Romance Romantic Comedy इश्क़ दोबारा
Romedy
Love Replay
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श्रीविका अपने पति से बहत प्यार करती थी , पागलों की तरह चाहती थी वो उसके सांस लेने की वजह ही बन गया था,मगर उसे नहीं पता था के उसका प्यार उसे तोड़ देगा, उसका उसे इस कदर चाहना ही सबसे बड़ी गलती बन जायेगी,उसके सांस भरने की वजह ही उसके सांस टुटने की वजह बन जायेग...
श्रीविका अपने पति से बहत प्यार करती थी , पागलों की तरह चाहती थी वो उसके सांस लेने की वजह ही बन गया था,मगर उसे नहीं पता था के उसका प्यार उसे तोड़ देगा, उसका उसे इस कदर चाहना ही सबसे बड़ी गलती बन जायेगी,उसके सांस भरने की वजह ही उसके सांस टुटने की वजह बन जायेगा उनकी शादी के पहली सालगिरह के दिन ही उसके पति से उसे एक ऐसा तोहफा मिला जिसने श्रीविका को अंदर तोड़ कर रख दिया ,, शांत सड़क पे दुल्हन का लाल जोड़ा पहने भरी कदमों से श्रीविका आगे बढ़ रही थी उसकी आखों से बेतहाशा आसूं बहकर थम चुकेथे पलके सुख चुके थे उसके चहरे पे कोई भाव नहीं वो स्थिर आखों से बस देखे जारही थी उसके खामोश होंठ अचानक बोलने लगे
" क्यों? क्यों?क्यों किया आपने ऐसा मेरे साथ.... गलती क्या थी मेरी... यही... के... मेने आपसे प्यार किया अपना सब कुछ दिया अपना सब कुछ माना...सब कुछ भुलके खुद को भी भुल के.... पागलों की तरह आपसे प्यार किया......क्या यही गलती थी मेरी...? और बदले में आपने मुझसे मेरा सब कुछ छीन लिया मेरे मॉम डैड को भी मुझसे छीन लिया....क्यों? आरिश क्यों? आप भी तो मुझसे प्यार करते थे न या सिर्फ ....सिर्फ ये सब मेरी नजरों का धोखा था , वो प्यार वो हमेशा साथ निभाने के वादे ये सब धोखा था झुठ था....तोड़ दिया मुझे , सब खो चुकी हु मैं अपने आप.....को आपने मां बाप को.... ,जीने कोई वजह ...नहीं बची...मेरे पास अगर...मेरा फिर जन्म हुआ तो मैं दोवारा.....प्यार के बदले ...धोखा नहीं...पाना चाहुंगी ..नाही ...आपसे दोवारा ...मिलना चाहुंगी...आरिश मिश्रा . .. मुझमें इतनी ...हिम्मत नहीं के...बदला ले सकु.. ना फिर आपका.. सामना करना.. चाहुंगी.. " अपनी बात खत्म कर उसके आखों से एकबार फिर आसूं झड़ गये सिसकिया लेते हुए अपने कलाइयो में भरी लाल चुड़ीयो की तरफ देखने लगी,,वो अंदर से काच की तरह टुट रही थी ये दर्द उसे अंदर तक तोड़ रहा था उसके कदम भारी होकर रूकते जा रहे थे आरिश के साथ बिताये हर एक हसीन पल उसके आखों के सामने से घुमने लगे मगर कुछ पलो के अंदर ही वो हसीन पल आसूंओं से भरे आखों के आगे से बिल्कुल गायब हो गये और आखों के आगे गहरा अंधेरा छा गया
एक रौशनी आई एक ट्रक सीधे उसकी तरफ बढ़ रही थी उसे देख कर भी वो अपनी जगह से नहीं हटी उसकी मौत उस्से चंद दुरीपर है पर उसके चहरे पे कही भी खौफ या घबराहट के भाव नहीं आखरी वक्त पे उसके माथे के सीकन मिट चुके थे उसके अंदर का दर्द एक मुस्कान के जरिये उसके होठों पे सज गइ उसने अब आखे मीच लिया और सिर्फ इतना ही कहा "एक खुबसूरत झुठी जिंदगी कै लिए शुक्रिया... आरिश " इन आखरी चंद शब्दों को कहने के साथ एक तेज रफ्तार से आती ट्रक ने उसे टक्कर मार दिया उसका शरीर छटक कर दूर जागिड़ा गहरे लाल रंग का जुड़ा उसके बेतहाशा बहते खुन से रंग गये चुड़िया भी उसके कलाइ में ही टुट गइ ,उसके आखों से आखरी दर्द भरी बूंद झड़ गया और आखरी सांस भरने के साथ उसकी जिंदगी खत्म होगइ,,,
