Thriller Thriller Suspense
इश्क दफन ए राज
4
Views
0
Likes
0
Bookmarks
0
Ratings
ये मेरी पहली कहानी होगी या होने वाली होगी जो शायद पुरी हो जाए बस इसी चाह से लिख रही हूं बाकी कोई विश्वास नहीं है अधुरी भी रह सकती है 😌 अगर कोई नहीं पढ़ेगा तो आगे नहीं बढेगी और गलती से कोई इक्का दुक्का पढ़ लिया तो हो ही जाएगी पुरी तो इसी के साथ कहानी शुरू क...
ये मेरी पहली कहानी होगी या होने वाली होगी जो शायद पुरी हो जाए बस इसी चाह से लिख रही हूं बाकी कोई विश्वास नहीं है अधुरी भी रह सकती है 😌 अगर कोई नहीं पढ़ेगा तो आगे नहीं बढेगी और गलती से कोई इक्का दुक्का पढ़ लिया तो हो ही जाएगी पुरी तो इसी के साथ कहानी शुरू करते हैं कहानी का परिचय _ये कहानी है दो लड़कियों वान्या और अधि के जीवन में आने वाले मोड़ के लिए जिससे की उनकी जिंदगी में कुछ खोफनाख बदलाव आने वाले हैं और कुछ विचित्र परिस्थितियों से उनका सामना होगा और इन्हीं परिस्थितियों में उनके जीवन में कई तरह के सवाल आएंगे और उन्हीं सवालों जवाबों का है ये सफर.... रात के अंधेरे में वो दो जोड़ी क़दम बढ़े जा रहे थे... तभी अचानक से किसी आहट से वही थम कर जमीन से लग कर रह गए एक डर का अहसास हुआ बहुत सारी हिम्मत जुटाकर उन कदमों ने अपनी दिशा बदली पर वहां रात के सन्नाटे के अलावा कुछ और दिखाई नहीं दिया...! एक साया जो कहीं से छिपी नजरों से उसकी ओर देख रहा था.... एक काली परछाई जो कि उसके पीछे कुछ ही दुर पर थी, वो कदम फिर बढ़ने लगे कि फिर वही जम गए इस बार आहट नहीं अहसास था जिसे झुठलाया नहीं जा सकता था और हिम्मत तो जवाब दे ही चुकी थी कंधे पर टिके उस हाथ ने दिल दहला देने वाला भय उत्पन्न कर दिया था और साथ में माहौल को और भयानक बना रहा था रात का वो हद से बढ़कर सन्नाटा और उन कदमों की जमावट और उसके शरीर से उठती कम्कमपी देख कर पीछे से एक भयानक हंसी की आवाज आई जिसे सुन कर किसी का भी दिल कांप उठे तभी हंसी ने एक आवाज का रूप लिया " मैंने कहा था ना अकेले नहीं कर पाएगी तु तुने तो यहीं दिखा दिया या डरपोकडी़ है तु" ये जानी पहचानी आवाज उसके दिल को एक राहत देती है वो खुद को निर्भय दिखाने के लिए तेजी से पीछे मुड़कर उसको कहती हैं" तु तो आने भी नहीं वाली थी ना फिर अब क्युं मर रही है " वो उसकी तरफ देख कर एक तिरछी मुस्कान देते हुए कहती हैं मैं आई क्योंकि ये तेरे अकेली के बस का काम नहीं है 😏 तुझे मेरे जैसे प्रोफ़ेशनल की जरूरत पड़ेगी 😌 वो उसको बिना कोई भाव के उसकी तरफ न देखते हुए चिढ़ भरा जवाब देती है" प्रोफेशनल तो ऐसे बोल रही है जैसे कोई महान कृत्य करने जा रही है 🙄 चोरी करने जा रहे हैं वो उसकी बात सुनकर झट से उसके आगे आते हुए उसके कंधे जोर से पकड़ते हुए कहती हैं एएएए ये काम भी बहुत मेहनत का है और चोरी नहीं हाथ की सफाई कहते हैं इसे ये एक आर्ट है आर्ट हुंह तेरे जैसे डरपोक लोग आते हैं माल भी उड़ाते हैं और ज्ञान भी दे जाते हैं बड़ी आई चोरी वाली, चोरी तो तुम जैसे अमीर करते हैं 😏 हम तो तुम
Chapter
0
Words
0
Updated
Recently
Published
Unscheduled
No chapters available yet.
