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Bound by Hearts
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When fate ties two strangers with an invisible thread of love...
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़ि...
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़ि...
When fate ties two strangers with an invisible thread of love...
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़िरी साँसें ले रहा था... लेकिन शिव की आँखों के सामने सिर्फ़ वो लड़की थी—डरी हुई, कांपती हुई, और फिर भी हिम्मत से भरी।
वो उसे बचा चुका था... लेकिन उसका नाम तक नहीं जान पाया।
बस एक चीज़ बची थी उसके पास—वो झुमका, जो उस लड़की के गिरते वक़्त टूट गया था।
वो चेहरा... अब भी उसकी आँखों में था, लेकिन धुंधला।
दिल में था... लेकिन बेनाम।
उधर, गौरी को भी नहीं मालूम था कि उसका रक्षक कौन था।
लेकिन उसके दिल के किसी कोने में उस अनजाने शख्स के लिए एक अजीब सी मोहब्बत घर कर चुकी थी—जिसने बिना कुछ माँगे, उसकी जान बचाई थी।
वक़्त बीता।
किस्मत ने खेल खेला।
बिना चेहरा देखे, बिना नाम जाने... दो रूहों का रिश्ता तय हो गया।
तस्वीरें बदलती रहीं, लेकिन दिल का जुड़ाव... पहले से ही लिखा हुआ था।
---
और जब पहली बार मुलाक़ात हुई...
शिव, जिसे इंकार करना था, ठिठक गया।
क्योंकि उसके सामने वही लड़की खड़ी थी... जिसकी आँखों में वो झुमका अब भी चमक रहा था।
---
“Bound by Hearts” एक ऐसी कहानी है जो बताती है—प्यार सिर्फ़ देख कर नहीं होता। कभी-कभी, एक दर्द, एक एहसास, एक अधूरी मुलाक़ात… ज़िंदगी बदल देती है।
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़िरी साँसें ले रहा था... लेकिन शिव की आँखों के सामने सिर्फ़ वो लड़की थी—डरी हुई, कांपती हुई, और फिर भी हिम्मत से भरी।
वो उसे बचा चुका था... लेकिन उसका नाम तक नहीं जान पाया।
बस एक चीज़ बची थी उसके पास—वो झुमका, जो उस लड़की के गिरते वक़्त टूट गया था।
वो चेहरा... अब भी उसकी आँखों में था, लेकिन धुंधला।
दिल में था... लेकिन बेनाम।
उधर, गौरी को भी नहीं मालूम था कि उसका रक्षक कौन था।
लेकिन उसके दिल के किसी कोने में उस अनजाने शख्स के लिए एक अजीब सी मोहब्बत घर कर चुकी थी—जिसने बिना कुछ माँगे, उसकी जान बचाई थी।
वक़्त बीता।
किस्मत ने खेल खेला।
बिना चेहरा देखे, बिना नाम जाने... दो रूहों का रिश्ता तय हो गया।
तस्वीरें बदलती रहीं, लेकिन दिल का जुड़ाव... पहले से ही लिखा हुआ था।
---
और जब पहली बार मुलाक़ात हुई...
शिव, जिसे इंकार करना था, ठिठक गया।
क्योंकि उसके सामने वही लड़की खड़ी थी... जिसकी आँखों में वो झुमका अब भी चमक रहा था।
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“Bound by Hearts” एक ऐसी कहानी है जो बताती है—प्यार सिर्फ़ देख कर नहीं होता। कभी-कभी, एक दर्द, एक एहसास, एक अधूरी मुलाक़ात… ज़िंदगी बदल देती है।
Chapter
302
Words
643.2K
Updated
9 hrs ago
Published
Apr 25, 2025
Published Chapters
Bound by Hearts - Chapter 1
Free
Bound by Hearts - Chapter 2
Free
Bound by Hearts - Chapter 3
Free
Bound by Hearts - Chapter 4
Free
Bound by Hearts - Chapter 5
Free
Bound by Hearts - Chapter 6
Free
Bound by Hearts - Chapter 7
Free
Bound by Hearts - Chapter 8
Free
Bound by Hearts - Chapter 9
Free
Bound by Hearts - Chapter 10
Free
Bound by Hearts - Chapter 11
Free
Bound by Hearts - Chapter 12
Free
Bound by Hearts - Chapter 13
Free
Bound by Hearts - Chapter 14
Free
Bound by Hearts - Chapter 15
Free
Bound by Hearts - Chapter 16
Free
Bound by Hearts - Chapter 17
Free
Bound by Hearts - Chapter 18
Free
Bound by Hearts - Chapter 19
Free
Bound by Hearts - Chapter 20
Free
Bound by Hearts - Chapter 21
Free
Bound by Hearts - Chapter 22
Free
Bound by Hearts - Chapter 23
Free
Bound by Hearts - Chapter 24
Free
Bound by Hearts - Chapter 25
Free
Bound by Hearts - Chapter 26
Free
Bound by Hearts - Chapter 27
Free
Bound by Hearts - Chapter 28
Free
Bound by Hearts - Chapter 29
Free
Bound by Hearts - Chapter 30
Free
Bound by Hearts - Chapter 31
Free
Bound by Hearts - Chapter 32
Free
Bound by Hearts - Chapter 33
Free
Bound by Hearts - Chapter 34
Free
Bound by Hearts - Chapter 35
Free
Bound by Hearts - Chapter 36
Free
Bound by Hearts - Chapter 37
Free
Bound by Hearts - Chapter 38
Free
Bound by Hearts - Chapter 39
Free
Bound by Hearts - Chapter 40
Free
When fate ties two strangers with an invisible thread of love...
