Romance Romantic Suspense
ARRANGE MARRIAGE { अरेंजमैरिज }
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" वही रुक जाओ, मिसेज प्रिया एकांश रघुवंशी।"
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेक...
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेक...
" वही रुक जाओ, मिसेज प्रिया एकांश रघुवंशी।"
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेकिन मुड़कर नहीं देखा। एकांश लंबे-लंबे कदमों से उसकी तरफ बढ़ा। उसने प्रिया की कलाई को मजबूती से पकड़ लिया – इतना कि दर्द तो न हो, लेकिन छूटने का नाम भी न ले। फिर एक झटके से उसे अपनी तरफ खींचा। प्रिया का शरीर सीधे उसके सीने से टकरा गया। गिरने से बचने के लिए उसने एक हाथ उसके सीने पर रख दिया।
अचानक खिंचाव से प्रिया की आँखें फट से खुल गईं। उसकी भूरी-भूरी, हिरनी जैसी आँखें एकांश की काली और गहरी आँखों से टकराईं। उन आँखों में सिर्फ गुस्सा और दर्द ही दिख रहा था, कुछ और नहीं।
लेकिन प्रिया उसकी नजरों को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर पाई। उसने तुरंत नजरें नीचे कर लीं – ठीक उसी हाथ पर जो अभी भी एकांश के सीने पर था।
"शाम से मुझे क्यों इग्नोर कर रही हो, मिसेज रघुवंशी? क्या वजह है? ज़रा एक्सप्लेन तो करो," एकांश ने चिढ़ और हल्के गुस्से भरी आवाज में पूछा।
प्रिया ने कुछ नहीं कहा। वो बस नजरें नीचे किए खड़ी रही। नर्वस होकर उसने नीचे का होंठ दाँतों से दबा लिया। एकांश की इतनी नजदीकी से उसकी हालत और खराब हो रही थी।
जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो एकांश ने प्रिया के दोनों कंधे पकड़ लिए और गुस्से से चिल्लाया,
"जवाब दो, डैमिट!"
"जी... जी... वो... मैं..." प्रिया हकलाते हुए बोली। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। ये पहली बार था जब वो एकांश को इतना गुस्से में देख रही थी।
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेकिन मुड़कर नहीं देखा। एकांश लंबे-लंबे कदमों से उसकी तरफ बढ़ा। उसने प्रिया की कलाई को मजबूती से पकड़ लिया – इतना कि दर्द तो न हो, लेकिन छूटने का नाम भी न ले। फिर एक झटके से उसे अपनी तरफ खींचा। प्रिया का शरीर सीधे उसके सीने से टकरा गया। गिरने से बचने के लिए उसने एक हाथ उसके सीने पर रख दिया।
अचानक खिंचाव से प्रिया की आँखें फट से खुल गईं। उसकी भूरी-भूरी, हिरनी जैसी आँखें एकांश की काली और गहरी आँखों से टकराईं। उन आँखों में सिर्फ गुस्सा और दर्द ही दिख रहा था, कुछ और नहीं।
लेकिन प्रिया उसकी नजरों को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर पाई। उसने तुरंत नजरें नीचे कर लीं – ठीक उसी हाथ पर जो अभी भी एकांश के सीने पर था।
"शाम से मुझे क्यों इग्नोर कर रही हो, मिसेज रघुवंशी? क्या वजह है? ज़रा एक्सप्लेन तो करो," एकांश ने चिढ़ और हल्के गुस्से भरी आवाज में पूछा।
प्रिया ने कुछ नहीं कहा। वो बस नजरें नीचे किए खड़ी रही। नर्वस होकर उसने नीचे का होंठ दाँतों से दबा लिया। एकांश की इतनी नजदीकी से उसकी हालत और खराब हो रही थी।
जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो एकांश ने प्रिया के दोनों कंधे पकड़ लिए और गुस्से से चिल्लाया,
"जवाब दो, डैमिट!"
