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मुझे इश्क़ है तुझी से
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मुझे इश्क़ है तुझी से

By Siya Ongoing
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और इश्क़ यहीं ख़त्म नहीं होता…
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर...
Chapter 18
Words 23.4K
Updated 13 days ago
Published Apr 21, 2026
Published Chapters
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 1 Free
Apr 21, 2026 21 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 2 Free
Apr 22, 2026 13 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 3 Free
Apr 23, 2026 5 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 4 Free
Apr 28, 2026 4 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 5 Free
Apr 30, 2026 3 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 6 Free
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 10 Free
May 10, 2026 2 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 11 Free
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 12 Free
May 18, 2026 2 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 13 Free
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May 18, 2026 2 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 15 Free
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 17 Free
May 23, 2026 1 Read
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 18 Free
May 24, 2026 1 Read
और इश्क़ यहीं ख़त्म नहीं होता…
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर भी
बस उसी एक चेहरे को ढूंढते रहो।
ये सिखाता है,
कि इंतज़ार भी मोहब्बत का हिस्सा है,
और हर मिलन के पीछे
कई बिछड़ने की दास्तां छुपी होती है।
इश्क़ में “हम” बनना आसान नहीं,
अपने “मैं” को थोड़ा-थोड़ा खोना पड़ता है,
और जो खुद को खोकर भी
खुश रह सके…
वही सच्चा आशिक़ होता है।
कभी ये अधूरी कहानी बन जाता है,
जिसे लोग सालों तक याद करते हैं,
और कभी पूरी होकर भी
दिल में एक हल्की सी कसक छोड़ जाता है।
क्योंकि इश्क़…
मुकम्मल हो या अधूरा,
ये दिल पर अपनी मोहऱ ज़रूर छोड़ जाता है,
एक ऐसी मोहऱ…
जो उम्र भर मिटती नहीं।
Soniya Kishori
★★★★★
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 2 • 1 month ago
Soniya Kishori 1 month ago

nice story 👌

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