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़िरी साँसें ले रहा था... लेकिन शिव की आँखों के सामने सिर्फ़ वो लड़की थी—डरी हुई, कांपती हुई, और फिर भी हिम्मत से भरी।
वो उसे बचा चुका था... लेकिन उसका नाम तक नहीं जान पाया।
बस एक चीज़ बची थी उसके पास—वो झुमका, जो उस लड़की के गिरते वक़्त टूट गया था।
वो चेहरा... अब भी उसकी आँखों में था, लेकिन धुंधला।
दिल में था... लेकिन बेनाम।
उधर, गौरी को भी नहीं मालूम था कि उसका रक्षक कौन था।
लेकिन उसके दिल के किसी कोने में उस अनजाने शख्स के लिए एक अजीब सी मोहब्बत घर कर चुकी थी—जिसने बिना कुछ माँगे, उसकी जान बचाई थी।
वक़्त बीता।
किस्मत ने खेल खेला।
बिना चेहरा देखे, बिना नाम जाने... दो रूहों का रिश्ता तय हो गया।
तस्वीरें बदलती रहीं, लेकिन दिल का जुड़ाव... पहले से ही लिखा हुआ था।
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और जब पहली बार मुलाक़ात हुई...
शिव, जिसे इंकार करना था, ठिठक गया।
क्योंकि उसके सामने वही लड़की खड़ी थी... जिसकी आँखों में वो झुमका अब भी चमक रहा था।
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“Bound by Hearts” एक ऐसी कहानी है जो बताती है—प्यार सिर्फ़ देख कर नहीं होता। कभी-कभी, एक दर्द, एक एहसास, एक अधूरी मुलाक़ात… ज़िंदगी बदल देती है।
“झुमके का एक टुकड़ा उसके लहूलुहान हाथ में रह गया था... और वो लड़की—धुंध में जैसे गुम हो गई थी।”
चारों तरफ़ गोलियों की आवाज़ें गूंज रही थीं।
बर्फ़ीली पहाड़ियों में वो मिशन आख़िरी साँसें ले रहा था... लेकिन शिव की आँखों के सामने सिर्फ़ वो लड़की थी—डरी हुई, कांपती हुई, और फिर भी हिम्मत से भरी।
वो उसे बचा चुका था... लेकिन उसका नाम तक नहीं जान पाया।
बस एक चीज़ बची थी उसके पास—वो झुमका, जो उस लड़की के गिरते वक़्त टूट गया था।
वो चेहरा... अब भी उसकी आँखों में था, लेकिन धुंधला।
दिल में था... लेकिन बेनाम।
उधर, गौरी को भी नहीं मालूम था कि उसका रक्षक कौन था।
लेकिन उसके दिल के किसी कोने में उस अनजाने शख्स के लिए एक अजीब सी मोहब्बत घर कर चुकी थी—जिसने बिना कुछ माँगे, उसकी जान बचाई थी।
वक़्त बीता।
किस्मत ने खेल खेला।
बिना चेहरा देखे, बिना नाम जाने... दो रूहों का रिश्ता तय हो गया।
तस्वीरें बदलती रहीं, लेकिन दिल का जुड़ाव... पहले से ही लिखा हुआ था।
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और जब पहली बार मुलाक़ात हुई...
शिव, जिसे इंकार करना था, ठिठक गया।
क्योंकि उसके सामने वही लड़की खड़ी थी... जिसकी आँखों में वो झुमका अब भी चमक रहा था।
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“Bound by Hearts” एक ऐसी कहानी है जो बताती है—प्यार सिर्फ़ देख कर नहीं होता। कभी-कभी, एक दर्द, एक एहसास, एक अधूरी मुलाक़ात… ज़िंदगी बदल देती है।
Varsha Ahirwar
Bound by Hearts - Chapter 301 • 3 days ago
Varsha Ahirwar
Bound by Hearts - Chapter 300 • 3 days ago
shama gupta
Bound by Hearts - Chapter 299 • 5 days ago
Varsha Ahirwar
3 days ago
very very very nice chapter
0 likes • Bound by Hearts - Chapter 300
shama gupta
5 days ago
too good👍
0 likes • Bound by Hearts - Chapter 299No fan art available for this story yet.
emotional 😭🥺 chapter
0 likes • Bound by Hearts - Chapter 301