क्या सच में श्रीविका की जिंदगी का अंत इसी तरह होगा? क्या उसे मिलेगी नइ जिंदगी या नहीं? जिस पति से वो इस हद तक प्यार करतीं थी के उसे अपना जिंदगी मानती थी आखिर उसने बदले में उसे इस कदर धोखा क्यों दिया ? क्यों उसकी जिंदगी को ही छीन लिया जानने के लिए पढ़े "Love Reply"
#इश्क़ दोबारा
" क्यों? क्यों?क्यों किया आपने ऐसा मेरे साथ.... गलती क्या थी मेरी... यही... के... मेने आपसे प्यार किया अपना सब कुछ दिया अपना सब कुछ माना...सब कुछ भुलके खुद को भी भुल के.... पागलों की तरह आपसे प्यार किया......क्या यही गलती थी मेरी...? और बदले में आपने मुझसे मेरा सब कुछ छीन लिया मेरे मॉम डैड को भी मुझसे छीन लिया....क्यों? आरिश क्यों? आप भी तो मुझसे प्यार करते थे न या सिर्फ ....सिर्फ ये सब मेरी नजरों का धोखा था , वो प्यार वो हमेशा साथ निभाने के वादे ये सब धोखा था झुठ था....तोड़ दिया मुझे , सब खो चुकी हु मैं अपने आप.....को आपने मां बाप को.... ,जीने कोई वजह ...नहीं बची...मेरे पास अगर...मेरा फिर जन्म हुआ तो मैं दोवारा.....प्यार के बदले ...धोखा नहीं...पाना चाहुंगी ..नाही ...आपसे दोवारा ...मिलना चाहुंगी...आरिश मिश्रा . .. मुझमें इतनी ...हिम्मत नहीं के...बदला ले सकु.. ना फिर आपका.. सामना करना.. चाहुंगी.. " अपनी बात खत्म कर उसके आखों से एकबार फिर आसूं झड़ गये सिसकिया लेते हुए अपने कलाइयो में भरी लाल चुड़ीयो की तरफ देखने लगी,,वो अंदर से काच की तरह टुट रही थी ये दर्द उसे अंदर तक तोड़ रहा था उसके कदम भारी होकर रूकते जा रहे थे आरिश के साथ बिताये हर एक हसीन पल उसके आखों के सामने से घुमने लगे मगर कुछ पलो के अंदर ही वो हसीन पल आसूंओं से भरे आखों के आगे से बिल्कुल गायब हो गये और आखों के आगे गहरा अंधेरा छा गया
एक रौशनी आई एक ट्रक सीधे उसकी तरफ बढ़ रही थी उसे देख कर भी वो अपनी जगह से नहीं हटी उसकी मौत उस्से चंद दुरीपर है पर उसके चहरे पे कही भी खौफ या घबराहट के भाव नहीं आखरी वक्त पे उसके माथे के सीकन मिट चुके थे उसके अंदर का दर्द एक मुस्कान के जरिये उसके होठों पे सज गइ उसने अब आखे मीच लिया और सिर्फ इतना ही कहा "एक खुबसूरत झुठी जिंदगी कै लिए शुक्रिया... आरिश " इन आखरी चंद शब्दों को कहने के साथ एक तेज रफ्तार से आती ट्रक ने उसे टक्कर मार दिया उसका शरीर छटक कर दूर जागिड़ा गहरे लाल रंग का जुड़ा उसके बेतहाशा बहते खुन से रंग गये चुड़िया भी उसके कलाइ में ही टुट गइ ,उसके आखों से आखरी दर्द भरी बूंद झड़ गया और आखरी सांस भरने के साथ उसकी जिंदगी खत्म होगइ,,,
क्या सच में श्रीविका की जिंदगी का अंत इसी तरह होगा? क्या उसे मिलेगी नइ जिंदगी या नहीं? जिस पति से वो इस हद तक प्यार करतीं थी के उसे अपना जिंदगी मानती थी आखिर उसने बदले में उसे इस कदर धोखा क्यों दिया ? क्यों उसकी जिंदगी को ही छीन लिया जानने के लिए पढ़े "Love Reply"
#इश्क़ दोबारा
Chapter
14
Words
14.6K
Updated
60 min ago
Published
Apr 27, 2026
Published Chapters
Love Replay - Chapter 1
Free
Love Replay - Chapter 2
Free
Love Replay - Chapter 3
Free
Love Replay - Chapter 4
Free
Love Replay - Chapter 5
Free
