Mystery Art Heist Mystery
तुम अब भी हो
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एक लड़का था, जिसकी ज़िंदगी में अचानक एक लड़की आई। पहले तो दोनों के बीच एक साल तक न कोई मुलाक़ात हुई, न कोई बातचीत। लेकिन किस्मत ने करवट ली और फिर धीरे-धीरे उनकी राहें मिलने लगीं। जनमाष्टमी के दिन, जब दोनों ने व्रत रखा, तो मानो कृष्ण का आशीर्वाद था कि बातों ...
एक लड़का था, जिसकी ज़िंदगी में अचानक एक लड़की आई। पहले तो दोनों के बीच एक साल तक न कोई मुलाक़ात हुई, न कोई बातचीत। लेकिन किस्मत ने करवट ली और फिर धीरे-धीरे उनकी राहें मिलने लगीं। जनमाष्टमी के दिन, जब दोनों ने व्रत रखा, तो मानो कृष्ण का आशीर्वाद था कि बातों का सिलसिला शुरू हुआ। नज़दीकियाँ बढ़ीं, यहाँ तक कि एक-दूसरे के साथ बैठकर खाना खाना और यहाँ तक कि बचा हुआ निवाला भी साझा करना उनके रिश्ते की गहराई को दिखाने लगा। लेकिन वक्त ने फिर से दूरी पैदा कर दी। अब न बातें होती हैं, न मुलाक़ातें, लेकिन उस लड़के के दिल में आज भी वही लड़की बसी है, जिसे वह पूरे अपनापन से “सोना” कहकर याद करता है।
Chapter
1
Words
1.3K
Updated
28 days ago
Published
Sep 23, 2025
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तुम अब भी हो - Chapter 1
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एक लड़का था, जिसकी ज़िंदगी में अचानक एक लड़की आई। पहले तो दोनों के बीच एक साल तक न कोई मुलाक़ात हुई, न कोई बातचीत। लेकिन किस्मत ने करवट ली और फिर धीरे-धीरे उनकी राहें मिलने लगीं। जनमाष्टमी के दिन, जब दोनों ने व्रत रखा, तो मानो कृष्ण का आशीर्वाद था कि बातों का सिलसिला शुरू हुआ। नज़दीकियाँ बढ़ीं, यहाँ तक कि एक-दूसरे के साथ बैठकर खाना खाना और यहाँ तक कि बचा हुआ निवाला भी साझा करना उनके रिश्ते की गहराई को दिखाने लगा। लेकिन वक्त ने फिर से दूरी पैदा कर दी। अब न बातें होती हैं, न मुलाक़ातें, लेकिन उस लड़के के दिल में आज भी वही लड़की बसी है, जिसे वह पूरे अपनापन से “सोना” कहकर याद करता है।
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