Science Fiction Hard Science Fiction
Anokha sansar
0
Views
0
Likes
0
Bookmarks
0
Ratings
वो कहते हैं ना... जीवन एक पहेली है। यहां हमें अगले पल की भी खबर नहीं रहती... इस जीवन में हमारे साथ कभी भी, कुछ भी घटित हो सकता है... ऐसा ही कुछ हुआ वर्तिका के साथ...
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लग...
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लग...
वो कहते हैं ना... जीवन एक पहेली है। यहां हमें अगले पल की भी खबर नहीं रहती... इस जीवन में हमारे साथ कभी भी, कुछ भी घटित हो सकता है... ऐसा ही कुछ हुआ वर्तिका के साथ...
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लगती थी। उसका गेहुंआ रंग उसके फेस कटिंग के हिसाब से उसपर खूब जंचता था। वो पूना में रहती है। वैसे तो कोई कमी नहीं है उसके पास... अच्छी जाॅब है, फैमिली है... लेकिन उसे उसकी लाइफ बहुत बोरिंग लगती थी। रोज सुबह जल्दी उठना, फिर रैडी होकर जाॅब पर जाना, फिर शाम तक घर आ जाना, खाने की टेबल पर थोडी़ देर फैमिली से दो-चार बातें कर लेना, और बाद में सो जाना... बस यही उसका रुटीन था। हां उसे फ्री रहने के लिए संडे का दिन ज़रूर मिलता था, पर वो सिर्फ कहने के लिए ही छुट्टी का दिन था... क्योंकि उस दिन उसके सर पर पचास तरह के काम आ जाते थे... तो छुट्टी वाले दिन भी एन्जाॅय करना बहुत दूर की बात थी।
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लगती थी। उसका गेहुंआ रंग उसके फेस कटिंग के हिसाब से उसपर खूब जंचता था। वो पूना में रहती है। वैसे तो कोई कमी नहीं है उसके पास... अच्छी जाॅब है, फैमिली है... लेकिन उसे उसकी लाइफ बहुत बोरिंग लगती थी। रोज सुबह जल्दी उठना, फिर रैडी होकर जाॅब पर जाना, फिर शाम तक घर आ जाना, खाने की टेबल पर थोडी़ देर फैमिली से दो-चार बातें कर लेना, और बाद में सो जाना... बस यही उसका रुटीन था। हां उसे फ्री रहने के लिए संडे का दिन ज़रूर मिलता था, पर वो सिर्फ कहने के लिए ही छुट्टी का दिन था... क्योंकि उस दिन उसके सर पर पचास तरह के काम आ जाते थे... तो छुट्टी वाले दिन भी एन्जाॅय करना बहुत दूर की बात थी।
Chapter
0
Words
0
Updated
Recently
Published
Unscheduled
No chapters available yet.
वो कहते हैं ना... जीवन एक पहेली है। यहां हमें अगले पल की भी खबर नहीं रहती... इस जीवन में हमारे साथ कभी भी, कुछ भी घटित हो सकता है... ऐसा ही कुछ हुआ वर्तिका के साथ...
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लगती थी। उसका गेहुंआ रंग उसके फेस कटिंग के हिसाब से उसपर खूब जंचता था। वो पूना में रहती है। वैसे तो कोई कमी नहीं है उसके पास... अच्छी जाॅब है, फैमिली है... लेकिन उसे उसकी लाइफ बहुत बोरिंग लगती थी। रोज सुबह जल्दी उठना, फिर रैडी होकर जाॅब पर जाना, फिर शाम तक घर आ जाना, खाने की टेबल पर थोडी़ देर फैमिली से दो-चार बातें कर लेना, और बाद में सो जाना... बस यही उसका रुटीन था। हां उसे फ्री रहने के लिए संडे का दिन ज़रूर मिलता था, पर वो सिर्फ कहने के लिए ही छुट्टी का दिन था... क्योंकि उस दिन उसके सर पर पचास तरह के काम आ जाते थे... तो छुट्टी वाले दिन भी एन्जाॅय करना बहुत दूर की बात थी।
वर्तिका... एक सिम्पल सी लड़की... देखने मे बहुत ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी... पर ठीक-ठाक लगती थी। उसका गेहुंआ रंग उसके फेस कटिंग के हिसाब से उसपर खूब जंचता था। वो पूना में रहती है। वैसे तो कोई कमी नहीं है उसके पास... अच्छी जाॅब है, फैमिली है... लेकिन उसे उसकी लाइफ बहुत बोरिंग लगती थी। रोज सुबह जल्दी उठना, फिर रैडी होकर जाॅब पर जाना, फिर शाम तक घर आ जाना, खाने की टेबल पर थोडी़ देर फैमिली से दो-चार बातें कर लेना, और बाद में सो जाना... बस यही उसका रुटीन था। हां उसे फ्री रहने के लिए संडे का दिन ज़रूर मिलता था, पर वो सिर्फ कहने के लिए ही छुट्टी का दिन था... क्योंकि उस दिन उसके सर पर पचास तरह के काम आ जाते थे... तो छुट्टी वाले दिन भी एन्जाॅय करना बहुत दूर की बात थी।
No ratings yet.
No comments yet.
No fan art available for this story yet.