐसे कैसे अचानक से शादी कर सकती थी? उसके ज़िन्दगी का एक ही मकसद था, केवल डॉक्टर बनना ही उसका इकलौता और मात्र सपना था।
उसकी मामी अचानक से आ गई और एक और चाँटा उसने आस्था के मुँह पर दे मारा, और बोली, "ऐ लड़की, अपने फ़ालतू की बकवास बंद कर! अगर तूने आज यह शादी नहीं की तो जानती है हम लोग कितनी बुरी तरह से बर्बाद हो जाएँगे! इतना ही नहीं, अरमान सिंघानिया के आदमी हमारी जान ले लेंगे,...
वह तेरे मामा को गोली मार देंगे, गोली!"
"अब तू देख ले तुझे क्या करना है! अगर तू हमारी लाश देखना चाहती है तो बेशक यह शादी मत कर!" ऐसा कहकर वह बड़ी ही बुरी तरह से आस्था को मजबूर करने लगी,...
वहीं आस्था के आँसू काफी ज़्यादा बह निकले। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह करे तो करे क्या?
लेकिन तभी आलोक जी ने मनोज जी से कहा, "इस लड़की को शादी के जोड़े में तैयार कर, फटाफट से शादी के मंडप में बिठाओ।" जैसे ही आलोक जी यह आदेश देकर वहाँ से चले गए......
, और अब आस्था घुटनों के बल बैठकर बुरी तरह से रोने लगी! तभी अचानक उसके मामा अपने दोनों हाथ जोड़कर आस्था के पास बैठ गए, और बोले, "आस्था बेटे, अपने मामा की जान और इज़्ज़त दोनों ही बचा लो, प्लीज़!"
"अगर तूने आज यह शादी नहीं की तो अरमान सिंघानिया हम सब की जान ले लेगा, तुम नहीं जानती कि वो गुस्से में कितना ज़्यादा तेज है!...
उसके लिए जान लेना बहुत मामूली सी बात है,,
बेटी, हमारी बात मान लो, और शादी के लिए हाँ कह दो।" ऐसा कहकर वह बड़ी ही बुरी तरह से रोने लगे,
दोस्तों, प्लीज़ मेरी यह नई स्टोरी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप लोग इसे बहुत ज़्यादा प्यार देंगे और लाइक, शेयर और कमेंट ज़रूर करें....
और ज़रूर बताएँ कि आपको इसका पहला चैप्टर कैसा लगा...