Love Replay - Chapter 6
Free
Love Replay - Chapter 7
Free
Love Replay - Chapter 8
Free
Love Replay - Chapter 9
Free
Love Replay - Chapter 10
Free
Love Replay - Chapter 11
Free
Love Replay - Chapter 12
Free
Love Replay - Chapter 13
Free
Love Replay - Chapter 14
Free
श्रीविका अपने पति से बहत प्यार करती थी , पागलों की तरह चाहती थी वो उसके सांस लेने की वजह ही बन गया था,मगर उसे नहीं पता था के उसका प्यार उसे तोड़ देगा, उसका उसे इस कदर चाहना ही सबसे बड़ी गलती बन जायेगी,उसके सांस भरने की वजह ही उसके सांस टुटने की वजह बन जायेगा उनकी शादी के पहली सालगिरह के दिन ही उसके पति से उसे एक ऐसा तोहफा मिला जिसने श्रीविका को अंदर तोड़ कर रख दिया ,, शांत सड़क पे दुल्हन का लाल जोड़ा पहने भरी कदमों से श्रीविका आगे बढ़ रही थी उसकी आखों से बेतहाशा आसूं बहकर थम चुकेथे पलके सुख चुके थे उसके चहरे पे कोई भाव नहीं वो स्थिर आखों से बस देखे जारही थी उसके खामोश होंठ अचानक बोलने लगे
" क्यों? क्यों?क्यों किया आपने ऐसा मेरे साथ.... गलती क्या थी मेरी... यही... के... मेने आपसे प्यार किया अपना सब कुछ दिया अपना सब कुछ माना...सब कुछ भुलके खुद को भी भुल के.... पागलों की तरह आपसे प्यार किया......क्या यही गलती थी मेरी...? और बदले में आपने मुझसे मेरा सब कुछ छीन लिया मेरे मॉम डैड को भी मुझसे छीन लिया....क्यों? आरिश क्यों? आप भी तो मुझसे प्यार करते थे न या सिर्फ ....सिर्फ ये सब मेरी नजरों का धोखा था , वो प्यार वो हमेशा साथ निभाने के वादे ये सब धोखा था झुठ था....तोड़ दिया मुझे , सब खो चुकी हु मैं अपने आप.....को आपने मां बाप को.... ,जीने कोई वजह ...नहीं बची...मेरे पास अगर...मेरा फिर जन्म हुआ तो मैं दोवारा.....प्यार के बदले ...धोखा नहीं...पाना चाहुंगी ..नाही ...आपसे दोवारा ...मिलना चाहुंगी...आरिश मिश्रा . .. मुझमें इतनी ...हिम्मत नहीं के...बदला ले सकु.. ना फिर आपका.. सामना करना.. चाहुंगी.. " अपनी बात खत्म कर उसके आखों से एकबार फिर आसूं झड़ गये सिसकिया लेते हुए अपने कलाइयो में भरी लाल चुड़ीयो की तरफ देखने लगी,,वो अंदर से काच की तरह टुट रही थी ये दर्द उसे अंदर तक तोड़ रहा था उसके कदम भारी होकर रूकते जा रहे थे आरिश के साथ बिताये हर एक हसीन पल उसके आखों के सामने से घुमने लगे मगर कुछ पलो के अंदर ही वो हसीन पल आसूंओं से भरे आखों के आगे से बिल्कुल गायब हो गये और आखों के आगे गहरा अंधेरा छा गया
एक रौशनी आई एक ट्रक सीधे उसकी तरफ बढ़ रही थी उसे देख कर भी वो अपनी जगह से नहीं हटी उसकी मौत उस्से चंद दुरीपर है पर उसके चहरे पे कही भी खौफ या घबराहट के भाव नहीं आखरी वक्त पे उसके माथे के सीकन मिट चुके थे उसके अंदर का दर्द एक मुस्कान के जरिये उसके होठों पे सज गइ उसने अब आखे मीच लिया और सिर्फ इतना ही कहा "एक खुबसूरत झुठी जिंदगी कै लिए शुक्रिया... आरिश " इन आखरी चंद शब्दों को कहने के साथ एक तेज रफ्तार से आती ट्रक ने उसे टक्कर मार दिया उसका शरीर छटक कर दूर जागिड़ा गहरे लाल रंग का जुड़ा उसके बेतहाशा बहते खुन से रंग गये चुड़िया भी उसके कलाइ में ही टुट गइ ,उसके आखों से आखरी दर्द भरी बूंद झड़ गया और आखरी सांस भरने के साथ उसकी जिंदगी खत्म होगइ,,,
