18+ Dark Romance
Likhi kaisi yeh meri taqdir
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सामने बेहद ही लग्जरियस गाड़ी के अंदर से पहले तो राजा निकलता है जिसके हाथ में गण होती है और उसके पीछे बेहद ही शानदार पर्सनैलिटी का इंसान जिसे देखकर ऐसा लगता था कि वह मर्दानगी का एक अलग ही नमूना था उसे जैसा तो कोई दूसरा हुआ ही नहीं होगा वेल ड्रेस सूट में भी उ...
सामने बेहद ही लग्जरियस गाड़ी के अंदर से पहले तो राजा निकलता है जिसके हाथ में गण होती है और उसके पीछे बेहद ही शानदार पर्सनैलिटी का इंसान जिसे देखकर ऐसा लगता था कि वह मर्दानगी का एक अलग ही नमूना था उसे जैसा तो कोई दूसरा हुआ ही नहीं होगा वेल ड्रेस सूट में भी उसकी अट्रैक्टिव बॉडी शो हो रही थी और उसकी चलने की नजाकत और औरा ऐसा था। वहां बैठे सारे लोग उसकी तरफ देखने लगे थे। लड़की ने भी घुंघट में ही से अपना चेहरा मोड था उसे तरफ वह सिर्फ उसके चलते हुए पांव को ही देख पा रही थी जो उसकी ही तरफ बढ़ते जा रहे थे। लीलावती ने जब यह देखा कि वह आदमी सिया की तरफ बढ़ रहा है वह तुरंत आगे आ गई"कौन हो तुम और यहां क्या कर रहे हो तुम मेरी बेटी की तरफ क्यों बढ़ रहे हो आज उसकी शादी है" युवराज ने एक नजर उसे घूर के देखा और अपनी खतरनाक और बेहद संजीदा आवाज में बोला। "बेटी हाहाहा कोठे वालों की बेटियां नहीं होती लीला बाई बस कमाने का जरिया होती है"🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥 लीलाबाई उसकी बात सुनकर अचानक से थोड़ा नर्वस हो गई थी।लेकिन फिर वह खुद पर कंट्रोल करते हुए बोली।"देखो तुम जो कोई भी हो मैं अपनी बेटी की शादी विशाल रायसेन से तय की है और उसकी शादी हो जाने दो सुना तुमने" वह तेजी से सिया की तरफ बढ़ता है। जैसी लीलाबाई और उसके आदमी उसकी तरफ बढ़ते हैं वाईएसआर के गॉड्स उनको रोक देते हैं। युवराज अब सिया के बिल्कुल पास पहुंच चुका था। और अपनी तरफ खींचा जिससे सिया का झूमर सरक गया था और दुपट्टा नीचे गिर गया था और सिया उसके सीने से जा लगी थी। युवराज सिंह राठौर जिसे दुनिया क्रुएल हार्टेड ब्लैक हार्ट इंसान के नाम से जानती थी उसको कुछ अजीब सा फील हुआ था सिया का सर अभी उसके सीने पर था और उसके लंबे बालों की सुनहरे बालों की चोटी उसकी पीठ पर थी उसकी नाजुक सा बदन अब युवराज के सामने था उसका छोटा सा ब्लाउज जो ब्लाउज ना हो के चोली थी उसके जिस्म को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रहा था। युवराज ने उसकी चोटी को अपनी सख्त मुट्ठियों में कसा और इस अपने गंभीर औरा में बोला "बहुत शौक है ना तुम्हें लोगों के दिलों से खेलने का अब तुम्हें पता चलेगा कि किसी के जिस्म से दिल से खेलने क्या होता है"🔥🔥🔥🔥🔥🔥 लेकिन जैसे ही युवराज की नजर उसकी झील सी फॉरेस्ट दिन आंखों में पड़ी उसके चेहरे पर गुस्से की जगह हैरानी आ गई थी। सिया का बेदाग चेहरा जिस पर एक बड़ी सी नथ माथे पर छोटी सी बिंदी माथे पर टीका और आंखों में काजल लरज़ते हुए न्यूड वाइन होंठ वह एक पल को उसकी खूबसूरती में खो गया था। अभी वह सिया में खोया ही हुआ था कि तभी पीछे से लीलावती कहती है "छूना भी मत मेरी बेटी को वह मेरी बेटी है और जहां मैं उसकी शादी करना चाहूंगी वही करूंगी समझे
Chapter
62
Words
66.7K
Updated
4 days ago
Published
Feb 25, 2026
Published Chapters
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Free
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Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 42
