Mystery High Fantasy
तेरा मेरा रिश्ता…”🩷
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तेरा मेरा रिश्ता… 🩷” पात्र आरव – एक सीरियस और मेहनती लड़का, दिल्ली में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। अनन्या – खुशमिज़ाज, चुलबुली, लेकिन दिल से बहुत मासूम लड़की। काव्या – अनन्या की बेस्ट फ्रेंड, जो कभी–कभी उनके बीच गलतफहमियाँ पैदा करती है। --- कहानी क...
तेरा मेरा रिश्ता… 🩷” पात्र आरव – एक सीरियस और मेहनती लड़का, दिल्ली में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। अनन्या – खुशमिज़ाज, चुलबुली, लेकिन दिल से बहुत मासूम लड़की। काव्या – अनन्या की बेस्ट फ्रेंड, जो कभी–कभी उनके बीच गलतफहमियाँ पैदा करती है। --- कहानी की शुरुआत दिल्ली की ठंडी शाम… 🌆 कंपनी के कॉन्फ्रेंस रूम में पहली बार आरव की नज़र अनन्या से मिली। वो ऑफिस में नई थी, और उसकी मुस्कान ने आरव के दिल को कुछ अलग ही महसूस कराया। आरव हमेशा काम में डूबा रहने वाला इंसान था, लेकिन अनन्या की हंसी और बातों ने उसकी दुनिया बदलनी शुरू कर दी। धीरे-धीरे दोनों साथ में प्रोजेक्ट्स करने लगे, मीटिंग्स के बाद छोटी-छोटी बातें करने लगे… और वहीं से एक खूबसूरत रिश्ता शुरू हुआ। --- प्यार का इज़हार ❤️ एक शाम कैफ़े में बैठकर अनन्या ने आरव से कहा: "तुम्हें पता है, तुम्हारे बिना ऑफिस बहुत सूना लगता है।" आरव थोड़ी देर चुप रहा… फिर मुस्कुराकर बोला: "और मुझे तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी लगती है।" उस लम्हे में दोनों की आँखों में वही चमक थी – मोहब्बत की पहली किरण। --- टर्निंग पॉइंट 🌩️ सब कुछ परफेक्ट चल रहा था, लेकिन तभी काव्या (अनन्या की दोस्त) ने गलतफहमियाँ पैदा कर दीं। उसने अनन्या से कहा कि आरव सिर्फ टाइम पास कर रहा है, उसका किसी और से रिश्ता है। अनन्या का भरोसा टूट गया। उसने आरव से दूरी बनानी शुरू कर दी। आरव समझ नहीं पा रहा था कि अचानक ऐसा क्यों हो रहा है। --- सच्चाई का खुलासा ✨ कई हफ़्तों की दूरी के बाद… एक दिन अनन्या ने आरव को पार्क में किसी दूसरी लड़की से बात करते देखा। वो ग़ुस्से में वहाँ पहुँची और कहा – "मुझे पता था तुम झूठे हो।" आरव शांत होकर बोला – "ये मेरी बहन है, जो अभी-अभी अमेरिका से लौटी है। काश तुम मुझसे पहले पूछ लेती, तो तुम्हें जवाब मिल जाता।" अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। उसने महसूस किया कि काव्या की बातों ने उसके प्यार पर शक करवा दिया। --- अंत – हमेशा के लिए साथ 💍 अनन्या ने आरव से माफी माँगी। आरव ने उसका हाथ पकड़कर कहा – "प्यार में शक की गुंजाइश नहीं होती… लेकिन माफ़ करने की हमेशा जगह होती है।" कुछ महीनों बाद, वही पार्क जहाँ गलतफहमी हुई थी, वहीं आरव ने अनन्या को प्रपोज़ किया… और दोनों की मोहब्बत हमेशा के लिए एक खूबसूरत रिश्ते में बदल गई। 🌹 Part 2 (इज़हार के बाद की कहानी) नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं आरव और अनन्या अब एक-दूसरे के और क़रीब आ गए थे। ऑफिस के काम के बहाने वो साथ में लंच करने लगे, कभी-कभी शाम को कॉफ़ी, और वीकेंड्स पर छोटे-छोटे आउटिंग। अनन्या की मासूम बातें और उसकी हंसी आरव की ज़िंदगी में रौशनी बन चुकी थी। आरव, जो पहले सिर्फ काम और काम में डूबा रहता था, अब हर दिन का सबसे अच्छा पल अनन्या के साथ बिताए लम्हे होते। --- दिल की धड़कनें… एक दिन दोनों ऑफिस से जल्दी निकलकर इंडिया गेट गए।
Chapter
1
Words
1.3K
Updated