ये मेरी पहली कहानी होगी या होने वाली होगी जो शायद पुरी हो जाए बस इसी चाह से लिख रही हूं बाकी कोई विश्वास नहीं है अधुरी भी रह सकती है 😌 अगर कोई नहीं पढ़ेगा तो आगे नहीं बढेगी और गलती से कोई इक्का दुक्का पढ़ लिया तो हो ही जाएगी पुरी तो इसी के साथ कहानी शुरू करते हैं कहानी का परिचय _ये कहानी है दो लड़कियों वान्या और अधि के जीवन में आने वाले मोड़ के लिए जिससे की उनकी जिंदगी में कुछ खोफनाख बदलाव आने वाले हैं और कुछ विचित्र परिस्थितियों से उनका सामना होगा और इन्हीं परिस्थितियों में उनके जीवन में कई तरह के सवाल आएंगे और उन्हीं सवालों जवाबों का है ये सफर.... रात के अंधेरे में वो दो जोड़ी क़दम बढ़े जा रहे थे... तभी अचानक से किसी आहट से वही थम कर जमीन से लग कर रह गए एक डर का अहसास हुआ बहुत सारी हिम्मत जुटाकर उन कदमों ने अपनी दिशा बदली पर वहां रात के सन्नाटे के अलावा कुछ और दिखाई नहीं दिया...! एक साया जो कहीं से छिपी नजरों से उसकी ओर देख रहा था.... एक काली परछाई जो कि उसके पीछे कुछ ही दुर पर थी, वो कदम फिर बढ़ने लगे कि फिर वही जम गए इस बार आहट नहीं अहसास था जिसे झुठलाया नहीं जा सकता था और हिम्मत तो जवाब दे ही चुकी थी कंधे पर टिके उस हाथ ने दिल दहला देने वाला भय उत्पन्न कर दिया था और साथ में माहौल को और भयानक बना रहा था रात का वो हद से बढ़कर सन्नाटा और उन कदमों की जमावट और उसके शरीर से उठती कम्कमपी देख कर पीछे से एक भयानक हंसी की आवाज आई जिसे सुन कर किसी का भी दिल कांप उठे तभी हंसी ने एक आवाज का रूप लिया " मैंने कहा था ना अकेले नहीं कर पाएगी तु तुने तो यहीं दिखा दिया या डरपोकडी़ है तु" ये जानी पहचानी आवाज उसके दिल को एक राहत देती है वो खुद को निर्भय दिखाने के लिए तेजी से पीछे मुड़कर उसको कहती हैं" तु तो आने भी नहीं वाली थी ना फिर अब क्युं मर रही है " वो उसकी तरफ देख कर एक तिरछी मुस्कान देते हुए कहती हैं मैं आई क्योंकि ये तेरे अकेली के बस का काम नहीं है 😏 तुझे मेरे जैसे प्रोफ़ेशनल की जरूरत पड़ेगी 😌 वो उसको बिना कोई भाव के उसकी तरफ न देखते हुए चिढ़ भरा जवाब देती है" प्रोफेशनल तो ऐसे बोल रही है जैसे कोई महान कृत्य करने जा रही है 🙄 चोरी करने जा रहे हैं वो उसकी बात सुनकर झट से उसके आगे आते हुए उसके कंधे जोर से पकड़ते हुए कहती हैं एएएए ये काम भी बहुत मेहनत का है और चोरी नहीं हाथ की सफाई कहते हैं इसे ये एक आर्ट है आर्ट हुंह तेरे जैसे डरपोक लोग आते हैं माल भी उड़ाते हैं और ज्ञान भी दे जाते हैं बड़ी आई चोरी वाली, चोरी तो तुम जैसे अमीर करते हैं 😏 हम तो तुम
No ratings yet.
No comments yet.
No fan art available for this story yet.