Romance Contemporary Romance
मुझे इश्क़ है तुझी से
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और इश्क़ यहीं ख़त्म नहीं होता…
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर...
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर...
और इश्क़ यहीं ख़त्म नहीं होता…
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर भी
बस उसी एक चेहरे को ढूंढते रहो।
ये सिखाता है,
कि इंतज़ार भी मोहब्बत का हिस्सा है,
और हर मिलन के पीछे
कई बिछड़ने की दास्तां छुपी होती है।
इश्क़ में “हम” बनना आसान नहीं,
अपने “मैं” को थोड़ा-थोड़ा खोना पड़ता है,
और जो खुद को खोकर भी
खुश रह सके…
वही सच्चा आशिक़ होता है।
कभी ये अधूरी कहानी बन जाता है,
जिसे लोग सालों तक याद करते हैं,
और कभी पूरी होकर भी
दिल में एक हल्की सी कसक छोड़ जाता है।
क्योंकि इश्क़…
मुकम्मल हो या अधूरा,
ये दिल पर अपनी मोहऱ ज़रूर छोड़ जाता है,
एक ऐसी मोहऱ…
जो उम्र भर मिटती नहीं।
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर भी
बस उसी एक चेहरे को ढूंढते रहो।
ये सिखाता है,
कि इंतज़ार भी मोहब्बत का हिस्सा है,
और हर मिलन के पीछे
कई बिछड़ने की दास्तां छुपी होती है।
इश्क़ में “हम” बनना आसान नहीं,
अपने “मैं” को थोड़ा-थोड़ा खोना पड़ता है,
और जो खुद को खोकर भी
खुश रह सके…
वही सच्चा आशिक़ होता है।
कभी ये अधूरी कहानी बन जाता है,
जिसे लोग सालों तक याद करते हैं,
और कभी पूरी होकर भी
दिल में एक हल्की सी कसक छोड़ जाता है।
क्योंकि इश्क़…
मुकम्मल हो या अधूरा,
ये दिल पर अपनी मोहऱ ज़रूर छोड़ जाता है,
एक ऐसी मोहऱ…
जो उम्र भर मिटती नहीं।
Chapter
18
Words
23.4K
Updated
13 days ago
Published
Apr 21, 2026
Published Chapters
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 1
Free
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 2
Free
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 3
Free
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 4
Free
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 5
Free
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 6
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 7
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 8
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 9
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 10
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 11
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 13
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 14
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 15
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 16
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 17
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मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 18
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और इश्क़ यहीं ख़त्म नहीं होता…
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर भी
बस उसी एक चेहरे को ढूंढते रहो।
ये सिखाता है,
कि इंतज़ार भी मोहब्बत का हिस्सा है,
और हर मिलन के पीछे
कई बिछड़ने की दास्तां छुपी होती है।
इश्क़ में “हम” बनना आसान नहीं,
अपने “मैं” को थोड़ा-थोड़ा खोना पड़ता है,
और जो खुद को खोकर भी
खुश रह सके…
वही सच्चा आशिक़ होता है।
कभी ये अधूरी कहानी बन जाता है,
जिसे लोग सालों तक याद करते हैं,
और कभी पूरी होकर भी
दिल में एक हल्की सी कसक छोड़ जाता है।
क्योंकि इश्क़…
मुकम्मल हो या अधूरा,
ये दिल पर अपनी मोहऱ ज़रूर छोड़ जाता है,
एक ऐसी मोहऱ…
जो उम्र भर मिटती नहीं।
ये तो हर मोड़ पर
खुद को एक नए रंग में ढाल लेता है,
कभी बारिश की बूंद बनकर,
तो कभी सूखी धूप में भी ठंडक सा उतर आता है।
इश्क़ वो भी है,
जब दूर रहकर भी कोई,
हर रोज़ तुम्हारे पास होने का एहसास दे,
और तुम भीड़ में खड़े होकर भी
बस उसी एक चेहरे को ढूंढते रहो।
ये सिखाता है,
कि इंतज़ार भी मोहब्बत का हिस्सा है,
और हर मिलन के पीछे
कई बिछड़ने की दास्तां छुपी होती है।
इश्क़ में “हम” बनना आसान नहीं,
अपने “मैं” को थोड़ा-थोड़ा खोना पड़ता है,
और जो खुद को खोकर भी
खुश रह सके…
वही सच्चा आशिक़ होता है।
कभी ये अधूरी कहानी बन जाता है,
जिसे लोग सालों तक याद करते हैं,
और कभी पूरी होकर भी
दिल में एक हल्की सी कसक छोड़ जाता है।
क्योंकि इश्क़…
मुकम्मल हो या अधूरा,
ये दिल पर अपनी मोहऱ ज़रूर छोड़ जाता है,
एक ऐसी मोहऱ…
जो उम्र भर मिटती नहीं।
Soniya Kishori
मुझे इश्क़ है तुझी से - Chapter 2 • 1 month ago
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nice story 👌
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