Thriller Thriller Suspense
क़ैद तेरे इश्क़ की
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होटल के संकरे कॉरिडोर से एक लड़की को दो लड़के घसीटते हुए ले जा रहे थे। उसकी आंखें लाल थीं और कदम लड़खड़ा रहे थे। उसके चेहरे से साफ़ पता चल रहा था कि वह नशे में थी। नशे में होने के बावजूद, वह अपनी पूरी ताकत से खुद को उन लड़कों से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। ...
होटल के संकरे कॉरिडोर से एक लड़की को दो लड़के घसीटते हुए ले जा रहे थे। उसकी आंखें लाल थीं और कदम लड़खड़ा रहे थे। उसके चेहरे से साफ़ पता चल रहा था कि वह नशे में थी। नशे में होने के बावजूद, वह अपनी पूरी ताकत से खुद को उन लड़कों से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।
उन दोनों लड़कों का मकसद साफ़ था, लेकिन तभी अचानक उन्हें किसी के कदमों की आहट सुनाई दी। आहट सुनते ही दोनों लड़कों के चेहरे पर डर की छाया उभर आई।
"रोनित, इसे पकड़ कर रख। मैं देखता हूँ कौन है," एक लड़का फुसफुसाया। रोनित, जिसने उस लड़की को कसकर पकड़ा हुआ था, सिर हिला देता है।
जैसे ही उसका साथी आगे बढ़ा, रोनित का फोन बज उठा। वह लड़की को छोड़ एक कोने में जाकर फोन पर बात करने लगा। होटल की बेसमेंट में... उसी समय, होटल की अंधेरी बेसमेंट में एक आदमी को कुर्सी पर बाँध कर रखा गया था। उसके चारों ओर कई गार्ड खड़े थे, लेकिन उनके माथे से पसीना चू रहा था। और गिरता भी क्यों न, आखिर उनके सामने मौत का देवता बैठा हुआ था।
सामने कुर्सी पर एक आदमी, जिसकी आँखें क्रूरता से भरी थीं, अपने हाथ में पकड़ी गन को स्टाइल से घुमाते हुए धीरे-धीरे बोला, "शर्मा, तुझे क्या लगा, तू मेरे साथ गद्दारी करेगा और मुझे पता नहीं चलेगा?"
आखिर कौन था ये आदमी?ओर कौन थी वो लड़की जिसे वो लड़के ले जा रहे थे?जानने के लिए पढ़िए मेरी स्टोरी कैद तेरे इश्क़ की.......
उन दोनों लड़कों का मकसद साफ़ था, लेकिन तभी अचानक उन्हें किसी के कदमों की आहट सुनाई दी। आहट सुनते ही दोनों लड़कों के चेहरे पर डर की छाया उभर आई।
"रोनित, इसे पकड़ कर रख। मैं देखता हूँ कौन है," एक लड़का फुसफुसाया। रोनित, जिसने उस लड़की को कसकर पकड़ा हुआ था, सिर हिला देता है।
जैसे ही उसका साथी आगे बढ़ा, रोनित का फोन बज उठा। वह लड़की को छोड़ एक कोने में जाकर फोन पर बात करने लगा। होटल की बेसमेंट में... उसी समय, होटल की अंधेरी बेसमेंट में एक आदमी को कुर्सी पर बाँध कर रखा गया था। उसके चारों ओर कई गार्ड खड़े थे, लेकिन उनके माथे से पसीना चू रहा था। और गिरता भी क्यों न, आखिर उनके सामने मौत का देवता बैठा हुआ था।
सामने कुर्सी पर एक आदमी, जिसकी आँखें क्रूरता से भरी थीं, अपने हाथ में पकड़ी गन को स्टाइल से घुमाते हुए धीरे-धीरे बोला, "शर्मा, तुझे क्या लगा, तू मेरे साथ गद्दारी करेगा और मुझे पता नहीं चलेगा?"
