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Mere Professor Saheb
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रूहानी शर्मा— एक शर्मीली, सादगी से भरी लड़की, वो ज़्यादा बोलती नहीं, पर जब भी बोलती है तो दिल से और हमेशा मुस्कुराते रहती थी। वो मानती है कि प्यार ही ज़िंदगी का असली रंग है।
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देख...
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देख...
रूहानी शर्मा— एक शर्मीली, सादगी से भरी लड़की, वो ज़्यादा बोलती नहीं, पर जब भी बोलती है तो दिल से और हमेशा मुस्कुराते रहती थी। वो मानती है कि प्यार ही ज़िंदगी का असली रंग है।
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देखना तो ईद की चांद देखने की तरह होता था। जो दुनिया से नहीं, सिर्फ अपनी family से प्यार करता है। वो मानता है कि प्यार एक धोखा है... एक कमजोरी।
जब ये दो बिल्कुल उलटी सोच वाले इंसान कॉलेज में पहली बार टकराते हैं, जहां एकांश रूहानी का प्रोफेसर था, वहीं रुहानी स्टूडेंट।
एक वो जो प्यार को इबादत मानती है और एक वो जो प्यार को ख्वाब मानने से भी डरता है।
क्या रूहानी की मासूमियत एकांश के प्यार पर भरोसा दिला पाएगा? क्या होगा जब रूहानी के सामने आएगी एकांश की सच्चाई? क्या किस्मत उन्हें एक साथ जोड़ पाएगी?
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देखना तो ईद की चांद देखने की तरह होता था। जो दुनिया से नहीं, सिर्फ अपनी family से प्यार करता है। वो मानता है कि प्यार एक धोखा है... एक कमजोरी।
जब ये दो बिल्कुल उलटी सोच वाले इंसान कॉलेज में पहली बार टकराते हैं, जहां एकांश रूहानी का प्रोफेसर था, वहीं रुहानी स्टूडेंट।
एक वो जो प्यार को इबादत मानती है और एक वो जो प्यार को ख्वाब मानने से भी डरता है।
क्या रूहानी की मासूमियत एकांश के प्यार पर भरोसा दिला पाएगा? क्या होगा जब रूहानी के सामने आएगी एकांश की सच्चाई? क्या किस्मत उन्हें एक साथ जोड़ पाएगी?
Chapter
113
Words
188.3K
Updated
9 hrs ago
Published
May 03, 2025
Published Chapters
Mere Professor Saheb - Chapter 1 शादी के बाद नाक काट दोगी
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Mere Professor Saheb - Chapter 2 पहली मुलाकात और पहली किस
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Mere Professor Saheb - Chapter 3 इसी क्लास में
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Mere Professor Saheb - Chapter 4 सपने में रोमांस
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Mere Professor Saheb - Chapter 5 रूही की चोट और एकांश की केयर
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Mere Professor Saheb - Chapter 6 पागल है बिलकुल
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Mere Professor Saheb - Chapter 7 अक्वॉर्ड मूमेंट और एकांश का जुनून
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Mere Professor Saheb - Chapter 8 सिर्फ मेरा हक होगा
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Mere Professor Saheb - Chapter 9 मैने तुम्हे जाने के लिए नही कहां
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Mere Professor Saheb - Chapter 10 नजदीकियां
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Mere Professor Saheb - Chapter 11 रूही और एकांश की पहली किस
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Mere Professor Saheb - Chapter 12 रूही का एकांश से डरना
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Chapter 13 एकांश की माफी और तुम्हे हर दिन मेरे साथ
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Chapter 14 रूही की फीलिंग
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Chapter 15 अनीता जी की खुशी
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Chapter 16 मुझे तुम्हारी सांसे सुनना है
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Chapter 17 कॉलेज रोमांस
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Chapter 18 रूही और एकांश की करीबी
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Chapter 19 Romance and रूही का झूठ बोलना
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Chapter 20 सर की गर्ल फ्रेंड