2 months ago
Published
Aug 20, 2025
Published Chapters
तेरा मेरा रिश्ता…”🩷 - Chapter 2
Free
तेरा मेरा रिश्ता… 🩷” पात्र आरव – एक सीरियस और मेहनती लड़का, दिल्ली में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है। अनन्या – खुशमिज़ाज, चुलबुली, लेकिन दिल से बहुत मासूम लड़की। काव्या – अनन्या की बेस्ट फ्रेंड, जो कभी–कभी उनके बीच गलतफहमियाँ पैदा करती है। --- कहानी की शुरुआत दिल्ली की ठंडी शाम… 🌆 कंपनी के कॉन्फ्रेंस रूम में पहली बार आरव की नज़र अनन्या से मिली। वो ऑफिस में नई थी, और उसकी मुस्कान ने आरव के दिल को कुछ अलग ही महसूस कराया। आरव हमेशा काम में डूबा रहने वाला इंसान था, लेकिन अनन्या की हंसी और बातों ने उसकी दुनिया बदलनी शुरू कर दी। धीरे-धीरे दोनों साथ में प्रोजेक्ट्स करने लगे, मीटिंग्स के बाद छोटी-छोटी बातें करने लगे… और वहीं से एक खूबसूरत रिश्ता शुरू हुआ। --- प्यार का इज़हार ❤️ एक शाम कैफ़े में बैठकर अनन्या ने आरव से कहा: "तुम्हें पता है, तुम्हारे बिना ऑफिस बहुत सूना लगता है।" आरव थोड़ी देर चुप रहा… फिर मुस्कुराकर बोला: "और मुझे तुम्हारे बिना ज़िंदगी अधूरी लगती है।" उस लम्हे में दोनों की आँखों में वही चमक थी – मोहब्बत की पहली किरण। --- टर्निंग पॉइंट 🌩️ सब कुछ परफेक्ट चल रहा था, लेकिन तभी काव्या (अनन्या की दोस्त) ने गलतफहमियाँ पैदा कर दीं। उसने अनन्या से कहा कि आरव सिर्फ टाइम पास कर रहा है, उसका किसी और से रिश्ता है। अनन्या का भरोसा टूट गया। उसने आरव से दूरी बनानी शुरू कर दी। आरव समझ नहीं पा रहा था कि अचानक ऐसा क्यों हो रहा है। --- सच्चाई का खुलासा ✨ कई हफ़्तों की दूरी के बाद… एक दिन अनन्या ने आरव को पार्क में किसी दूसरी लड़की से बात करते देखा। वो ग़ुस्से में वहाँ पहुँची और कहा – "मुझे पता था तुम झूठे हो।" आरव शांत होकर बोला – "ये मेरी बहन है, जो अभी-अभी अमेरिका से लौटी है। काश तुम मुझसे पहले पूछ लेती, तो तुम्हें जवाब मिल जाता।" अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। उसने महसूस किया कि काव्या की बातों ने उसके प्यार पर शक करवा दिया। --- अंत – हमेशा के लिए साथ 💍 अनन्या ने आरव से माफी माँगी। आरव ने उसका हाथ पकड़कर कहा – "प्यार में शक की गुंजाइश नहीं होती… लेकिन माफ़ करने की हमेशा जगह होती है।" कुछ महीनों बाद, वही पार्क जहाँ गलतफहमी हुई थी, वहीं आरव ने अनन्या को प्रपोज़ किया… और दोनों की मोहब्बत हमेशा के लिए एक खूबसूरत रिश्ते में बदल गई। 🌹 Part 2 (इज़हार के बाद की कहानी) नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं आरव और अनन्या अब एक-दूसरे के और क़रीब आ गए थे। ऑफिस के काम के बहाने वो साथ में लंच करने लगे, कभी-कभी शाम को कॉफ़ी, और वीकेंड्स पर छोटे-छोटे आउटिंग। अनन्या की मासूम बातें और उसकी हंसी आरव की ज़िंदगी में रौशनी बन चुकी थी। आरव, जो पहले सिर्फ काम और काम में डूबा रहता था, अब हर दिन का सबसे अच्छा पल अनन्या के साथ बिताए लम्हे होते। --- दिल की धड़कनें… एक दिन दोनों ऑफिस से जल्दी निकलकर इंडिया गेट गए।
Fk Khan
तेरा मेरा रिश्ता…”🩷 - Chapter 2 • 7 months ago
Sadia khanam
तेरा मेरा रिश्ता…”🩷 - Chapter 1 • 10 months ago
Sk Cooking
तेरा मेरा रिश्ता…”🩷 - Chapter 1 • 10 months ago
Sadia khanam
10 months ago
🩷
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I’m addicted to this story now! 🔥
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