Mystery
𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪
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मिहिका माहेश्वरी ने अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी गलती की थी—अपनों पर शक करना और गैरों पर भरोसा करना। जिस बहन को उसने अपना सब कुछ माना, उसी ने उसकी मौत की साज़िश रची। जिस इंसान से उसने बेइंतहा प्यार किया, उसने उसके जज़्बातों को कुचल दिया। और जिन लोगों को उसने ...
मिहिका माहेश्वरी ने अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी गलती की थी—अपनों पर शक करना और गैरों पर भरोसा करना। जिस बहन को उसने अपना सब कुछ माना, उसी ने उसकी मौत की साज़िश रची। जिस इंसान से उसने बेइंतहा प्यार किया, उसने उसके जज़्बातों को कुचल दिया। और जिन लोगों को उसने हमेशा नज़रअंदाज़ किया, वही आखिरी सांस तक उसकी ढाल बनकर खड़े रहे।
धोखे, लालच और नफरत की आग में मिहिका की पूरी दुनिया जलकर राख हो गई। उसका भाई विवान माहेश्वरी, दिव्यान लूथरा और वो सभी लोग जिन्होंने उससे सच्चा प्यार किया था, उसकी एक गलती की कीमत चुकाने पर मजबूर हो गए। लेकिन मरने से पहले मिहिका ने महादेव से सिर्फ एक चीज़ माँगी—एक और मौका।
क्या किस्मत उसे दूसरा अवसर देगी?
अगर समय पीछे लौट जाए, तो क्या वह अपनी गलतियों को सुधार पाएगी? क्या वह उन लोगों को बचा पाएगी जिनकी मौत की वजह कहीं न कहीं वह खुद बनी थी? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर दिव्यान लूथरा कौन है, जो आखिरी पल तक उसकी रक्षा करने के लिए मौत से लड़ता रहा? उसका विवान माहेश्वरी से क्या रिश्ता है, और क्यों उसकी आखिरी सांसों में भी सिर्फ उसी का नाम था?
धोखे, रहस्यों, साज़िशों, पारिवारिक संघर्ष, अधूरे रिश्तों, दर्दनाक सच और पुनर्जन्म से भरी यह कहानी आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर चेहरा एक राज़ छुपाए बैठा है और हर रिश्ते की अपनी कीमत है।
क्योंकि कुछ कहानियाँ मौत पर खत्म नहीं होतीं...
वे वहीं से शुरू होती हैं, जहाँ सब कुछ खत्म हो चुका होता है।
धोखे, लालच और नफरत की आग में मिहिका की पूरी दुनिया जलकर राख हो गई। उसका भाई विवान माहेश्वरी, दिव्यान लूथरा और वो सभी लोग जिन्होंने उससे सच्चा प्यार किया था, उसकी एक गलती की कीमत चुकाने पर मजबूर हो गए। लेकिन मरने से पहले मिहिका ने महादेव से सिर्फ एक चीज़ माँगी—एक और मौका।
क्या किस्मत उसे दूसरा अवसर देगी?
अगर समय पीछे लौट जाए, तो क्या वह अपनी गलतियों को सुधार पाएगी? क्या वह उन लोगों को बचा पाएगी जिनकी मौत की वजह कहीं न कहीं वह खुद बनी थी? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर दिव्यान लूथरा कौन है, जो आखिरी पल तक उसकी रक्षा करने के लिए मौत से लड़ता रहा? उसका विवान माहेश्वरी से क्या रिश्ता है, और क्यों उसकी आखिरी सांसों में भी सिर्फ उसी का नाम था?
धोखे, रहस्यों, साज़िशों, पारिवारिक संघर्ष, अधूरे रिश्तों, दर्दनाक सच और पुनर्जन्म से भरी यह कहानी आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर चेहरा एक राज़ छुपाए बैठा है और हर रिश्ते की अपनी कीमत है।
क्योंकि कुछ कहानियाँ मौत पर खत्म नहीं होतीं...