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Chapter 21 रूही का एकांश का कॉलर पकड़ना
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Chapter 22 एकांश की हसी
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Chapter 23 एकांश रूही के रूम में
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Chapter 24 एकांश का रूही को परेशान करना
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Chapter 25 रूही और एकांश का रोमांस
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Chapter 26 तुम मेरी हो और हमेशा मेरी हो रहोगी
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Chapter 27 रूही का एकांश को किस करना
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Chapter 28 रूही को अपने प्यार का एहसास होना
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Chapter 29 ड्रग्स
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Chapter 30 एकांश का असली पहचान
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Chapter 31 एकांश का रोना
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Chapter 32 एकांश का रूही को थप्पड़ मारना और एकांश का गुस्सा
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Chapter 33 क्यू भरोसा नहीं है
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Chapter 34 एकांश का जलन
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Chapter 35 एकांश को मनाने का प्लान
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Chapter 36 एकांश का रूही को माफ करना
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Chapter 37 एकांश और रूही की करीबी
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Chapter 38 एकांश और रूही का एक होना
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Chapter 39 एकांश की केयर
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Chapter 40 रूही की शरारत
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रूहानी शर्मा— एक शर्मीली, सादगी से भरी लड़की, वो ज़्यादा बोलती नहीं, पर जब भी बोलती है तो दिल से और हमेशा मुस्कुराते रहती थी। वो मानती है कि प्यार ही ज़िंदगी का असली रंग है।
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देखना तो ईद की चांद देखने की तरह होता था। जो दुनिया से नहीं, सिर्फ अपनी family से प्यार करता है। वो मानता है कि प्यार एक धोखा है... एक कमजोरी।
जब ये दो बिल्कुल उलटी सोच वाले इंसान कॉलेज में पहली बार टकराते हैं, जहां एकांश रूहानी का प्रोफेसर था, वहीं रुहानी स्टूडेंट।
एक वो जो प्यार को इबादत मानती है और एक वो जो प्यार को ख्वाब मानने से भी डरता है।
क्या रूहानी की मासूमियत एकांश के प्यार पर भरोसा दिला पाएगा? क्या होगा जब रूहानी के सामने आएगी एकांश की सच्चाई? क्या किस्मत उन्हें एक साथ जोड़ पाएगी?
दूसरी ओर है एकांश सिंघानिया — गुस्से वाला, बेरुखा। उस की मुस्कान देखना तो ईद की चांद देखने की तरह होता था। जो दुनिया से नहीं, सिर्फ अपनी family से प्यार करता है। वो मानता है कि प्यार एक धोखा है... एक कमजोरी।
जब ये दो बिल्कुल उलटी सोच वाले इंसान कॉलेज में पहली बार टकराते हैं, जहां एकांश रूहानी का प्रोफेसर था, वहीं रुहानी स्टूडेंट।
एक वो जो प्यार को इबादत मानती है और एक वो जो प्यार को ख्वाब मानने से भी डरता है।
क्या रूहानी की मासूमियत एकांश के प्यार पर भरोसा दिला पाएगा? क्या होगा जब रूहानी के सामने आएगी एकांश की सच्चाई? क्या किस्मत उन्हें एक साथ जोड़ पाएगी?
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Mere Professor Saheb - Chapter 1 शादी के बाद नाक काट दोगी • 4 days ago
Neha Kumari
Mere Professor Saheb - Chapter 2 पहली मुलाकात और पहली किस • 2 months ago
Neha Kumari
Mere Professor Saheb - Chapter 1 शादी के बाद नाक काट दोगी • 2 months ago
Neha Kumari
2 months ago
supur
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Neha Kumari
2 months ago
nice story
0 likes • Mere Professor Saheb - Chapter 1 शादी के बाद नाक काट दोगीNo fan art available for this story yet.
good start
0 likes • Mere Professor Saheb - Chapter 1 शादी के बाद नाक काट दोगी