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इश्क़ की परछाइयाँ  🩷
Mystery Hardboiled Mystery

इश्क़ की परछाइयाँ 🩷

By Sadia khanam Completed
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💕 इश्क़ की परछाइयाँ 🩷आर्या और आदित्य की पहली मुलाकात लाइब्रेरी में हुई। एक किताब से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे उनके दिलों तक पहुँचने लगी। आर्या एक सादा लड़की थी, सपनों से भरी। वहीं आदित्य स्मार्ट और स्टाइलिश, मगर भीतर से अकेला। दोनों किताबों की बातें ...
Chapter 1
Words 1.1K
Updated 1 month ago
Published Aug 23, 2025
Published Chapters
इश्क़ की परछाइयाँ 🩷 - Chapter 1 Free
Aug 23, 2025 12 Read
💕 इश्क़ की परछाइयाँ 🩷आर्या और आदित्य की पहली मुलाकात लाइब्रेरी में हुई। एक किताब से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे उनके दिलों तक पहुँचने लगी। आर्या एक सादा लड़की थी, सपनों से भरी। वहीं आदित्य स्मार्ट और स्टाइलिश, मगर भीतर से अकेला। दोनों किताबों की बातें करते-करते एक-दूसरे की आदत बन गए। आर्या की मुस्कान अब आदित्य के दिन का सुकून थी। कॉलेज कैफेटेरिया में आदित्य ने पहली बार आर्या को कॉफी ऑफर की। वह पल दोनों के लिए बेहद खास था। धीरे-धीरे दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि दोनों बिना एक-दूसरे के दिन अधूरा मानने लगे। आर्या को आदित्य के साथ होने में सुरक्षा और अपनापन महसूस होता था। एक दिन बारिश में भीगते हुए आदित्य ने मज़ाक में कहा— “काश, ये लम्हा कभी खत्म न हो।” आर्या की धड़कनें तेज़ हो गईं। आर्या को लगने लगा कि यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़ रहा है। मगर वह कह नहीं पाती। आदित्य भी बदलने लगा था। अब उसका सारा वक्त आर्या के नाम होने लगा। क्लास में सबको लगने लगा कि दोनों एक-दूसरे के लिए बने हैं। आर्या के जन्मदिन पर आदित्य ने उसे वही किताब गिफ्ट की, जिससे उनकी दोस्ती शुरू हुई थी। किताब के बीच एक छोटा-सा नोट था— “तुम मेरी सबसे ख़ूबसूरत कहानी हो।” आर्या की आँखें भर आईं। यह इकरार भले शब्दों में न था, मगर दिल में गूंज रहा था। दोनों कॉलेज फेस्टिवल में साथ डांस करते हैं। पूरी भीड़ के बीच वे सिर्फ एक-दूसरे को देख रहे थे। मगर कहानी में मोड़ तब आया जब आदित्य के बचपन का एक दर्दनाक राज़ सामने आया। उसकी माँ को बचपन में छोड़कर उसके पिता दूसरी शादी कर चुके थे। आदित्य हमेशा अकेलापन झेलता रहा। आर्या ने उसका दर्द सुना और आँसू पोंछते हुए कहा— “अब तुम अकेले नहीं हो।” पहली बार आदित्य को किसी ने इतना अपनापन दिया था। वह आर्या की मोहब्बत को महसूस करने लगा। मगर प्यार का इम्तिहान तब आया जब आदित्य को विदेश में जॉब का ऑफर मिला। आर्या चुप हो गई। वह आदित्य को खोना नहीं चाहती थी, मगर रोक भी नहीं पा रही थी। रात को आदित्य ने उसे फोन किया और कहा— “दूरी से मोहब्बत नहीं घटती, बढ़ती है।” आदित्य चला गया। आर्या उसकी यादों में जीने लगी। लंबी दूरी के बीच उनका रिश्ता और गहरा हो गया। दोनों रोज़ कॉल और मैसेज से जुड़े रहते। मगर अचानक आदित्य की कॉल आनी बंद हो गई। आर्या बेचैन हो उठी। कई हफ्तों बाद खबर आई कि आदित्य का एक्सीडेंट हुआ है। आर्या दौड़ी-दौड़ी अस्पताल पहुँची। आदित्य की हालत नाज़ुक थी। आदित्य ने होश में आते ही सबसे पहले आर्या को पुकारा। आर्या ने उसका हाथ थामते हुए कहा— “अब चाहे कुछ भी
Sk Cooking
★★★★★
इश्क़ की परछाइयाँ 🩷 - Chapter 1 • 10 months ago
Sadia khanam
★★★★★
इश्क़ की परछाइयाँ 🩷 - Chapter 1 • 10 months ago
Sk Cooking 10 months ago

Best story

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Sadia khanam 10 months ago

Very nice story

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