"जी... जी... वो... मैं..." प्रिया हकलाते हुए बोली। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। ये पहली बार था जब वो एकांश को इतना गुस्से में देख रही थी।
Chapter
51
Words
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Updated
13 hrs ago
Published
Oct 12, 2025
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" वही रुक जाओ, मिसेज प्रिया एकांश रघुवंशी।"
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेकिन मुड़कर नहीं देखा। एकांश लंबे-लंबे कदमों से उसकी तरफ बढ़ा। उसने प्रिया की कलाई को मजबूती से पकड़ लिया – इतना कि दर्द तो न हो, लेकिन छूटने का नाम भी न ले। फिर एक झटके से उसे अपनी तरफ खींचा। प्रिया का शरीर सीधे उसके सीने से टकरा गया। गिरने से बचने के लिए उसने एक हाथ उसके सीने पर रख दिया।
अचानक खिंचाव से प्रिया की आँखें फट से खुल गईं। उसकी भूरी-भूरी, हिरनी जैसी आँखें एकांश की काली और गहरी आँखों से टकराईं। उन आँखों में सिर्फ गुस्सा और दर्द ही दिख रहा था, कुछ और नहीं।
लेकिन प्रिया उसकी नजरों को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर पाई। उसने तुरंत नजरें नीचे कर लीं – ठीक उसी हाथ पर जो अभी भी एकांश के सीने पर था।
"शाम से मुझे क्यों इग्नोर कर रही हो, मिसेज रघुवंशी? क्या वजह है? ज़रा एक्सप्लेन तो करो," एकांश ने चिढ़ और हल्के गुस्से भरी आवाज में पूछा।
प्रिया ने कुछ नहीं कहा। वो बस नजरें नीचे किए खड़ी रही। नर्वस होकर उसने नीचे का होंठ दाँतों से दबा लिया। एकांश की इतनी नजदीकी से उसकी हालत और खराब हो रही थी।
जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो एकांश ने प्रिया के दोनों कंधे पकड़ लिए और गुस्से से चिल्लाया,
"जवाब दो, डैमिट!"
"जी... जी... वो... मैं..." प्रिया हकलाते हुए बोली। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। ये पहली बार था जब वो एकांश को इतना गुस्से में देख रही थी।
उसकी खतरनाक आवाज सुनकर प्रिया के बदन में सिहरन दौड़ गई। वो गले में से निगल गई और आँखें कसकर बंद कर लीं। उसने अपनी साड़ी को इतनी जोर से पकड़ रखा था जैसे उसकी जान इसी में बंधी हो।
वो अपनी जगह पर रुक तो गई, लेकिन मुड़कर नहीं देखा। एकांश लंबे-लंबे कदमों से उसकी तरफ बढ़ा। उसने प्रिया की कलाई को मजबूती से पकड़ लिया – इतना कि दर्द तो न हो, लेकिन छूटने का नाम भी न ले। फिर एक झटके से उसे अपनी तरफ खींचा। प्रिया का शरीर सीधे उसके सीने से टकरा गया। गिरने से बचने के लिए उसने एक हाथ उसके सीने पर रख दिया।
अचानक खिंचाव से प्रिया की आँखें फट से खुल गईं। उसकी भूरी-भूरी, हिरनी जैसी आँखें एकांश की काली और गहरी आँखों से टकराईं। उन आँखों में सिर्फ गुस्सा और दर्द ही दिख रहा था, कुछ और नहीं।
लेकिन प्रिया उसकी नजरों को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर पाई। उसने तुरंत नजरें नीचे कर लीं – ठीक उसी हाथ पर जो अभी भी एकांश के सीने पर था।
"शाम से मुझे क्यों इग्नोर कर रही हो, मिसेज रघुवंशी? क्या वजह है? ज़रा एक्सप्लेन तो करो," एकांश ने चिढ़ और हल्के गुस्से भरी आवाज में पूछा।
प्रिया ने कुछ नहीं कहा। वो बस नजरें नीचे किए खड़ी रही। नर्वस होकर उसने नीचे का होंठ दाँतों से दबा लिया। एकांश की इतनी नजदीकी से उसकी हालत और खराब हो रही थी।
जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो एकांश ने प्रिया के दोनों कंधे पकड़ लिए और गुस्से से चिल्लाया,
"जवाब दो, डैमिट!"
"जी... जी... वो... मैं..." प्रिया हकलाते हुए बोली। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। ये पहली बार था जब वो एकांश को इतना गुस्से में देख रही थी।
Sonal Shalini
अरेंज मैरिज- Chapter 3 • 1 month ago
Sonal Shalini
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Sonal Shalini
अरेंज मैरिज- Chapter 1 • 1 month ago
Sonal Shalini
1 month ago
nice
0 likes • अरेंज मैरिज - Chapter 2
Sonal Shalini
1 month ago
nice story
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awesome
0 likes • अरेंज मैरिज- Chapter 3