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Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor
Romance romance sisters

Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor

By Writer J Ongoing
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मथुरा की पावन धरती, जहाँ हर गली में कान्हा की लीला बसती है और हर दिल में भक्ति की मधुर धुन गूंजती है। इसी पवित्र नगरी में जन्म लेती है एक ऐसी कहानी, जो केवल रिश्तों की नहीं बल्कि त्याग, प्रेम, संघर्ष और अटूट विश्वास की कहानी है। “बंधन – रिश्तों की उलझी डोर”...
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मथुरा की पावन धरती, जहाँ हर गली में कान्हा की लीला बसती है और हर दिल में भक्ति की मधुर धुन गूंजती है। इसी पवित्र नगरी में जन्म लेती है एक ऐसी कहानी, जो केवल रिश्तों की नहीं बल्कि त्याग, प्रेम, संघर्ष और अटूट विश्वास की कहानी है। “बंधन – रिश्तों की उलझी डोर” दो बहनों की उस अनकही यात्रा को सामने लाती है, जहाँ खून के रिश्तों से भी बढ़कर दिल का रिश्ता होता है।

मोही और महक—नाम अलग, उम्र अलग, लेकिन दिल एक। दोनों सौतेली बहनें हैं, मगर उनके बीच का स्नेह ऐसा है कि कोई भी यह नहीं कह सकता कि उनका रिश्ता सौतेला है। जीवन ने बचपन से ही उन्हें कठिन परीक्षाओं में डाल दिया। माता-पिता के साये के बिना पली इन दोनों बहनों के जीवन में संघर्ष ही उनकी सच्चाई बन गया। छोटी उम्र में ही मोही ने जिम्मेदारियों का बोझ अपने कंधों पर उठा लिया और अपनी छोटी बहन महक के लिए माँ, बहन और सहारा—सब कुछ बन गई।

मथुरा में अपनी बुआ के घर रहकर मोही दिन-रात मेहनत करती है। सिलाई का काम करके वह महक की पढ़ाई का खर्च उठाती है, क्योंकि उसका एक ही सपना है—महक पढ़े, आगे बढ़े और एक दिन डॉक्टर बने। दूसरी ओर महक भी अपनी जीजी के इस त्याग को समझती है और मन लगाकर पढ़ाई करती है। उसके दिल में एक ही संकल्प है—वह डॉक्टर बनकर मोही को इस कठिन जीवन से बाहर निकालेगी, उसे खुशियाँ देगी और उसका घर बसाएगी।

लेकिन हर कहानी में कुछ ऐसे मोड़ भी आते हैं जहाँ किस्मत इंसान की हिम्मत को परखती है। समाज की कठोरता, लोगों की बुरी नज़रें और हालात की मुश्किलें—इन सबके बीच यह दोनों बहनें अपने रिश्ते को थामे आगे बढ़ती रहती हैं। उनके जीवन में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट आस्था भी है, जो हर कठिन समय में उन्हें संभालने की ताकत देती है।

लड्डू गोपाल के जन्मदिन के दिन से शुरू होने वाली यह कहानी धीरे-धीरे ऐसे रहस्यों, संघर्षों और भावनाओं की परतें खोलती है, जो पाठक के दिल को छू जाती हैं। एक ओर बहनों का स्नेह है, दूसरी ओर समाज की सच्चाई और इंसानियत की परीक्षा।

क्या महक अपने सपनों को पूरा कर पाएगी?
क्या मोही के त्याग को उसका सच्चा सम्मान मिलेगा?
और क्या इन उलझे हुए रिश्तों की डोर कभी सुलझ पाएगी?

इन्हीं सवालों और भावनाओं के साथ शुरू होती है यह मार्मिक कहानी—
“बंधन – रिश्तों की उलझी डोर”, जहाँ हर मोड़ पर रिश्तों की गहराई और जीवन की सच्चाई सामने आती है।
Soniya Kishori
★★★★★
Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 4 • 3 months ago
Soniya Kishori
★★★★★
Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 1 • 3 months ago
Soniya Kishori
★★★★★
Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 5 • 3 months ago
Soniya Kishori 3 months ago

nice ch

1 likes • Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 4
Soniya Kishori 3 months ago

nice story

0 likes • Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 1
Soniya Kishori 3 months ago

nice

0 likes • Bandhan – Rishton Ki Uljhi Dor - Chapter 5
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