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सामने बेहद ही लग्जरियस गाड़ी के अंदर से पहले तो राजा निकलता है जिसके हाथ में गण होती है और उसके पीछे बेहद ही शानदार पर्सनैलिटी का इंसान जिसे देखकर ऐसा लगता था कि वह मर्दानगी का एक अलग ही नमूना था उसे जैसा तो कोई दूसरा हुआ ही नहीं होगा वेल ड्रेस सूट में भी उसकी अट्रैक्टिव बॉडी शो हो रही थी और उसकी चलने की नजाकत और औरा ऐसा था। वहां बैठे सारे लोग उसकी तरफ देखने लगे थे। लड़की ने भी घुंघट में ही से अपना चेहरा मोड था उसे तरफ वह सिर्फ उसके चलते हुए पांव को ही देख पा रही थी जो उसकी ही तरफ बढ़ते जा रहे थे। लीलावती ने जब यह देखा कि वह आदमी सिया की तरफ बढ़ रहा है वह तुरंत आगे आ गई"कौन हो तुम और यहां क्या कर रहे हो तुम मेरी बेटी की तरफ क्यों बढ़ रहे हो आज उसकी शादी है" युवराज ने एक नजर उसे घूर के देखा और अपनी खतरनाक और बेहद संजीदा आवाज में बोला। "बेटी हाहाहा कोठे वालों की बेटियां नहीं होती लीला बाई बस कमाने का जरिया होती है"🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥 लीलाबाई उसकी बात सुनकर अचानक से थोड़ा नर्वस हो गई थी।लेकिन फिर वह खुद पर कंट्रोल करते हुए बोली।"देखो तुम जो कोई भी हो मैं अपनी बेटी की शादी विशाल रायसेन से तय की है और उसकी शादी हो जाने दो सुना तुमने" वह तेजी से सिया की तरफ बढ़ता है। जैसी लीलाबाई और उसके आदमी उसकी तरफ बढ़ते हैं वाईएसआर के गॉड्स उनको रोक देते हैं। युवराज अब सिया के बिल्कुल पास पहुंच चुका था। और अपनी तरफ खींचा जिससे सिया का झूमर सरक गया था और दुपट्टा नीचे गिर गया था और सिया उसके सीने से जा लगी थी। युवराज सिंह राठौर जिसे दुनिया क्रुएल हार्टेड ब्लैक हार्ट इंसान के नाम से जानती थी उसको कुछ अजीब सा फील हुआ था सिया का सर अभी उसके सीने पर था और उसके लंबे बालों की सुनहरे बालों की चोटी उसकी पीठ पर थी उसकी नाजुक सा बदन अब युवराज के सामने था उसका छोटा सा ब्लाउज जो ब्लाउज ना हो के चोली थी उसके जिस्म को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रहा था। युवराज ने उसकी चोटी को अपनी सख्त मुट्ठियों में कसा और इस अपने गंभीर औरा में बोला "बहुत शौक है ना तुम्हें लोगों के दिलों से खेलने का अब तुम्हें पता चलेगा कि किसी के जिस्म से दिल से खेलने क्या होता है"🔥🔥🔥🔥🔥🔥 लेकिन जैसे ही युवराज की नजर उसकी झील सी फॉरेस्ट दिन आंखों में पड़ी उसके चेहरे पर गुस्से की जगह हैरानी आ गई थी। सिया का बेदाग चेहरा जिस पर एक बड़ी सी नथ माथे पर छोटी सी बिंदी माथे पर टीका और आंखों में काजल लरज़ते हुए न्यूड वाइन होंठ वह एक पल को उसकी खूबसूरती में खो गया था। अभी वह सिया में खोया ही हुआ था कि तभी पीछे से लीलावती कहती है "छूना भी मत मेरी बेटी को वह मेरी बेटी है और जहां मैं उसकी शादी करना चाहूंगी वही करूंगी समझे
Soniya Kishori
Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 64 • 1 month ago
Soniya Kishori
Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 63 • 2 months ago
Soniya Kishori
Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 60 • 2 months ago
Soniya Kishori
2 months ago
nice story writer 👍
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Soniya Kishori
2 months ago
very nice story
0 likes • Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 60No fan art available for this story yet.
very very nice story 👌
0 likes • Likhi kaisi yeh meri taqdir - Chapter 64