आखिर कौन था ये आदमी?ओर कौन थी वो लड़की जिसे वो लड़के ले जा रहे थे?जानने के लिए पढ़िए मेरी स्टोरी कैद तेरे इश्क़ की.......
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होटल के संकरे कॉरिडोर से एक लड़की को दो लड़के घसीटते हुए ले जा रहे थे। उसकी आंखें लाल थीं और कदम लड़खड़ा रहे थे। उसके चेहरे से साफ़ पता चल रहा था कि वह नशे में थी। नशे में होने के बावजूद, वह अपनी पूरी ताकत से खुद को उन लड़कों से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।
उन दोनों लड़कों का मकसद साफ़ था, लेकिन तभी अचानक उन्हें किसी के कदमों की आहट सुनाई दी। आहट सुनते ही दोनों लड़कों के चेहरे पर डर की छाया उभर आई।
"रोनित, इसे पकड़ कर रख। मैं देखता हूँ कौन है," एक लड़का फुसफुसाया। रोनित, जिसने उस लड़की को कसकर पकड़ा हुआ था, सिर हिला देता है।
जैसे ही उसका साथी आगे बढ़ा, रोनित का फोन बज उठा। वह लड़की को छोड़ एक कोने में जाकर फोन पर बात करने लगा। होटल की बेसमेंट में... उसी समय, होटल की अंधेरी बेसमेंट में एक आदमी को कुर्सी पर बाँध कर रखा गया था। उसके चारों ओर कई गार्ड खड़े थे, लेकिन उनके माथे से पसीना चू रहा था। और गिरता भी क्यों न, आखिर उनके सामने मौत का देवता बैठा हुआ था।
सामने कुर्सी पर एक आदमी, जिसकी आँखें क्रूरता से भरी थीं, अपने हाथ में पकड़ी गन को स्टाइल से घुमाते हुए धीरे-धीरे बोला, "शर्मा, तुझे क्या लगा, तू मेरे साथ गद्दारी करेगा और मुझे पता नहीं चलेगा?"
आखिर कौन था ये आदमी?ओर कौन थी वो लड़की जिसे वो लड़के ले जा रहे थे?जानने के लिए पढ़िए मेरी स्टोरी कैद तेरे इश्क़ की.......
उन दोनों लड़कों का मकसद साफ़ था, लेकिन तभी अचानक उन्हें किसी के कदमों की आहट सुनाई दी। आहट सुनते ही दोनों लड़कों के चेहरे पर डर की छाया उभर आई।
"रोनित, इसे पकड़ कर रख। मैं देखता हूँ कौन है," एक लड़का फुसफुसाया। रोनित, जिसने उस लड़की को कसकर पकड़ा हुआ था, सिर हिला देता है।
जैसे ही उसका साथी आगे बढ़ा, रोनित का फोन बज उठा। वह लड़की को छोड़ एक कोने में जाकर फोन पर बात करने लगा। होटल की बेसमेंट में... उसी समय, होटल की अंधेरी बेसमेंट में एक आदमी को कुर्सी पर बाँध कर रखा गया था। उसके चारों ओर कई गार्ड खड़े थे, लेकिन उनके माथे से पसीना चू रहा था। और गिरता भी क्यों न, आखिर उनके सामने मौत का देवता बैठा हुआ था।
सामने कुर्सी पर एक आदमी, जिसकी आँखें क्रूरता से भरी थीं, अपने हाथ में पकड़ी गन को स्टाइल से घुमाते हुए धीरे-धीरे बोला, "शर्मा, तुझे क्या लगा, तू मेरे साथ गद्दारी करेगा और मुझे पता नहीं चलेगा?"
आखिर कौन था ये आदमी?ओर कौन थी वो लड़की जिसे वो लड़के ले जा रहे थे?जानने के लिए पढ़िए मेरी स्टोरी कैद तेरे इश्क़ की.......
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