क्या सच में श्रीविका की जिंदगी का अंत इसी तरह होगा? क्या उसे मिलेगी नइ जिंदगी या नहीं? जिस पति से वो इस हद तक प्यार करतीं थी के उसे अपना जिंदगी मानती थी आखिर उसने बदले में उसे इस कदर धोखा क्यों दिया ? क्यों उसकी जिंदगी को ही छीन लिया जानने के लिए पढ़े "Love Reply"
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" क्यों? क्यों?क्यों किया आपने ऐसा मेरे साथ.... गलती क्या थी मेरी... यही... के... मेने आपसे प्यार किया अपना सब कुछ दिया अपना सब कुछ माना...सब कुछ भुलके खुद को भी भुल के.... पागलों की तरह आपसे प्यार किया......क्या यही गलती थी मेरी...? और बदले में आपने मुझसे मेरा सब कुछ छीन लिया मेरे मॉम डैड को भी मुझसे छीन लिया....क्यों? आरिश क्यों? आप भी तो मुझसे प्यार करते थे न या सिर्फ ....सिर्फ ये सब मेरी नजरों का धोखा था , वो प्यार वो हमेशा साथ निभाने के वादे ये सब धोखा था झुठ था....तोड़ दिया मुझे , सब खो चुकी हु मैं अपने आप.....को आपने मां बाप को.... ,जीने कोई वजह ...नहीं बची...मेरे पास अगर...मेरा फिर जन्म हुआ तो मैं दोवारा.....प्यार के बदले ...धोखा नहीं...पाना चाहुंगी ..नाही ...आपसे दोवारा ...मिलना चाहुंगी...आरिश मिश्रा . .. मुझमें इतनी ...हिम्मत नहीं के...बदला ले सकु.. ना फिर आपका.. सामना करना.. चाहुंगी.. " अपनी बात खत्म कर उसके आखों से एकबार फिर आसूं झड़ गये सिसकिया लेते हुए अपने कलाइयो में भरी लाल चुड़ीयो की तरफ देखने लगी,,वो अंदर से काच की तरह टुट रही थी ये दर्द उसे अंदर तक तोड़ रहा था उसके कदम भारी होकर रूकते जा रहे थे आरिश के साथ बिताये हर एक हसीन पल उसके आखों के सामने से घुमने लगे मगर कुछ पलो के अंदर ही वो हसीन पल आसूंओं से भरे आखों के आगे से बिल्कुल गायब हो गये और आखों के आगे गहरा अंधेरा छा गया
एक रौशनी आई एक ट्रक सीधे उसकी तरफ बढ़ रही थी उसे देख कर भी वो अपनी जगह से नहीं हटी उसकी मौत उस्से चंद दुरीपर है पर उसके चहरे पे कही भी खौफ या घबराहट के भाव नहीं आखरी वक्त पे उसके माथे के सीकन मिट चुके थे उसके अंदर का दर्द एक मुस्कान के जरिये उसके होठों पे सज गइ उसने अब आखे मीच लिया और सिर्फ इतना ही कहा "एक खुबसूरत झुठी जिंदगी कै लिए शुक्रिया... आरिश " इन आखरी चंद शब्दों को कहने के साथ एक तेज रफ्तार से आती ट्रक ने उसे टक्कर मार दिया उसका शरीर छटक कर दूर जागिड़ा गहरे लाल रंग का जुड़ा उसके बेतहाशा बहते खुन से रंग गये चुड़िया भी उसके कलाइ में ही टुट गइ ,उसके आखों से आखरी दर्द भरी बूंद झड़ गया और आखरी सांस भरने के साथ उसकी जिंदगी खत्म होगइ,,,
क्या सच में श्रीविका की जिंदगी का अंत इसी तरह होगा? क्या उसे मिलेगी नइ जिंदगी या नहीं? जिस पति से वो इस हद तक प्यार करतीं थी के उसे अपना जिंदगी मानती थी आखिर उसने बदले में उसे इस कदर धोखा क्यों दिया ? क्यों उसकी जिंदगी को ही छीन लिया जानने के लिए पढ़े "Love Reply"
#इश्क़ दोबारा
saan
Love Replay - Chapter 9 • 27 days ago
jyoti halwai
Love Replay - Chapter 1 • 1 month ago
jyoti halwai
1 month ago
nice Episode
1 likes • Love Replay - Chapter 1No fan art available for this story yet.
itna detail me sab kuch samjh nhi aa rhi story
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