Romance Romantic Suspense
अ प्रॉमिस बियोंड द टाइम
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"प्यार की शुरुआत हमेशा शोर से नहीं होती… कभी-कभी उसकी जड़ें ख़ामोशी में पनपती हैं। 'अंशुवर' एक ऐसी ही कहानी है, जहाँ नज़रों ने वो कह दिया जो ज़ुबां कभी कह नहीं पाई। पहली मुलाक़ात में ही जब उनकी आँखें टकराईं, वक्त जैसे ठहर गया। भीड़ में मौजूद सैकड़ों आवाज़ें...
"प्यार की शुरुआत हमेशा शोर से नहीं होती… कभी-कभी उसकी जड़ें ख़ामोशी में पनपती हैं। 'अंशुवर' एक ऐसी ही कहानी है, जहाँ नज़रों ने वो कह दिया जो ज़ुबां कभी कह नहीं पाई। पहली मुलाक़ात में ही जब उनकी आँखें टकराईं, वक्त जैसे ठहर गया। भीड़ में मौजूद सैकड़ों आवाज़ें अचानक खो गईं, और बस दो दिलों की धड़कनें ही सबसे ऊँची गूंजने लगीं।वो नज़र, जो अनकहे सवालों से भरी थी… और वो नज़र, जो बिना बोले जवाब दे गई। इस पल में न कोई इकरार था, न कोई इनकार फिर भी दोनों की रूहों ने मानो किसी पुराने वादे को याद कर लिया। हर मुस्कान, हर खामोशी, हर छोटी सी दूरी भी जैसे एक नया अध्याय लिख रही थी। ‘अंशुवर’ सिर्फ़ दो किरदारों की दास्तां नहीं, बल्कि उस एहसास की यात्रा है जहाँ नज़रें बोलती हैं, दिल सुनता है और आत्मा समझती है। यह कहानी है उन धड़कनों की, जो शब्दों से परे हैं… और उस मोहब्बत की, जिसका पहला इज़हार सिर्फ़ आँखों ने किया।"
Chapter
26
Words
38.7K
Updated
29 days ago
Published
Apr 14, 2025
Published Chapters
Chapter 1
Free
Chapter 2
Free
Chapter 3
Free
Chapter 4
Free
Chapter 5
Free
Chapter 6
Free
Chapter 7
Free
Chapter 8
Free
Chapter 9
Free
Chapter 10
Free
Chapter 11
Free
Chapter 12
Free
Chapter 13
Free
Chapter 14
Free
Chapter 15
Free
Chapter 16
Free
Chapter 17
Free
Chapter 18
Free
Chapter 19
Free
Chapter 20
Free
Chapter 21
Free
Chapter 22
Free
Chapter 23
Free
Chapter 24
Free
Chapter 25
Free
Chapter 26
Free
"प्यार की शुरुआत हमेशा शोर से नहीं होती… कभी-कभी उसकी जड़ें ख़ामोशी में पनपती हैं। 'अंशुवर' एक ऐसी ही कहानी है, जहाँ नज़रों ने वो कह दिया जो ज़ुबां कभी कह नहीं पाई। पहली मुलाक़ात में ही जब उनकी आँखें टकराईं, वक्त जैसे ठहर गया। भीड़ में मौजूद सैकड़ों आवाज़ें अचानक खो गईं, और बस दो दिलों की धड़कनें ही सबसे ऊँची गूंजने लगीं।वो नज़र, जो अनकहे सवालों से भरी थी… और वो नज़र, जो बिना बोले जवाब दे गई। इस पल में न कोई इकरार था, न कोई इनकार फिर भी दोनों की रूहों ने मानो किसी पुराने वादे को याद कर लिया। हर मुस्कान, हर खामोशी, हर छोटी सी दूरी भी जैसे एक नया अध्याय लिख रही थी। ‘अंशुवर’ सिर्फ़ दो किरदारों की दास्तां नहीं, बल्कि उस एहसास की यात्रा है जहाँ नज़रें बोलती हैं, दिल सुनता है और आत्मा समझती है। यह कहानी है उन धड़कनों की, जो शब्दों से परे हैं… और उस मोहब्बत की, जिसका पहला इज़हार सिर्फ़ आँखों ने किया।"
AANCHAL AANCH
Chapter 23 • 8 months ago
AANCHAL AANCH
Chapter 19 • 8 months ago
AANCHAL AANCH
Chapter 26 • 8 months ago
ObsidianWriter
1 year ago
👍👍👍
1 likes • Chapter 1
ObsidianWriter
1 year ago
nice chapter,,, bahut acha likha hai aap ne ,,,
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The world-building is so well done! 🌍
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