वे वहीं से शुरू होती हैं, जहाँ सब कुछ खत्म हो चुका होता है।
Chapter
2
Words
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Updated
14 hrs ago
Published
Jun 04, 2026
मिहिका माहेश्वरी ने अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी गलती की थी—अपनों पर शक करना और गैरों पर भरोसा करना। जिस बहन को उसने अपना सब कुछ माना, उसी ने उसकी मौत की साज़िश रची। जिस इंसान से उसने बेइंतहा प्यार किया, उसने उसके जज़्बातों को कुचल दिया। और जिन लोगों को उसने हमेशा नज़रअंदाज़ किया, वही आखिरी सांस तक उसकी ढाल बनकर खड़े रहे।
धोखे, लालच और नफरत की आग में मिहिका की पूरी दुनिया जलकर राख हो गई। उसका भाई विवान माहेश्वरी, दिव्यान लूथरा और वो सभी लोग जिन्होंने उससे सच्चा प्यार किया था, उसकी एक गलती की कीमत चुकाने पर मजबूर हो गए। लेकिन मरने से पहले मिहिका ने महादेव से सिर्फ एक चीज़ माँगी—एक और मौका।
क्या किस्मत उसे दूसरा अवसर देगी?
अगर समय पीछे लौट जाए, तो क्या वह अपनी गलतियों को सुधार पाएगी? क्या वह उन लोगों को बचा पाएगी जिनकी मौत की वजह कहीं न कहीं वह खुद बनी थी? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर दिव्यान लूथरा कौन है, जो आखिरी पल तक उसकी रक्षा करने के लिए मौत से लड़ता रहा? उसका विवान माहेश्वरी से क्या रिश्ता है, और क्यों उसकी आखिरी सांसों में भी सिर्फ उसी का नाम था?
धोखे, रहस्यों, साज़िशों, पारिवारिक संघर्ष, अधूरे रिश्तों, दर्दनाक सच और पुनर्जन्म से भरी यह कहानी आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर चेहरा एक राज़ छुपाए बैठा है और हर रिश्ते की अपनी कीमत है।
क्योंकि कुछ कहानियाँ मौत पर खत्म नहीं होतीं...
वे वहीं से शुरू होती हैं, जहाँ सब कुछ खत्म हो चुका होता है।
धोखे, लालच और नफरत की आग में मिहिका की पूरी दुनिया जलकर राख हो गई। उसका भाई विवान माहेश्वरी, दिव्यान लूथरा और वो सभी लोग जिन्होंने उससे सच्चा प्यार किया था, उसकी एक गलती की कीमत चुकाने पर मजबूर हो गए। लेकिन मरने से पहले मिहिका ने महादेव से सिर्फ एक चीज़ माँगी—एक और मौका।
क्या किस्मत उसे दूसरा अवसर देगी?
अगर समय पीछे लौट जाए, तो क्या वह अपनी गलतियों को सुधार पाएगी? क्या वह उन लोगों को बचा पाएगी जिनकी मौत की वजह कहीं न कहीं वह खुद बनी थी? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर दिव्यान लूथरा कौन है, जो आखिरी पल तक उसकी रक्षा करने के लिए मौत से लड़ता रहा? उसका विवान माहेश्वरी से क्या रिश्ता है, और क्यों उसकी आखिरी सांसों में भी सिर्फ उसी का नाम था?
धोखे, रहस्यों, साज़िशों, पारिवारिक संघर्ष, अधूरे रिश्तों, दर्दनाक सच और पुनर्जन्म से भरी यह कहानी आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर चेहरा एक राज़ छुपाए बैठा है और हर रिश्ते की अपनी कीमत है।
क्योंकि कुछ कहानियाँ मौत पर खत्म नहीं होतीं...
वे वहीं से शुरू होती हैं, जहाँ सब कुछ खत्म हो चुका होता है।
Gargee Choudhary
𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 2 • 8 hours ago
Gargee Choudhary
𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 1 • 8 hours ago
Tamanna Khatun
𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 2 • 11 hours ago
Gargee Choudhary
8 hours ago
nice 🙂 kahani to interesting lg rahi h 😇
1 likes • 𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 1
Tamanna Khatun
11 hours ago
please next pat jaldi dena
0 likes • 𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 2No fan art available for this story yet.
nice chapter 🥰 pr hero ko aane me kitna time h 😅
1 likes • 𝐁𝐨𝐫𝐧 𝐀𝐠𝐚𝐢𝐧 𝐓𝐨 𝐁𝐮𝐫𝐧 𓆪 - Chapter 2