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टूटे सपनों का सफर👌
Adventure Historical Adventure

टूटे सपनों का सफर👌

By Sadia khanam Ongoing
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टूटे सपनों का सफर👌रवि का सपना था एक बड़ा संगीतकार बनने का। छोटी सी बस्ती में रहते हुए भी उसने हमेशा अपने दिल में एक धुन बचा रखी थी। बचपन से ही वह हर आवाज़ में संगीत ढूँढ़ता था—बारिश की बूँदों में, हवा की सरसराहट में, और अपनी माँ की पुकार में।पर उसके पिता न...
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टूटे सपनों का सफर👌रवि का सपना था एक बड़ा संगीतकार बनने का। छोटी सी बस्ती में रहते हुए भी उसने हमेशा अपने दिल में एक धुन बचा रखी थी। बचपन से ही वह हर आवाज़ में संगीत ढूँढ़ता था—बारिश की बूँदों में, हवा की सरसराहट में, और अपनी माँ की पुकार में।पर उसके पिता ने संगीत को कभी काम नहीं माना। उनका कहना था, “सपने पेट नहीं भरते।” रवि ने कई बार कोशिश की कि उन्हें समझा सके, लेकिन हर बार उसकी बात अधूरी रह गई।बारहवीं कक्षा के बाद उसने शहर का रुख किया। एक पुराना गिटार, कुछ अधूरे नोट्स और जेब में कुछ रुपये—बस यही उसका सहारा था। म्यूजिक कॉलेज में एडमिशन तो मिला, पर खर्चा चलाना आसान नहीं था। दिन में काम करता, रात में प्रैक्टिस करता और सुबह फिर क्लास। थका हुआ शरीर, लेकिन भीतर एक जलती लौ।फिर एक दिन उसका पहला मौका मिला—एक स्थानीय बैंड में गिटार बजाने का। मंच पर खड़े होकर जब उसने सुर छेड़े, भीड़ ने तालियों से स्वागत किया। उस रात उसने महसूस किया कि उसका सपना अब हकीकत के करीब है।लेकिन किस्मत ने जैसे खिलवाड़ कर दिया। शो के बाद लौटते समय एक्सीडेंट हुआ। हाथ की तीन उंगलियाँ बुरी तरह घायल हो गईं। डॉक्टर ने साफ कहा, “अब तुम गिटार फिर नहीं बजा सकोगे।”रवि की दुनिया जैसे बिखर गई। कुछ दिनों तक वह चुप रहा, खुद से भी बातें नहीं कीं। उसके लिए संगीत अब दर्द बन गया था।महीनों बाद, जब बारिश फिर उसी तरह बरसी, तो उसने खिड़की से बाहर देखा—बच्चों को मिट्टी में खेलते हुए, उनकी हँसी में उसे फिर वही राग सुनाई दिया। उसी पल उसे एहसास हुआ कि संगीत खोया नहीं है, बस उसके रूप बदल गए हैं।उसने अपनी टूटी उंगलियों के बावजूद कॉम्पोज़िशन सॉफ्टवेयर सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उसने गाने बनाए, कुछ ऑनलाइन डाले, और अनजाने में उसकी धुनें लाखों लोगों तक पहुँच गईं। लोग उसके संगीत में दर्द और सच्चाई महसूस करने लगे।एक दिन उसी कॉलेज से उसे बुलावा आया जहाँ से उसने पढ़ाई की थी। अब वह वहाँ बतौर म्यूजिक मेंटर चुना गया था। मंच पर खड़ा होकर उसने कहा— “शायद सपने टूटते नहीं, बस दिशा बदल लेते हैं। अगर दिल में सुर बाकी है, तो संगीत कभी खत्म नहीं होता।”उसकी आँखों में नमी थी, पर उस नमी में सुकून था। मंच के नीचे बैठे उसके पिता की आँखों में गर्व की चमक थी। वे धीरे से बोले, “बेटा, अब समझ आया—सपने पेट नहीं भरते, लेकिन ज़िंदगी भर देते हैं।”रवि मुस्कुराया। टूटे सपनों का सफर पूरा हो चुका था—और कहीं दूर, हवा में फिर वही संगीत बज रहा था, जो कभी उसकी पहचान था।रवि अब शहर के म्यूजिक कॉलेज में बतौर मेंटर काम कर रहा था। उसके विद्यार्थी उसे “सर” कहकर सम्मान देते थे, लेकिन उनके लिए वह सिर्फ शिक्षक नहीं, एक जीवंत प्रेरणा था। हर बार जब कोई विद्यार्थी असफल होने पर हार मान लेता, तो रवि मुस्कुराकर कहता, “अगर सुर तुम्हारे दिल में हैं, तो उंगलियाँ न भी हों, तुम फिर भी गा सकते हो।”वो वाक्य सिर्फ शब्द नहीं, रवि की ज़िंदगी
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